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Noida News: तैयारी... जलभराव से निपटने के लिए सेंसर की मदद लेगा प्राधिकरण
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जलभराव के स्थायी समाधान के लिए निजी एजेंसी का हुआ चयन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। शहर में बारिश के बीच जलभराव की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए प्राधिकरण तकनीक का उपयोग करेगा। सेंसर की मदद से तत्काल यह पता चल सकेगा कि कहां जलभराव हो रहा है। इससे तुरंत इसका समाधान भी कराया जा सकेगा।
प्राधिकरण ने इसके लिए विशेषज्ञ सलाहकार एजेंसी कैनरीज ऑटोमेशंस का चयन किया है। यह एजेंसी पूरे क्षेत्र का सर्वे कर जलभराव के कारण चिह्नित करेगी। एजेंसी की तैयार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पर आगे प्राधिकरण काम करेगा। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि अगले मानसून तक लोगों को जलभराव से राहत मिले। अधिकारियों का कहना है कि ड्रेनेज सिस्टम करीब दो दशक पहले विकसित किया गया जिसको मौजूदा जरूरत के मुताबिक री-डिजाइन करना होगा। इसमें नालियों की क्षमता बढ़ाने के अलावा आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा।
सीईओ रवि कुमार एनजी ने एजेंसी को कहा है कि प्राथमिकता पर तिलपता, सूरजपुर, हल्दौनी, कुलेसरा, ईकोटेक-3 समेत 30 से अधिक जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण करे। यह सुनिश्चित करना होगा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में कहीं भी पानी जमा न हो।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। शहर में बारिश के बीच जलभराव की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए प्राधिकरण तकनीक का उपयोग करेगा। सेंसर की मदद से तत्काल यह पता चल सकेगा कि कहां जलभराव हो रहा है। इससे तुरंत इसका समाधान भी कराया जा सकेगा।
प्राधिकरण ने इसके लिए विशेषज्ञ सलाहकार एजेंसी कैनरीज ऑटोमेशंस का चयन किया है। यह एजेंसी पूरे क्षेत्र का सर्वे कर जलभराव के कारण चिह्नित करेगी। एजेंसी की तैयार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पर आगे प्राधिकरण काम करेगा। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि अगले मानसून तक लोगों को जलभराव से राहत मिले। अधिकारियों का कहना है कि ड्रेनेज सिस्टम करीब दो दशक पहले विकसित किया गया जिसको मौजूदा जरूरत के मुताबिक री-डिजाइन करना होगा। इसमें नालियों की क्षमता बढ़ाने के अलावा आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा।
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सीईओ रवि कुमार एनजी ने एजेंसी को कहा है कि प्राथमिकता पर तिलपता, सूरजपुर, हल्दौनी, कुलेसरा, ईकोटेक-3 समेत 30 से अधिक जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण करे। यह सुनिश्चित करना होगा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में कहीं भी पानी जमा न हो।
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