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Noida News: एक हजार नई फर्जी कंपनी बनाने की चल रही थी तैयारी

Fri, 02 Jun 2023 12:32 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 02 Jun 2023 12:32 AM IST
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Preparations were going on to make one thousand new fake companies
साइड स्टोरी
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15000 करोड़ के फर्जीवाड़े का मामला
(मुख्य खबर पेज एक पर)
एक हजार और फर्जी कंपनियां बनाने की थी तैयारी

- पांच हजार करोड़ से अधिक के फर्जीवाड़े का तैयार हो रहा था ब्लू प्रिंट, आतंकी फंडिंग से लेकर हवाला कनेक्शन की हो रही जांच

सुशांत समदर्शी

नोएडा। ढाई हजार से ज्यादा फर्जी कंपनी बनाकर सरकार को करोड़ों का नुकसान कराने वाले गिरोह के जालसाजों ने और एक हजार फर्जी कंपनियां बनाने की तैयारी कर ली थी। इसके लिए दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे। इन दस्तावेज में मोबाइल नंबर देने के लिए उपयुक्त लोगों की तलाश की जा रही थी। हालांकि इससे पहले ही नोएडा पुलिस ने गिरोह का खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक जालसाजों ने करीब पांच हजार करोड़ से अधिक का फ्रॉड करने का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया था। मामले में अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए नोएडा पुलिस की टीम कई शहरों में दबिश दे रही है।

पांच वर्षों से फर्जी बिल के आधार पर जीएसटी रिफंड (इनपुट टैक्स क्रेडिट) प्राप्त कर सरकार को हजारों करोड़ के राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे गिरोह का नेटवर्क दिल्ली से केरल और महाराष्ट से पूर्वोत्तर राज्यों तक है। मामले में आतंकी फंडिंग से लेकर हवाला कनेक्शन की जांच शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही काले धन को सफेद करने में शामिल कई लोगों के नाम भी सामने आए हैं। जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। अभी तक सात ऐसे लोगों के नाम सामने आए हैं जिनकी जालसाजी में प्रत्यक्ष भूमिका मिली हैं। इनमें आंछित गोयल, प्रदीप गोयल, अर्चित, मयूर उर्फ मणि नागपाल, चारू नागपाल, रोहित नागपाल व दीपक सिंघल शामिल हैं। सभी दो परिवारों से जुड़े हैं और ज्यादातर चार्टेड अकाउंटेंट हैं।
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जानिए पूरे फ्रॉड कंपनी को

दीपक मुरजानी: गिरोह का सरगना। फर्जी दस्तावेज, आधार कार्ड, पैन कार्ड, रेंट एग्रीमेन्ट, बिजली बिल आदि का उपयोग कर फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी नंबर हासिल करता था। कुछ फर्जी फर्म को बेच देता था जबकि ज्यादतार कंपनियों के माध्यम से फर्जीवाड़ा करता था।
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यासीन शेख : सरगना दीपक का खास यासीन फर्जी कंपनी को जीएसटी में रजिस्टर्ड कराने का काम काम करता था। इसका काम तकनीकी रूप से इस रैकेट को उन्नत करना था। यह अपने साथ कुछ युवाओं को रखता है। जिन्हें फर्जीवाड़ा के लिए प्रशिक्षित करता था।
विशाल : अशिक्षित एवं नशा करने वाले लोगों को लालच देकर या भ्रमित कर उनके नाम से सिम कार्ड लेना और आधार कार्ड में अपडेट करने की करता था।

आकाश : इसका काम भी गरीब लोगों से कागजात लेकर उनके नाम से सिम कार्ड लेता था और कागजात में इन नंबरों को अपलोड करता था।

राजीव : यह फर्जी कंपनी के लिए फर्जी बिल तैयार करता था। जिसके आधार पर ही कंपनी को जीएसटी रिटर्न मिलता था।

अतुल : यह भी राजीव के साथ ऑन डिमांड फर्जी बिल तैयार करता था और कंपनियों को अपडेट करने का काम करता था।

अश्विनी : यासीन शेख के संपर्क में रहकर फर्जी फर्म के लिए फर्जी बैंक अकाउंट खुलवाता था। एक खाता खुलवाने का दस हजार लेता था। अब तक की पूछताछ में पता चला है कि इसने 4 फर्जी बैंक अकाउंट झमेली चौपाल, जिबोलो, रजनीश झा और विवेक झा के नाम पर खुलवाया है।

विनिता - सरगना दीपक मुरजानी की पत्नी फर्जी फर्म के लिए जीएसटी नंबर लेती थी और जीएसटी रिफंड से प्राप्त आमदनी का लेखाजोखा रखती थी।



कागजात फर्जी और जीएसटी नंबर असली का खेल
जालसाज सर्विस प्रोवाइडर कंपनी जस्ट डायल समेत अन्य से नंबर लेकर लोगों का डेटा खरीदते थे। इनके पास साढ़े छह लाख पैन कार्ड समेत आधार कार्ड व बिजली बिल का डाटा मिला है। इन डाटा से पैन-आधार कार्ड लेकर दूसरे के नाम से रेंट एग्रीमेंट बनाकर मोबाइल नंबर डालकर फर्जी कंपनी बनाते थे। इस कंपनी को जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराकर जीएसटी नंबर लेते थे। इसके बाद इनका असली खेल शुरू होता था।



ऐसे लेते थे जीएसटी नंबर

जालसाज जीएसटी पोर्टल में फर्म रजिस्टर करने के लिए लॉगिन करते थे। इसके बाद जीएसटी विभाग की तरफ से एक वेरीफिकेशन कोड भेजा जाता था। यह कोड उस मोबाइल नंबर पर आता था जिस पर जालसाज अपना सिम अपडेट करते थे। जालसाज उस नंबर पर आए कोड को सत्यापित कर देते थे और जीएसटी की तरफ से नंबर मिल जाता था। इस जीएसटी नंबर का इस्तेमाल कर फर्जी बिल तैयार कर लेते थे और जीएसटी रिफंड प्राप्त कर लेते थे।



नोएडा का सबसे बड़ा मामला, डीसीपी की टीम को मिला इनाम
यह नोएडा में जालसाजी का सबसे बड़ा मामला है। पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी नोएडा हरीश चंदर की टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया। डीसीपी हरीश चंदर के नेतृत्व में एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी, एसीपी वन रजनीश वर्मा की टीम ने इस पूरे फर्जीवाड़ा का खुलासा किया।




गिरोह पर होगी गैंगस्टर की कार्रवाई

नोएडा जोन के डीसीपी हरीश चंदर का कहना है कि इस गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। इन जालसाजों की संपत्तियों के बारे में पता लगाया जा रहा है। अब तक 36 बैंक अकाउंट का पता चला है। इन बैंक अकाउंट की जांच की जा रही है। डीसीपी ने बताया कि अभी फरार आरोपियों कह तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही है और अन्य जालसाजों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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