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Noida News: गरीब कैदियों को वित्तीय सहायता देने का मार्ग प्रशस्त

Fri, 08 Mar 2024 09:14 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 08 Mar 2024 09:14 PM IST
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Paving the way for providing financial assistance to poor prisoners
- एलजी ने दी अधिकार प्राप्त समिति व निगरानी समिति के गठन को मंजूरी
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गरीब कैदियों को वित्तीय सहायता देने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार की करीब एक साल पुरानी योजना को लागू करने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अधिकार प्राप्त समिति और निगरानी समिति के गठन को मंजूरी दे दी। ये गरीब कैदी आर्थिक तंगी के कारण, उन पर लगाया गया जुर्माना नहीं चुका पाने या जमानत राशि वहन करने में सक्षम नहीं होने के कारण जेल से रिहा नहीं हो पाते हैं।
इस योजना को लागू करने के लिए मई 2023 में केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा था। लेकिन योजना लागू नहीं हो पाई। मुख्यमंत्री ने पत्र को गृह विभाग मंत्री को भेज दिया था, जिन्होंने इसे गृह विभाग को भेज दिया। केंद्रीय गृह सचिव ने जून 2023 में दिल्ली सरकार से योजना के कार्यान्वयन के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा था। यह योजना केंद्रीय बजट 2023-24 का भी हिस्सा थी और इसके शीघ्र कार्यान्वयन की आवश्यकता है। योजना के कार्यान्वयन के लिए पूरा बजट केंद्र सरकार से मिलेगा। इस योजना से दिल्ली के जेलों में बंद करीब 162 कैदियों को लाभ मिलने की संभावना है। इन कैदियों (161 विचाराधीन कैदी और 01 दोषी) को सहायता प्रदान करने के लिए आवश्यक अनुमानित राशि जेल विभाग द्वारा 23 लाख 79 हजार रुपये आंकी गई है। इसकी मदद से जेल में भीड़ भी कम होगी।
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मजबूत होगा ई-जेल प्लेटफॉर्म
इस योजना के तहत ई-जेल प्लेटफॉर्म को मजबूत किया जाएगा। राज्य, केंद्र शासित प्रदेशों की जेलों में बंद कैदियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से गरीब जेल कैदियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने पर होने वाला खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। गृह विभाग ने प्रस्तावित किया कि दिशा निर्देशों और एसओपी के अनुसार सशक्त समिति में जिला कलेक्टर, जिला मजिस्ट्रेट, सचिव, जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, उप-अधिकारी होंगे। पुलिस आयुक्त, अधीक्षक, उप. संबंधित जेल के अधीक्षक, संबंधित जेल के प्रभारी न्यायाधीश, जिला न्यायाधीश के नामिती के रूप में होंगे। वहीं निगरानी समिति में प्रमुख सचिव (गृह/जेल), सचिव (कानून), सचिव, राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण, डीआइजी/आइजी (जेल), उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, विशेष पुलिस आयुक्त होंगे।
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