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Noida News: लाठी-डंडों से पिटाई के आरोपियों को मिली राहत
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(अदालत से)
लाठी-डंडों से पिटाई के आरोपियों को मिली राहत
ग्रेटर नोएडा। सत्र न्यायाधीश की अदालत ने ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र में लाठी-डंडों और कट्टों से हमला करने के आरोप में जेल में बंद दो आरोपियों इब्राहीम व राहुल को जमानत दे दी है। अदालत ने माना कि प्रकरण में दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश का मामला प्रतीत होता है। किसी भी पक्ष को जानलेवा चोट लगने का साक्ष्य नहीं मिला है।
प्रकरण के अनुसार वादी अतर मोहम्मद ने 27 सितंबर को केस दर्ज कराया था। पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर वादी मोहम्मद और उसके भाइयों पर लाठी-डंडों और कट्टे से हमला किया। अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी के भाईयों को सिर सहित शरीर के कई हिस्सों पर चोटें आई थीं। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि आरोपी को गांव की पुरानी रजिश के चलते झूठा फंसाया गया है। घटना के समय किसी प्रकार का जानलेवा हमला नहीं हुआ था। बल्कि बाइक के कुत्ते से टकरा जाने पर कुछ लोगों को हल्की चोटें आई थीं। जिसे बाद में झगड़े का रूप दे दिया गया। अदालत ने केस डायरी और मेडिकल रिपोर्टों को देखने के बाद कहा का जमानत का आधार पर्याप्त है। इसलिए आरोपियों को जमानत दी है।
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लाठी-डंडों से पिटाई के आरोपियों को मिली राहत
ग्रेटर नोएडा। सत्र न्यायाधीश की अदालत ने ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र में लाठी-डंडों और कट्टों से हमला करने के आरोप में जेल में बंद दो आरोपियों इब्राहीम व राहुल को जमानत दे दी है। अदालत ने माना कि प्रकरण में दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश का मामला प्रतीत होता है। किसी भी पक्ष को जानलेवा चोट लगने का साक्ष्य नहीं मिला है।
प्रकरण के अनुसार वादी अतर मोहम्मद ने 27 सितंबर को केस दर्ज कराया था। पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर वादी मोहम्मद और उसके भाइयों पर लाठी-डंडों और कट्टे से हमला किया। अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी के भाईयों को सिर सहित शरीर के कई हिस्सों पर चोटें आई थीं। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि आरोपी को गांव की पुरानी रजिश के चलते झूठा फंसाया गया है। घटना के समय किसी प्रकार का जानलेवा हमला नहीं हुआ था। बल्कि बाइक के कुत्ते से टकरा जाने पर कुछ लोगों को हल्की चोटें आई थीं। जिसे बाद में झगड़े का रूप दे दिया गया। अदालत ने केस डायरी और मेडिकल रिपोर्टों को देखने के बाद कहा का जमानत का आधार पर्याप्त है। इसलिए आरोपियों को जमानत दी है।
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