{"_id":"6171ca5bb11714631c2f718a","slug":"police-will-run-school-to-educate-slum-children-noida-news-noi6117111198","type":"story","status":"publish","title_hn":"झुग्गियों के बच्चों को शिक्षित करने के लिए पुलिस चलाएगी पाठशाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झुग्गियों के बच्चों को शिक्षित करने के लिए पुलिस चलाएगी पाठशाला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोएडा (सुशांत समदर्शी)। झुग्गी बस्ती निवासी बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने और शिक्षित करने के लिए पुलिस अलग-अलग एनजीओ के साथ मिलकर पाठशाला चलाएगी। इस अभियान के तहत नोएडा व ग्रेटर नोएडा में छह स्थानों को चिह्नित किया गया है। सेक्टर-44 में अभी बच्चों को दो घंटे की शिक्षा दी जा रही है। औपचारिक शुरुआत के बाद अगले सप्ताह से सभी छह स्थानों पर पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इसकी तैयारी डीसीपी महिला सुरक्षा के नेतृत्व में पुलिस की टीम कर रही है।
जिले में औद्योगिक व असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कम आय वर्ग के लोगों की बहुत अधिक संख्या है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे होने से देश के कई इलाकों से लोग आकर यहां रहते हैं। स्लम में भी एक बड़ी आबादी निवास करती है। अब पुलिस स्लम निवासी बच्चों के जीवन में सुधार, शिक्षित व मुख्य धारा में जोड़ने का प्रयास कर रही है। इसी क्रम में पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट अलग-अलग एनजीओ के साथ मिलकर सेक्टर-44, चिल्ला बार्डर शनि मंदिर, सेक्टर-62, 76 और ग्रेटर नोएडा के दो स्थानों पर पाठशाला की शुरुआत की जाएगी। भविष्य एनजीओ के चेयरमैन विकास झा का कहना है कि यूनिट के साथ मिलकर भविष्य एनजीओ स्लम के बच्चे को मुख्य धारा में लाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी सिलसिले में अभी सेक्टर-44 में अनौपचारिक रूप से पचास बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। औपचारिक उद्घाटन होने के बाद व्यवस्थित तरीके से यहां शिक्षा दी जाएगी।
बच्चों को मुख्य धारा में जोड़ने की मुहिम
स्लम निवासी बच्चे कम उम्र में ही अपराध, नशा, भिक्षावृत्ति की तरफ मुड़ जाते हैं। ऐसे बच्चों को शिक्षा देकर मुख्य धारा से जोड़ना ही इसका उद्देश्य है। पुलिस इस तरह के कार्यक्रम लगातार चला रही है। कई सामाजिक संस्थाओं व कंपनियों के साथ मिलकर महिला सुधार, बाल सुधार पर कार्यक्रम चल रहा है।
विज्ञापन
पांच स्थानों पर है स्कूल खोलने की योजना
विकास झा का कहना है कि जनवरी में डीसीपी महिला व बाल सुरक्षा वृंदा शुक्ला के साथ बैठक हुई थी और स्लम के बच्चों को लेकर योजना बनी थी। इसके बाद कोविड आने के कारण देरी हुई। अब इस योजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है। इसके लिए पांच स्थानों को चयनित किया गया है। पहले चरण में सेक्टर-44 में यह स्कूल विधिवत रूप से काम करना कुछ दिनों में शुरू कर देगा।
कल होगा उद्घाटन
पुलिस की इस योजना के तहत चलने वाली पाठशाला का उद्घाटन शनिवार को सेक्टर-44 में होगा। इसका उद्घाटन विधायक पंकज सिंह करेंगे। इन सभी छह स्थानों पर जेनपैक्ट कंपनी के सहयोग से संसाधन मुहैया कराए गए हैं। इस अभियान के तहत बेसिक शिक्षा विभाग को भी जोड़ा गया है।
--------
गरीब घरों के बच्चों को मुख्य धारा में जोड़ने के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है। इसी उद्देश्य से निजी संस्थाओं के साथ मिलकर बच्चों की पढ़ाई से लेकर अन्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए हम काम कर रहे हैं।
- वृंदा शुक्ला, डीसीपी महिला सुरक्षा
विज्ञापन
जिले में औद्योगिक व असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कम आय वर्ग के लोगों की बहुत अधिक संख्या है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे होने से देश के कई इलाकों से लोग आकर यहां रहते हैं। स्लम में भी एक बड़ी आबादी निवास करती है। अब पुलिस स्लम निवासी बच्चों के जीवन में सुधार, शिक्षित व मुख्य धारा में जोड़ने का प्रयास कर रही है। इसी क्रम में पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट अलग-अलग एनजीओ के साथ मिलकर सेक्टर-44, चिल्ला बार्डर शनि मंदिर, सेक्टर-62, 76 और ग्रेटर नोएडा के दो स्थानों पर पाठशाला की शुरुआत की जाएगी। भविष्य एनजीओ के चेयरमैन विकास झा का कहना है कि यूनिट के साथ मिलकर भविष्य एनजीओ स्लम के बच्चे को मुख्य धारा में लाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी सिलसिले में अभी सेक्टर-44 में अनौपचारिक रूप से पचास बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। औपचारिक उद्घाटन होने के बाद व्यवस्थित तरीके से यहां शिक्षा दी जाएगी।
विज्ञापन
बच्चों को मुख्य धारा में जोड़ने की मुहिम
स्लम निवासी बच्चे कम उम्र में ही अपराध, नशा, भिक्षावृत्ति की तरफ मुड़ जाते हैं। ऐसे बच्चों को शिक्षा देकर मुख्य धारा से जोड़ना ही इसका उद्देश्य है। पुलिस इस तरह के कार्यक्रम लगातार चला रही है। कई सामाजिक संस्थाओं व कंपनियों के साथ मिलकर महिला सुधार, बाल सुधार पर कार्यक्रम चल रहा है।
विज्ञापन
पांच स्थानों पर है स्कूल खोलने की योजना
विकास झा का कहना है कि जनवरी में डीसीपी महिला व बाल सुरक्षा वृंदा शुक्ला के साथ बैठक हुई थी और स्लम के बच्चों को लेकर योजना बनी थी। इसके बाद कोविड आने के कारण देरी हुई। अब इस योजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है। इसके लिए पांच स्थानों को चयनित किया गया है। पहले चरण में सेक्टर-44 में यह स्कूल विधिवत रूप से काम करना कुछ दिनों में शुरू कर देगा।
कल होगा उद्घाटन
पुलिस की इस योजना के तहत चलने वाली पाठशाला का उद्घाटन शनिवार को सेक्टर-44 में होगा। इसका उद्घाटन विधायक पंकज सिंह करेंगे। इन सभी छह स्थानों पर जेनपैक्ट कंपनी के सहयोग से संसाधन मुहैया कराए गए हैं। इस अभियान के तहत बेसिक शिक्षा विभाग को भी जोड़ा गया है।
--------
गरीब घरों के बच्चों को मुख्य धारा में जोड़ने के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है। इसी उद्देश्य से निजी संस्थाओं के साथ मिलकर बच्चों की पढ़ाई से लेकर अन्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए हम काम कर रहे हैं।
- वृंदा शुक्ला, डीसीपी महिला सुरक्षा