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प्रत्यर्पण मामले में पुर्तगाली नागरिक को गिरफ्तारी से राहत
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धीरज बेनीवाल
नई दिल्ली। यूके में वर्ष 2017 में दुष्कर्म मामले में आरोपी को फिलहाल गिरफ्तारी से राहत प्रदान करते हुए 27 नवंबर को पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने तीन जुलाई को उसकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल के जरिये गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। आरोपी मूल रूप से गोवा का निवासी है और उसे पुर्तगाल की नागरिकता भी प्राप्त है।
पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी आकाश जैन ने आरोपी जो इनासियो कोटा की ओर से दायर आवेदन पर सुनवाई करते हुए मामले की अगली तारीख तक राहत प्रदान की है। अदालत ने आरोपी को पेशी की मोहलत देते हुए मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर 2021 तय की है।
आरोपी की ओर से अधिवक्ता अर्पित बत्रा ने आवेदन पर जिरह करते हुए कहा उनके मुवक्किल को दस अक्तूबर को अदालत में पेश होना था लेकिन उसे इसकी जानकारी अपनी पत्नी से आठ अक्तूबर को ही मिली है। वह फरार नहीं है और मुंबई में रह रहा है। वह कोरोना के हालात के कारण सोमवार को अदालत के समक्ष पेश नहीं हो सका।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने ये भी कहा कि उनका मुवक्किल पूछताछ में शामिल होने के लिए तैयार है। हालांकि उसके लिए ये बात काफी हैरान करने वाली है कि वह 2017 में यूके से आ गया था और अब चार साल बाद उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। जबकि वह अपनी स्थानीय वकील की सलाह पर ही भारत आया था क्योंकि उसके आने पर रोक नहीं थी।
पेश मामले में याची जो इनासियो कोटा के खिलाफ लंदन के टू रिवर्स पब में 28 मई 2017 को हुए मामले में दुष्कर्म के मुकदमे की सुनवाई शुरू की गई थी। यूके की सरकार की ओर से आरोपी के प्रत्यर्पण के लिए भारत सरकार के समक्ष आवेदन दायर किया गया था। इस पर विदेश मंत्रालय ने 22 मार्च 2021 को आदेश जारी किया था।
भारत सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि आरोप का अभी कोई कोई पता नहीं है। पिछली सुनवाई पर कहा था कि उसकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल के जरिये वारंट जारी किया जाए ताकि वह भाग न सके। इन तर्कों से सहमति जताते हुए अदालत ने तीन जुलाई को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई इंटरपोल के जरिये वारंट जारी किया था।
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नई दिल्ली। यूके में वर्ष 2017 में दुष्कर्म मामले में आरोपी को फिलहाल गिरफ्तारी से राहत प्रदान करते हुए 27 नवंबर को पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने तीन जुलाई को उसकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल के जरिये गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। आरोपी मूल रूप से गोवा का निवासी है और उसे पुर्तगाल की नागरिकता भी प्राप्त है।
पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी आकाश जैन ने आरोपी जो इनासियो कोटा की ओर से दायर आवेदन पर सुनवाई करते हुए मामले की अगली तारीख तक राहत प्रदान की है। अदालत ने आरोपी को पेशी की मोहलत देते हुए मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर 2021 तय की है।
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आरोपी की ओर से अधिवक्ता अर्पित बत्रा ने आवेदन पर जिरह करते हुए कहा उनके मुवक्किल को दस अक्तूबर को अदालत में पेश होना था लेकिन उसे इसकी जानकारी अपनी पत्नी से आठ अक्तूबर को ही मिली है। वह फरार नहीं है और मुंबई में रह रहा है। वह कोरोना के हालात के कारण सोमवार को अदालत के समक्ष पेश नहीं हो सका।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने ये भी कहा कि उनका मुवक्किल पूछताछ में शामिल होने के लिए तैयार है। हालांकि उसके लिए ये बात काफी हैरान करने वाली है कि वह 2017 में यूके से आ गया था और अब चार साल बाद उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। जबकि वह अपनी स्थानीय वकील की सलाह पर ही भारत आया था क्योंकि उसके आने पर रोक नहीं थी।
पेश मामले में याची जो इनासियो कोटा के खिलाफ लंदन के टू रिवर्स पब में 28 मई 2017 को हुए मामले में दुष्कर्म के मुकदमे की सुनवाई शुरू की गई थी। यूके की सरकार की ओर से आरोपी के प्रत्यर्पण के लिए भारत सरकार के समक्ष आवेदन दायर किया गया था। इस पर विदेश मंत्रालय ने 22 मार्च 2021 को आदेश जारी किया था।
भारत सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि आरोप का अभी कोई कोई पता नहीं है। पिछली सुनवाई पर कहा था कि उसकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल के जरिये वारंट जारी किया जाए ताकि वह भाग न सके। इन तर्कों से सहमति जताते हुए अदालत ने तीन जुलाई को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई इंटरपोल के जरिये वारंट जारी किया था।