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मिंड पर आरोपियों से पांच दिन घोटाले के राज उगलवाएगी पुलिस
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रिमांड पर आरोपियों से पांच दिन होमगार्ड वेतन घोटाले के राज उगलवाएगी पुलिस
ग्रेटर नोएडा। होमगार्ड वेतन घोटाले में गिरफ्तार किए गए तत्कालीन जिला कमांडेंट और सहायक जिला कमांडेंट समेत पांचों आरोपियों की अदालत ने पांच दिन की पुलिस रिमांड मंजूर कर ली है। अब पुलिस आरोपियों से शुक्रवार सुबह नौ बजे से लेकर 26 नवंबर शाम पांच बजे तक रिमांड पर पूछताछ कर घोटाले के न केवल राज उगलवाएगी, बल्कि आरोपियों को सजा दिलाने के लिए साक्ष्य जुटाएगी। पुलिस ने आरोपियों को बृहस्पतिवार को अदालत में पेश कर दस दिन की रिमांड की मांगी थी।
पुलिस के मुताबिक, होमगार्ड वेतन घोटाले में गिरफ्तार तत्कालीन जिला कमांडेंट (अब मंडलीय कमांडेंट, अलीगढ़) रामनारायण चौरसिया, सहायक जिला कमांडेंट सतीश चंद और अवैतनिक प्लाटून कमांडरों सत्यवीर यादव, शैलेंद्र कुमार व मोंटू कुमार को रात भर सूरजपुर कोतवाली में हिरासत में रखा गया। बृहस्पतिवार दोपहर पांचों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। पुलिस और एसपीओ ने अदालत से कहा कि मामला सरकारी धन के गबन से जुड़ा है। होमगार्ड की फर्जी तैनाती दिखाकर मस्टर रोल में फर्जीवाड़ा कर घोटाला किया गया है। ऐसे में आरोपियों से गहन पूछताछ जरूरी है, ताकि घोटाले से जुड़े अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आ सके। वहीं, आरोपियों से पूछताछ कर केस से जुड़े साक्ष्य भी जुटाए जाने हैं। पुलिस ने मांग की कि गिरफ्तार आरोपियों की दस दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की जाए। अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद आरोपियों की पांच दिन की पुलिस रिमांड मंजूर कर ली।
रिमांड पर अधिवक्ता को साथ रख वीडियोग्राफी करा सकते हैं आरोपी
अदालत ने पांच दिन का रिमांड मंजूर कर आदेश दिया है कि विवेचक आरोपियों को रिमांड पर लेने से पूर्व व रिमांड (अभिरक्षा) पूरी होने के बाद चिकित्सीय परीक्षण कराएंगे। अभिरक्षा के दौरान आरोपियों को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना नहीं देंगे। आरोपियों के अधिवक्ता अगर अभिरक्षा के दौरान आरोपियों के साथ रहना चाहें तो रह सकते हैं, लेकिन वह विवेचना में किसी प्रकार हस्तक्षेप नहीं करेंगे और पर्याप्त दूरी बनाए रखेंगे। आरोपी अपने खर्चे पर घटनाक्रम की वीडियोग्राफी करा सकते हैं।
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होमगार्ड वेतन घोटाले के मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों की पांच दिन की पुलिस रिमांड अदालत ने मंजूर की है। आरोपियों से रिमांड पर घोटाले में शामिल अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ की जाएगी और साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जाएगा। छठे आरोपी की गिरफ्तारी लखनऊ में की गई है, लेकिन ये कार्रवाई नोएडा पुलिस के घोटाले का खुलासा होने के बाद की गई है। - वैभव कृष्ण, एसएसपी गौतमबुद्ध नगर
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ग्रेटर नोएडा। होमगार्ड वेतन घोटाले में गिरफ्तार किए गए तत्कालीन जिला कमांडेंट और सहायक जिला कमांडेंट समेत पांचों आरोपियों की अदालत ने पांच दिन की पुलिस रिमांड मंजूर कर ली है। अब पुलिस आरोपियों से शुक्रवार सुबह नौ बजे से लेकर 26 नवंबर शाम पांच बजे तक रिमांड पर पूछताछ कर घोटाले के न केवल राज उगलवाएगी, बल्कि आरोपियों को सजा दिलाने के लिए साक्ष्य जुटाएगी। पुलिस ने आरोपियों को बृहस्पतिवार को अदालत में पेश कर दस दिन की रिमांड की मांगी थी।
पुलिस के मुताबिक, होमगार्ड वेतन घोटाले में गिरफ्तार तत्कालीन जिला कमांडेंट (अब मंडलीय कमांडेंट, अलीगढ़) रामनारायण चौरसिया, सहायक जिला कमांडेंट सतीश चंद और अवैतनिक प्लाटून कमांडरों सत्यवीर यादव, शैलेंद्र कुमार व मोंटू कुमार को रात भर सूरजपुर कोतवाली में हिरासत में रखा गया। बृहस्पतिवार दोपहर पांचों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। पुलिस और एसपीओ ने अदालत से कहा कि मामला सरकारी धन के गबन से जुड़ा है। होमगार्ड की फर्जी तैनाती दिखाकर मस्टर रोल में फर्जीवाड़ा कर घोटाला किया गया है। ऐसे में आरोपियों से गहन पूछताछ जरूरी है, ताकि घोटाले से जुड़े अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आ सके। वहीं, आरोपियों से पूछताछ कर केस से जुड़े साक्ष्य भी जुटाए जाने हैं। पुलिस ने मांग की कि गिरफ्तार आरोपियों की दस दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की जाए। अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद आरोपियों की पांच दिन की पुलिस रिमांड मंजूर कर ली।
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रिमांड पर अधिवक्ता को साथ रख वीडियोग्राफी करा सकते हैं आरोपी
अदालत ने पांच दिन का रिमांड मंजूर कर आदेश दिया है कि विवेचक आरोपियों को रिमांड पर लेने से पूर्व व रिमांड (अभिरक्षा) पूरी होने के बाद चिकित्सीय परीक्षण कराएंगे। अभिरक्षा के दौरान आरोपियों को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना नहीं देंगे। आरोपियों के अधिवक्ता अगर अभिरक्षा के दौरान आरोपियों के साथ रहना चाहें तो रह सकते हैं, लेकिन वह विवेचना में किसी प्रकार हस्तक्षेप नहीं करेंगे और पर्याप्त दूरी बनाए रखेंगे। आरोपी अपने खर्चे पर घटनाक्रम की वीडियोग्राफी करा सकते हैं।
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होमगार्ड वेतन घोटाले के मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों की पांच दिन की पुलिस रिमांड अदालत ने मंजूर की है। आरोपियों से रिमांड पर घोटाले में शामिल अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ की जाएगी और साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जाएगा। छठे आरोपी की गिरफ्तारी लखनऊ में की गई है, लेकिन ये कार्रवाई नोएडा पुलिस के घोटाले का खुलासा होने के बाद की गई है। - वैभव कृष्ण, एसएसपी गौतमबुद्ध नगर