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Noida News: पॉक्सो के मामले में आरोपी को मिली जमानत
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(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दादरी थाना क्षेत्र में दर्ज पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी आजाद को अदालत ने जमानत दी है। आरोपी पर नाबालिग के अपहरण और यौन शोषण का आरोप है। अभियोजन के अनुसार पीड़िता के परिजन की तहरीर पर 30 अप्रैल 2024 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी के अनुसार आरोपी पर घटना को लेकर पॉक्सो एक्ट की धारा-3/4 और संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के बाद 7 जून 2024 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। तभी से वह न्यायिक हिरासत में था।
मामले की सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी को पहले ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय से राहत मिल चुकी है। हालांकि विवेचना के दौरान पुलिस ने पाया कि मामला गंभीर प्रकृति का है। जिसके चलते पॉक्सो की धारा 3/4 पॉक्सो को बदलकर अधिक गंभीर धारा-5/6 लगाई गई। इसी धारा में चार्जशीट दाखिल की गई। आरोपी के अधिवक्ता ने दलील दी कि धारा में बदलाव के बाद भी वह जमानत का हकदार है। वहीं अभियोजन ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने कहा कि चूंकि आरोपी को उच्च न्यायालय द्वारा गुण-दोष के आधार पर पहले ही जमानत मिल चुकी है। इसलिए वह बदली गई धारा में भी जमानत का हकदार है।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दादरी थाना क्षेत्र में दर्ज पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी आजाद को अदालत ने जमानत दी है। आरोपी पर नाबालिग के अपहरण और यौन शोषण का आरोप है। अभियोजन के अनुसार पीड़िता के परिजन की तहरीर पर 30 अप्रैल 2024 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी के अनुसार आरोपी पर घटना को लेकर पॉक्सो एक्ट की धारा-3/4 और संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के बाद 7 जून 2024 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। तभी से वह न्यायिक हिरासत में था।
मामले की सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी को पहले ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय से राहत मिल चुकी है। हालांकि विवेचना के दौरान पुलिस ने पाया कि मामला गंभीर प्रकृति का है। जिसके चलते पॉक्सो की धारा 3/4 पॉक्सो को बदलकर अधिक गंभीर धारा-5/6 लगाई गई। इसी धारा में चार्जशीट दाखिल की गई। आरोपी के अधिवक्ता ने दलील दी कि धारा में बदलाव के बाद भी वह जमानत का हकदार है। वहीं अभियोजन ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने कहा कि चूंकि आरोपी को उच्च न्यायालय द्वारा गुण-दोष के आधार पर पहले ही जमानत मिल चुकी है। इसलिए वह बदली गई धारा में भी जमानत का हकदार है।
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