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Noida News: जिला अस्पताल मे रैंप निर्माण पर ब्रेक, डिजाइन-तकनीकी मंजूरी में उलझी प्रक्रिया
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आपातकालीन स्थिति से निपटने व मरीजों को सुरक्षित निकालने के लिए रैंप की व्यवस्था आवश्यक,
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित रैंप निर्माण फिलहाल फाइलों में अटक गया है। अस्पताल प्रशासन ने भवन में रैंप बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन डिजाइन तैयार करने और तकनीकी परीक्षण के लिए एजेंसी की ओर से अलग से करीब 28 लाख रुपये की मांग किए जाने पर मामला अटक गया। अब शासन के निर्देशानुसार डिजाइन, तकनीकी परीक्षण और निर्माण की पूरी लागत को एक साथ प्रस्तावित किया जाएगा। इसके बाद ही रैंप निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
शासन का पत्र मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने रैंप निर्माण की मौजूदा प्रक्रिया रोक दी है। अब डिजाइन तैयार करने वाली एजेंसी और निर्माण एजेंसी से दोबारा बातचीत की जाएगी। संशोधित प्रस्ताव तैयार होने के बाद ही उसे शासन के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस पूरी प्रक्रिया में अभी कुछ समय लग सकता है। जानकारी के अनुसार, 240 बेड क्षमता वाले इस आठ मंजिला जिला अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों के आवागमन के लिए फिलहाल केवल लिफ्ट और सीढ़ियों की व्यवस्था है। अस्पताल भवन को नोएडा प्राधिकरण करीब दो साल पहले स्वास्थ्य विभाग को सौंप चुका है, लेकिन अब तक यहां रैंप का निर्माण नहीं हो सका है। नियमानुसार बहुमंजिला अस्पतालों में रैंप की व्यवस्था होना आवश्यक है, ताकि आग या अन्य आपातकालीन स्थिति में लिफ्ट बंद होने पर मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
शासन से प्राप्त निर्देशों के अनुसार अब एजेंसियों से बातचीत कर संयुक्त प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। - डॉ. अशोक कुमार झा, सीएमएस
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संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित रैंप निर्माण फिलहाल फाइलों में अटक गया है। अस्पताल प्रशासन ने भवन में रैंप बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन डिजाइन तैयार करने और तकनीकी परीक्षण के लिए एजेंसी की ओर से अलग से करीब 28 लाख रुपये की मांग किए जाने पर मामला अटक गया। अब शासन के निर्देशानुसार डिजाइन, तकनीकी परीक्षण और निर्माण की पूरी लागत को एक साथ प्रस्तावित किया जाएगा। इसके बाद ही रैंप निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
शासन का पत्र मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने रैंप निर्माण की मौजूदा प्रक्रिया रोक दी है। अब डिजाइन तैयार करने वाली एजेंसी और निर्माण एजेंसी से दोबारा बातचीत की जाएगी। संशोधित प्रस्ताव तैयार होने के बाद ही उसे शासन के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस पूरी प्रक्रिया में अभी कुछ समय लग सकता है। जानकारी के अनुसार, 240 बेड क्षमता वाले इस आठ मंजिला जिला अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों के आवागमन के लिए फिलहाल केवल लिफ्ट और सीढ़ियों की व्यवस्था है। अस्पताल भवन को नोएडा प्राधिकरण करीब दो साल पहले स्वास्थ्य विभाग को सौंप चुका है, लेकिन अब तक यहां रैंप का निर्माण नहीं हो सका है। नियमानुसार बहुमंजिला अस्पतालों में रैंप की व्यवस्था होना आवश्यक है, ताकि आग या अन्य आपातकालीन स्थिति में लिफ्ट बंद होने पर मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
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शासन से प्राप्त निर्देशों के अनुसार अब एजेंसियों से बातचीत कर संयुक्त प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। - डॉ. अशोक कुमार झा, सीएमएस