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Noida News: मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने पर आम्रपाली जोडिएक में बढ़ा विरोध
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- शुल्क नहीं देने पर 500 रुपये पेनल्टी लगाने का आरोप
- निवासियों ने एओए की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-120 स्थित आम्रपाली जोडिएक सोसाइटी में बढ़ाए गए मेंटेनेंस शुल्क और 500 रुपये पेनल्टी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। निवासियों ने एओए पर मनमानी का आरोप लगाते हुए डिप्टी रजिस्ट्रार से शिकायत की है। वहीं एओए का कहना है कि बढ़े शुल्क पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है और सभी नोटिसों का जवाब दे दिया गया है। निवासी गौरव असाती ने बताया कि 12 अप्रैल को हुई जीबीएम में मेंटेनेंस शुल्क 1.55 रुपये से बढ़ाकर 2.10 रुपये प्रति वर्गफीट कर दिया गया। उनका आरोप है कि कई लोगों के विरोध के बावजूद प्रस्ताव पारित किया गया। शिकायत के बाद डिप्टी रजिस्ट्रार ने एओए से दस्तावेज मांगे, लेकिन इसके बावजूद बढ़ा शुल्क वसूला जा रहा है। निवासियों का कहना है कि बढ़ा शुल्क नहीं देने वालों पर 500 रुपये पेनल्टी लगाई जा रही है। कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्होंने जीबीएम से पहले ही शुल्क जमा कर दिया था, फिर भी उन पर जुर्माना लगाया गया।
कोट-
मैंने 2 अप्रैल को ही मेंटेनेंस जमा कर दिया था, फिर भी पेनल्टी लगाई गई, जो गलत है। - डॉ. सुनीता गर्ग
बिना पारदर्शिता के निवासियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। - गौरव असाती
मेंटेनेंस बढ़ाने से दिक्कत नहीं, लेकिन खर्च और सुविधाओं में पारदर्शिता जरूरी है। - अर्चना चतुर्वेदी
डिप्टी रजिस्ट्रार ने बढ़े शुल्क पर कोई रोक नहीं लगाई है। उन्होंने बताया कि 12 अप्रैल से पहले शुल्क जमा करने वालों पर पेनल्टी नहीं लगाई गई है और बार-बार नोटिस के बावजूद शुल्क जमा नहीं होने पर पेनल्टी बढ़ाई गई। - रूद्र प्रताप सिंह, एओए अध्यक्ष
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- निवासियों ने एओए की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-120 स्थित आम्रपाली जोडिएक सोसाइटी में बढ़ाए गए मेंटेनेंस शुल्क और 500 रुपये पेनल्टी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। निवासियों ने एओए पर मनमानी का आरोप लगाते हुए डिप्टी रजिस्ट्रार से शिकायत की है। वहीं एओए का कहना है कि बढ़े शुल्क पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है और सभी नोटिसों का जवाब दे दिया गया है। निवासी गौरव असाती ने बताया कि 12 अप्रैल को हुई जीबीएम में मेंटेनेंस शुल्क 1.55 रुपये से बढ़ाकर 2.10 रुपये प्रति वर्गफीट कर दिया गया। उनका आरोप है कि कई लोगों के विरोध के बावजूद प्रस्ताव पारित किया गया। शिकायत के बाद डिप्टी रजिस्ट्रार ने एओए से दस्तावेज मांगे, लेकिन इसके बावजूद बढ़ा शुल्क वसूला जा रहा है। निवासियों का कहना है कि बढ़ा शुल्क नहीं देने वालों पर 500 रुपये पेनल्टी लगाई जा रही है। कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्होंने जीबीएम से पहले ही शुल्क जमा कर दिया था, फिर भी उन पर जुर्माना लगाया गया।
कोट-
मैंने 2 अप्रैल को ही मेंटेनेंस जमा कर दिया था, फिर भी पेनल्टी लगाई गई, जो गलत है। - डॉ. सुनीता गर्ग
बिना पारदर्शिता के निवासियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। - गौरव असाती
मेंटेनेंस बढ़ाने से दिक्कत नहीं, लेकिन खर्च और सुविधाओं में पारदर्शिता जरूरी है। - अर्चना चतुर्वेदी
डिप्टी रजिस्ट्रार ने बढ़े शुल्क पर कोई रोक नहीं लगाई है। उन्होंने बताया कि 12 अप्रैल से पहले शुल्क जमा करने वालों पर पेनल्टी नहीं लगाई गई है और बार-बार नोटिस के बावजूद शुल्क जमा नहीं होने पर पेनल्टी बढ़ाई गई। - रूद्र प्रताप सिंह, एओए अध्यक्ष
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