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Noida News: फोनरवा चुनाव
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फोटो
योगेन्द्र शर्मा की हैट्रिक रोकने के लिए राजीव गर्ग मैदान में
- फोनरवा चुनाव के लिए अलग-अलग आरडब्ल्यूए को अपने पक्ष में करने में जुटें प्रत्याशी
- 2006 से 2019 तक अध्यक्ष रहे एनपी सिंह इस बार नहीं लड़ेंगे चुनाव
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। फेडेरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (फोनरवा) के चुनावों में निवर्तमान वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव गर्ग अध्यक्ष पद के लिए मैदान में होंगे। मौजूदा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा कर उन्होंने सभी को चौंका दिया है। वहीं, करीब 13 साल तक फोनरवा के अध्यक्ष रहे एनपी सिंह ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया है। 19 नवंबर को प्रस्तावित फोनरवा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
22 अक्टूबर को फोनरवा कार्यालय में एजीएम बैठक बुलाई गई है। इसमें निवर्तमान अध्यक्ष को भी घेरने की तैयारी विपक्षी पैनल की है। एजीएम में इस बार भी हंगामा के आसार दिख रहे हैं। फोनरवा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव गर्ग और ओपी यादव का कहना है कि पहली बार योगेन्द्र शर्मा इस शर्त पर आए थे कि दो साल बाद वह अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ेंगे। कोरोना आने के कारण उन्होने एक मौका और मांगा। राजीव गर्ग ने बताया कि कमेटी से उनका नाम अध्यक्ष पद के लिए स्वीकृत हुआ है। वहीं, महासचिव के लिए जेपी उप्पल का नाम फाइनल किया गया है। जेपी उप्पल पंजाबी समाज के अध्यक्ष भी इसी साल बनाए गए हैं। इस मामले में फोनरवा अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा का कहना है कि चुनाव के दौरान इस तरह के आरोप गलत हैं। मैने कोई समय सीमा बढ़ाने की बात नहीं की। राजीव गर्ग खुद भी कई सालों से एक ही पद पर जमे हैं। संगठन सबसे ऊपर है जो वह तय करेगा। वही फैसला मान्य होगा। फोनरवा महासचिव केके जैन ने उनके इस बयान पर अपनी सहमति दी है।
पदों में बदलाव जरूरी
फोनरवा उपाध्यक्ष पवन यादव ने कहा, फोनरवा टीम में हर बार पदों में बदलाव होना चाहिए। कोई भी पदाधिकारी एक बड़े पद पर बार-बार चुनाव नहीं लड़े। वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओपी यादव कभी योगेन्द्र शर्मा के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते थे, लेकिन अब विरोधी खेमे के साथ हैं। पूर्व उपाध्यक्ष सतपाल यादव भी पूरी तरीके से खुलकर राजीव गर्ग का समर्थन कर रहे हैं। फोनरवा के पूर्व मुख्य सलाहकार व सेक्टर-99 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष रिषिपाल अवाना समेत कई वरिष्ठ लोग भी इस बार फोनरवा की वर्तमान टीम के खिलाफ है।
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सक्रियता बढ़ाई
फोनरवा अध्यक्ष अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा पिछले दिनों कई सेक्टरों में जाकर समस्याओं के बारे में जानकारी ले चुके हैं। वहीं, विपक्ष का पैनल भी आंतरिक तौर पर आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों से संपर्क कर रहा है।
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योगेन्द्र शर्मा की हैट्रिक रोकने के लिए राजीव गर्ग मैदान में
- फोनरवा चुनाव के लिए अलग-अलग आरडब्ल्यूए को अपने पक्ष में करने में जुटें प्रत्याशी
- 2006 से 2019 तक अध्यक्ष रहे एनपी सिंह इस बार नहीं लड़ेंगे चुनाव
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। फेडेरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (फोनरवा) के चुनावों में निवर्तमान वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव गर्ग अध्यक्ष पद के लिए मैदान में होंगे। मौजूदा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा कर उन्होंने सभी को चौंका दिया है। वहीं, करीब 13 साल तक फोनरवा के अध्यक्ष रहे एनपी सिंह ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया है। 19 नवंबर को प्रस्तावित फोनरवा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
22 अक्टूबर को फोनरवा कार्यालय में एजीएम बैठक बुलाई गई है। इसमें निवर्तमान अध्यक्ष को भी घेरने की तैयारी विपक्षी पैनल की है। एजीएम में इस बार भी हंगामा के आसार दिख रहे हैं। फोनरवा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव गर्ग और ओपी यादव का कहना है कि पहली बार योगेन्द्र शर्मा इस शर्त पर आए थे कि दो साल बाद वह अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ेंगे। कोरोना आने के कारण उन्होने एक मौका और मांगा। राजीव गर्ग ने बताया कि कमेटी से उनका नाम अध्यक्ष पद के लिए स्वीकृत हुआ है। वहीं, महासचिव के लिए जेपी उप्पल का नाम फाइनल किया गया है। जेपी उप्पल पंजाबी समाज के अध्यक्ष भी इसी साल बनाए गए हैं। इस मामले में फोनरवा अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा का कहना है कि चुनाव के दौरान इस तरह के आरोप गलत हैं। मैने कोई समय सीमा बढ़ाने की बात नहीं की। राजीव गर्ग खुद भी कई सालों से एक ही पद पर जमे हैं। संगठन सबसे ऊपर है जो वह तय करेगा। वही फैसला मान्य होगा। फोनरवा महासचिव केके जैन ने उनके इस बयान पर अपनी सहमति दी है।
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पदों में बदलाव जरूरी
फोनरवा उपाध्यक्ष पवन यादव ने कहा, फोनरवा टीम में हर बार पदों में बदलाव होना चाहिए। कोई भी पदाधिकारी एक बड़े पद पर बार-बार चुनाव नहीं लड़े। वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओपी यादव कभी योगेन्द्र शर्मा के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते थे, लेकिन अब विरोधी खेमे के साथ हैं। पूर्व उपाध्यक्ष सतपाल यादव भी पूरी तरीके से खुलकर राजीव गर्ग का समर्थन कर रहे हैं। फोनरवा के पूर्व मुख्य सलाहकार व सेक्टर-99 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष रिषिपाल अवाना समेत कई वरिष्ठ लोग भी इस बार फोनरवा की वर्तमान टीम के खिलाफ है।
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सक्रियता बढ़ाई
फोनरवा अध्यक्ष अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा पिछले दिनों कई सेक्टरों में जाकर समस्याओं के बारे में जानकारी ले चुके हैं। वहीं, विपक्ष का पैनल भी आंतरिक तौर पर आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों से संपर्क कर रहा है।