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Noida News: आयुर्वेदिक चिकित्सालय को पंचकर्म केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना
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प्रदेश के प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने चिकित्सालय का किया निरीक्षण
यमुना सिटी। जेवर क्षेत्र के भाईपुर ब्राह्मण स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय को पंचकर्म केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके तहत शनिवार को प्रदेश के प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने पंचकर्म इकाई की व्यवस्थाओं, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने चिकित्सालय परिसर में पंचकर्म हट स्थापित करने और औषधीय पौधे लगाकर आयुष वाटिका विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही पंचकर्म चिकित्सा के लिए जरूरी उपकरण, प्रशिक्षित कर्मचारियों और औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। प्रदेश में 200 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में आधुनिक मानकों के अनुरूप पंचकर्म यूनिट स्थापित की जा रही हैं। इसी क्रम में भाईपुर ब्राह्मण के चिकित्सालय को पंचकर्म केंद्र के रूप में विकसित किया जाना है। पंचकर्म सेवाओं के माध्यम से मधुमेह, गठिया, कमर दर्द, सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस और मोटापे जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार आयुर्वेदिक उपचार और परामर्श उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। प्रमुख सचिव ने चिकित्सालय में स्वच्छता बनाए रखने, दवाओं के उचित वितरण और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
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यमुना सिटी। जेवर क्षेत्र के भाईपुर ब्राह्मण स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय को पंचकर्म केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके तहत शनिवार को प्रदेश के प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने पंचकर्म इकाई की व्यवस्थाओं, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने चिकित्सालय परिसर में पंचकर्म हट स्थापित करने और औषधीय पौधे लगाकर आयुष वाटिका विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही पंचकर्म चिकित्सा के लिए जरूरी उपकरण, प्रशिक्षित कर्मचारियों और औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। प्रदेश में 200 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में आधुनिक मानकों के अनुरूप पंचकर्म यूनिट स्थापित की जा रही हैं। इसी क्रम में भाईपुर ब्राह्मण के चिकित्सालय को पंचकर्म केंद्र के रूप में विकसित किया जाना है। पंचकर्म सेवाओं के माध्यम से मधुमेह, गठिया, कमर दर्द, सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस और मोटापे जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार आयुर्वेदिक उपचार और परामर्श उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। प्रमुख सचिव ने चिकित्सालय में स्वच्छता बनाए रखने, दवाओं के उचित वितरण और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।