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Noida News: राजकुमार चौहान ने कांग्रेस का हाथ छोड़ा
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उत्तर पश्चिम दिल्ली सीट से उदित राज का टिकट देने से हैं नाराज
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05 साल में दूसरी बार पार्टी से इस्तीफा दिया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
शीला सरकार में 12 साल तक मंत्री रहे राजकुमार चौहान ने टिकट न मिलने पर पांच साल के दौरान दूसरी बार कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इसके पीछे प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया के व्यवहार को कारण बताया है। वे उत्तर पश्चिम दिल्ली क्षेत्र से टिकट मांग रहे थे। उन्होंने टिकट न मिलने पर तीन दिन पहले बैठक में विरोध भी किया था। इस दौरान बाबरिया से नोकझोंक भी हुई थी। इस बारे में उनके खिलाफ पार्टी में एक शिकायत भी की गई है। यह शिकायत कार्रवाई के लिए आलाकमान के पास भेजी गई है, लेकिन उन्होंने शिकायत का निपटारा होने से पहले कांग्रेस छोड़ दी।
उदित राज को टिकट देने से राजकुमार काफी आहत थे। तीन दिन पहले प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया के साथ बैठक में वह अपनी भावना पर काबू नहीं सके और उन्होंने टिकट न मिलने की पीड़ा उजागर की थी। इस दौरान बाबरिया ने उन्हें फटकार लगा दी थी। इस घटना के अगले दिन प्रदेश कार्यालय में तीनों उम्मीदवारों का मीडिया के समक्ष परिचय कराने के लिए बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन के दौरान चौहान के समर्थकों ने हंगामा किया था। इस पूरे मामले में प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने मंगलवार को चौहान के खिलाफ शिकायत पर स्वयं कार्रवाई करने की जगह उसे आलाकमान के पास भेज दिया था।
आठ माह तक रहे थे भाजपा में
राजकुमार ने वर्ष 2019 में भी उत्तर पश्चिम दिल्ली क्षेत्र से टिकट मांगा था, लेकिन उस दौरान भी टिकट नहीं मिला था। इसके विरोध में वे मतदान होने से एक दिन पहले भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा में आठ माह तक रहने के बाद वर्ष 2020 में विधानसभा चुनाव से एक माह पहले वापस कांग्रेस में आ गए थे। उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने से पहले पार्टी नेता सोनिया गांधी से मुलाकात भी की थी।
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05 साल में दूसरी बार पार्टी से इस्तीफा दिया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
शीला सरकार में 12 साल तक मंत्री रहे राजकुमार चौहान ने टिकट न मिलने पर पांच साल के दौरान दूसरी बार कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इसके पीछे प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया के व्यवहार को कारण बताया है। वे उत्तर पश्चिम दिल्ली क्षेत्र से टिकट मांग रहे थे। उन्होंने टिकट न मिलने पर तीन दिन पहले बैठक में विरोध भी किया था। इस दौरान बाबरिया से नोकझोंक भी हुई थी। इस बारे में उनके खिलाफ पार्टी में एक शिकायत भी की गई है। यह शिकायत कार्रवाई के लिए आलाकमान के पास भेजी गई है, लेकिन उन्होंने शिकायत का निपटारा होने से पहले कांग्रेस छोड़ दी।
उदित राज को टिकट देने से राजकुमार काफी आहत थे। तीन दिन पहले प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया के साथ बैठक में वह अपनी भावना पर काबू नहीं सके और उन्होंने टिकट न मिलने की पीड़ा उजागर की थी। इस दौरान बाबरिया ने उन्हें फटकार लगा दी थी। इस घटना के अगले दिन प्रदेश कार्यालय में तीनों उम्मीदवारों का मीडिया के समक्ष परिचय कराने के लिए बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन के दौरान चौहान के समर्थकों ने हंगामा किया था। इस पूरे मामले में प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने मंगलवार को चौहान के खिलाफ शिकायत पर स्वयं कार्रवाई करने की जगह उसे आलाकमान के पास भेज दिया था।
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आठ माह तक रहे थे भाजपा में
राजकुमार ने वर्ष 2019 में भी उत्तर पश्चिम दिल्ली क्षेत्र से टिकट मांगा था, लेकिन उस दौरान भी टिकट नहीं मिला था। इसके विरोध में वे मतदान होने से एक दिन पहले भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा में आठ माह तक रहने के बाद वर्ष 2020 में विधानसभा चुनाव से एक माह पहले वापस कांग्रेस में आ गए थे। उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने से पहले पार्टी नेता सोनिया गांधी से मुलाकात भी की थी।
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