Greater Noida: राहगीरों से करते थे लूट, पुलिसकर्मी को भी नहीं बख्शा, एसटीएफ ने गिरोह के पांच सदस्यों को पकड़ा
नोएडा एसटीएफ की टीम ने राहगीरों से लूट करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह ने एक पुलिसकर्मी की भी कार उड़ा ली थी। एक बार फिर घटना को अंजाम देने की फिराक में बैठे गिरोह के सदस्य को मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ ने पकड़ा। जिसके बाद अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वाहन और राहगीरों से लूट करने वाले गिरोह के पांच आरोपियों को नोएडा एसटीएफ ने थाना बीटा-2 पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया है। दावा है कि आरोपी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। एसटीएफ ने मुखबिर की सूचना पर आरोपियों को मौके से पकड़ लिया। बेखौफ बदमाशों ने पूर्व में एक पुलिसकर्मी की भी कार लूटी थी। आरोपियों पर गौतम बुद्ध नगर समेत बुलंदशहर जिले में भी कई मुकदमे दर्ज हैं।
एसटीएफ नोएडा की टीम को बुधवार रात 11 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में वाहनों की लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह का एक सदस्य निखिल बीटा-2 क्षेत्र में आने वाला है। सूचना पर एसटीएफ ने पुलिस के साथ मिलकर निखिल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि पिछले वर्ष मई माह में आरोपियों ने एक पुलिसकर्मी की कार को भी लूटा था। उसकी बताई जगह से एसटीएफ और पुलिस ने लोकेश, सोनू, रोहित और सुकेश को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कई घटनाओं के खुलासे भी किए। आरोपियों का एक साथी राजू कई लूट, अपहरण और हत्या के मामलों का आरोपी है और वर्तमान में एक मामले में जेल में बंद है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि लोकेश के साथ प्रिंस निवासी बुलंदशहर हाईस्कूल में पढ़ाई करता था। प्रिंस और राजू दोनों दोस्त थे, जिसके माध्यम से राजू और लोकेश की दोस्ती हो गई। राजू पहले से कार में सवारियों को बैठाकर लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देता था। लोकेश ने अपने साथ ताऊ के बेटे निखिल को जोड़ा। निखिल के जीजा के गांव में रोहित की रिश्तेदारी थी। राजू ने अपने गिरोह में उसके साथ पूर्व में किराये की गाड़ियों के चालक सोनू और सुकेश को भी मिला लिया। धीरे-धीरे यह एक गिरोह के रूप में कार्य करने लगे। आरोपियों ने कई घटनाओं का खुलासा किया जिसमें एक आरोपी राजू पर हत्या का भी केस दर्ज है। गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर में भी आरोपियों पर कई केस दर्ज हैं।
21 मई 2022 को पी-3 सेक्टर के पास एक व्यक्ति कार रोककर लघुशंका कर रहा था। आरोपियों ने उसकी कार उड़ा ली, कार मालिक ने कार को रोकने के लिए दो फायर भी किए। एक गोली कार के पिछले शीशे में लग गई। बाद में पता चला वह कार किसी पुलिसकर्मी की थी। कार में सरकारी पिस्टल की मैगजीन, कारतूस, एसटीएम, आईकार्ड भी साथ ले गए। बदमाशों ने कार को बुलंदशहर में ले जाकर छिपा दिया। बाद में कार को बेचने के लिए बुलंदशहर से वापस ग्रेटर नोएडा आए और पकड़ने के डर से वहीं छोड़कर भाग गए।
आरोपियों पर दर्ज हैं कई मुकदमें
राजू और अन्य आरोपियों ने 15 मई 2018 को मिलकर बिसरख में युवक का अपहरण कर नकदी और बाइक लूट ली थी। राजू ने अपने साथियों के साथ मिलकर 6 मई 2018 को एक व्यक्ति से एक लाख रुपये लूटकर सेक्टर-83 कट पर छोड़ा। राजू ने मुखबिरी के शक में अलौदा जागीर बुलंदशहर में ओमप्रकाश की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके अलावा निखिल व उसके साथी गौरव ने मिलकर बीटा-2 थाना क्षेत्र में सेल्समैन सूरज 446000 रुपये की एक व्यक्ति से लूट की थी। इसके अलावा आरोपियों पर गांजा की तस्करी का भी आरोप है।