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सोसायटी की काटी बिजली----
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45 लाख का बकाया होने पर आरजी रेजीडेंसी की बिजली काटी
नोएडा। सेक्टर-120 स्थित आरजी रेजीडेंसी सोसाइटी की बिजली 45 लाख रुपये बकाया होने पर बुधवार सुबह 10 बजे निगम ने काट दी। जो कि खबर लिखे जाने तक नहीं जोड़ी गई थी। बिल्डर ने लगभग दो दिन बीत जाने के बाद भी बकाया बिल जमा नहीं किया है। ऐसे में लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को हो रही है। जो रात के समय मोमबत्ती जलाकर पढ़ाई कर रहे हैं। मोबाइल में इतनी बैट्री भी नहीं है कि रिश्तेदारों या आसपास के लोगों से फोन पर बात की जा सके। लोगों का कहना है कि अगर शुक्रवार तक बिजली नहीं आई तो धरना प्रदर्शन करेंगे। बिल्डर से बात करने की कोशिश की गई लेकिन जवाब नहीं मिला। जबकि निगम के अधिकारियों का कहना है कि जब तक बिल जमा नहीं किया जाएगा तब तक आपूर्ति शुरू नहीं होगी।
एओए अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल ने बताया कि सोसाइटी में 26 मंजिल वाले दस टावर हैं। 1540 फ्लैटों में 1200 से अधिक परिवार रहते हैं। हर माह बिल्डर प्रीपेड मीटर के जरिए बिजली का बिल वसूल लेता है। लेकिन निगम के पास बिल नहीं जमा करता। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि हर माह सोसायटी की बिजली का बिल करीब 45 से 50 लाख रुपये आता है। इस बार बिल जमा न करने की वजह से बिजली निगम ने कार्रवाई की है। पूरी सोसायटी की बिजली काट दी गई है। अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने आपूर्ति शुरू करने से साफ मना कर दिया। दो दिन बाद नया माह शुरू हो जाएगा। जिसके बाद बिजली का बिल करीब 80 लाख पहुंच जाएगा। बिल्डर ने कोई जवाब नहीं दिया। जिसके बाद लोग जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे। जिलाधिकारी ने कमिश्नरी लागू होने की बात कहकर कमिश्नर आलोक सिंह से मिलने की बात कही। बृहस्पतिवार को लोग सूरजपुर स्थित कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। लेकिन वह नहीं मिले। वहां मौजूद अधिकारी ने सेक्टर-71 थाने में शिकायत करने की बात कही। इसके बाद सोसायटी के लोग थाने पहुंचे। थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह से मामले की शिकायत की। उन्होंने कई बार बिल्डर को फोन कर बात करने की कोशिश की, मगर बिल्डर ने कोई जवाब नहीं दिया। यहां से लोग पर्थला चौकी पहुंचे और प्रभारी को जानकारी दी। मामले को संज्ञान में लेकर कुछ पुलिस कर्मचारी बिल्डर के कार्यालय पहुंचे। यहां भी उन्हें कोई नहीं मिला। इस पर चौकी प्रभारी ने दो घंटे बाद लोगों से आने को कहा। लोगों का कहना था ति कई किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाने के बाद भी इंसाफ नहीं मिल सका।
जनरेटर से चलाई जा रही लिफ्ट
लोगों ने बताया कि सोसाइटी में अंधेरा है। डीजी सेट को लंबे समय तक नहीं चला सकते हैं। इससे डीजल का खर्च बढ़ जाएगा। इसके अलावा बैकअप भी नहीं है कि 24 घंटे बिजली मिल सके। इसे देख जनरेटर से सिर्फ लिफ्ट चलाने का फैसला किया गया है। ताकि बुजुर्गों को परेशानी न हो।
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कोट
बिजली निगम द्वारा बकाएदारों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। जिसे देख सोसाइटी की बिजली काटी गई है। मामला संज्ञान में है जब तक बिल्डर बकाया नहीं जमा करेगा, तब तक कनेक्शन नहीं जोड़ा जाएगा।
- वीएन सिंह, मुख्य अभियंता, बिजली निगम
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नोएडा। सेक्टर-120 स्थित आरजी रेजीडेंसी सोसाइटी की बिजली 45 लाख रुपये बकाया होने पर बुधवार सुबह 10 बजे निगम ने काट दी। जो कि खबर लिखे जाने तक नहीं जोड़ी गई थी। बिल्डर ने लगभग दो दिन बीत जाने के बाद भी बकाया बिल जमा नहीं किया है। ऐसे में लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को हो रही है। जो रात के समय मोमबत्ती जलाकर पढ़ाई कर रहे हैं। मोबाइल में इतनी बैट्री भी नहीं है कि रिश्तेदारों या आसपास के लोगों से फोन पर बात की जा सके। लोगों का कहना है कि अगर शुक्रवार तक बिजली नहीं आई तो धरना प्रदर्शन करेंगे। बिल्डर से बात करने की कोशिश की गई लेकिन जवाब नहीं मिला। जबकि निगम के अधिकारियों का कहना है कि जब तक बिल जमा नहीं किया जाएगा तब तक आपूर्ति शुरू नहीं होगी।
एओए अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल ने बताया कि सोसाइटी में 26 मंजिल वाले दस टावर हैं। 1540 फ्लैटों में 1200 से अधिक परिवार रहते हैं। हर माह बिल्डर प्रीपेड मीटर के जरिए बिजली का बिल वसूल लेता है। लेकिन निगम के पास बिल नहीं जमा करता। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि हर माह सोसायटी की बिजली का बिल करीब 45 से 50 लाख रुपये आता है। इस बार बिल जमा न करने की वजह से बिजली निगम ने कार्रवाई की है। पूरी सोसायटी की बिजली काट दी गई है। अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने आपूर्ति शुरू करने से साफ मना कर दिया। दो दिन बाद नया माह शुरू हो जाएगा। जिसके बाद बिजली का बिल करीब 80 लाख पहुंच जाएगा। बिल्डर ने कोई जवाब नहीं दिया। जिसके बाद लोग जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे। जिलाधिकारी ने कमिश्नरी लागू होने की बात कहकर कमिश्नर आलोक सिंह से मिलने की बात कही। बृहस्पतिवार को लोग सूरजपुर स्थित कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। लेकिन वह नहीं मिले। वहां मौजूद अधिकारी ने सेक्टर-71 थाने में शिकायत करने की बात कही। इसके बाद सोसायटी के लोग थाने पहुंचे। थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह से मामले की शिकायत की। उन्होंने कई बार बिल्डर को फोन कर बात करने की कोशिश की, मगर बिल्डर ने कोई जवाब नहीं दिया। यहां से लोग पर्थला चौकी पहुंचे और प्रभारी को जानकारी दी। मामले को संज्ञान में लेकर कुछ पुलिस कर्मचारी बिल्डर के कार्यालय पहुंचे। यहां भी उन्हें कोई नहीं मिला। इस पर चौकी प्रभारी ने दो घंटे बाद लोगों से आने को कहा। लोगों का कहना था ति कई किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाने के बाद भी इंसाफ नहीं मिल सका।
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जनरेटर से चलाई जा रही लिफ्ट
लोगों ने बताया कि सोसाइटी में अंधेरा है। डीजी सेट को लंबे समय तक नहीं चला सकते हैं। इससे डीजल का खर्च बढ़ जाएगा। इसके अलावा बैकअप भी नहीं है कि 24 घंटे बिजली मिल सके। इसे देख जनरेटर से सिर्फ लिफ्ट चलाने का फैसला किया गया है। ताकि बुजुर्गों को परेशानी न हो।
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बिजली निगम द्वारा बकाएदारों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। जिसे देख सोसाइटी की बिजली काटी गई है। मामला संज्ञान में है जब तक बिल्डर बकाया नहीं जमा करेगा, तब तक कनेक्शन नहीं जोड़ा जाएगा।
- वीएन सिंह, मुख्य अभियंता, बिजली निगम