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खत्म होगा 12 साल का इंतजार: मार्च में शुरू होगा छपरौला आरओबी, मिलेगा एक और रास्ता, जाम से भी मिलेगी राहत

Tue, 07 Jan 2025 02:07 PM IST
अनुज कुमार अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 07 Jan 2025 02:07 PM IST
सार

इंजीनियर शिवम ने बताया कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट से लोग गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर और जीटी रोड से होते हुए सिकंदराबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़ सहित कई शहरों में जाते हैं, लेकिन छपरौला रेलवे फाटक के कारण उन्हें घंटों फंसना पड़ता है।

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railway over bridge being constructed near Roza Jalalpur village Gn West will open in March
छपरौली में निर्माणाधीन रेलवे ओवर ब्रिज  - फोटो : मर  उजाला

विस्तार

ग्रेनो वेस्ट में रोजा जलालपुर गांव के पास बन रहा रेलवे ओवर ब्रिज मार्च में शुरू हो जाएगा। जिसके साथ ही गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, नोएडा और ग्रेनो वेस्ट के लाखों लोगों का 12 साल का इंतजार खत्म होगा। आरओबी का निर्माण कार्य करीब 90 प्रतिशत पूरा हो चुका हैं। बाकी 10 प्रतिशत काम फरवरी में पूरा हो जाएगा। आरओबी शुरू होने के साथ ही लोगों को गाजियाबाद और ग्रेनो वेस्ट के बीच एक और रास्ता मिल जाएगा। जिससे जाम से भी राहत मिलेगी।

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दिल्ली-हावड़ा लाइन पर छपरौला फाटक के पास आरओबी बनाने के लिए 2012-13 में भारतीय रेलवे और राज्य सरकार के बीच एक करार हुआ था। इस आरओबी को बनाने के लिए करीब 84.43 करोड़ की लागत में से 38.25 करोड़ रुपये रेलवे को देने थे, जबकि 46.18 करोड़ रुपये राज्य सरकार की ओर से वहन किए जाने थे। रेलवे ने ओवरब्रिज साल 2019 में तैयार कर लिया, जबकि पीडब्ल्यूडी की ओर से एप्रोच रोड नहीं बनाई गई। जिसके कारण काम रुक गया। करीब चार साल से अधूरे पड़े कार्य को पूरा कराने के लिए रेलवे बोर्ड ने एक नई पॉलिसी बनाई है। इसमें दो-लेन रोड ओवरब्रिज का पूरा निर्माण रेल प्रशासन की ओर से कराया जाना तय किया गया। इसके लिए प्रयागराज मंडल की ओर से टेंडर प्रक्रिया को 27 जून को पूरा कर लिया गया। रेलवे ओवरब्रिज अपने अंतिम चरण में है।
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ईंधन के साथ ही समय भी बचेगा
इंजीनियर शिवम ने बताया कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट से लोग गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर और जीटी रोड से होते हुए सिकंदराबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़ सहित कई शहरों में जाते हैं, लेकिन छपरौला रेलवे फाटक के कारण उन्हें घंटों फंसना पड़ता है। जाम से बचने के लिए लाखों लोग प्रतिदिन शाहबेरी और दादरी से होते हुए निकलते हैं, जिससे लोगों को अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। इस ओवरब्रिज के मार्च में शुरू हो जाने के बाद से ग्रेटर नोएडा वेस्ट से गाजियाबाद जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी।
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क्रॉसिंग से निकलती हैं 350 से अधिक ट्रेनें
छपरौला रेलवे क्रॉसिंग से प्रतिदिन 24 घंटे में करीब 350 से अधिक ट्रेनें निकलती हैं। जिसके कारण फाटक एक ही मिनट के लिए खुल पाता है। बड़े वाहनों का अधिक दवाब होने के कारण सड़क पर जाम लगा ही रहता है। हर चौथे मिनट पर एक ट्रेन के पास होने के कारण कभी भी सारे वाहन एक बार फाटक खुलने पर निकल ही नहीं पाते है। अब आरओबी के शुरू होने से लोगों को जाम के साथ आर्थिक मजबूती भी मिलेगी।


आरओबी का कार्य 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। दो स्लैब ही पड़ने बाकी रह गए हैं। फरवरी तक काम पूरा हो जाएगा। इसके शुुरू होने से लाखों लोगों को जाम से राहत मिलेगी। इसके साथ ही आने-जाने में समय भी बचेगा। - महावीर सिंह, सुपरवाइजर प्रोजेक्ट

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