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Noida News: अनाथ, एकल बालिका और दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को मिले लैपटॉप और टैबलेट
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-धर्मेंद्र प्रधान ने किया सशक्त बेटी और ई-दृष्टि नामक परियोजनाओं का शुभारंभ
-स्कीम में डीयू फाउंडेशन के समर्पण समारोह में छात्र-छात्राओं को किए वितरित
-300 लैपटॉप और 300 टैबलेट विद्यार्थियों को वितरित किए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में अनाथ, एकल बालिकाओं और दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को नए साल का तोहफा मिला है। शनिवार को ऐसे छात्रों को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लैपटॉप व टैबलेट दिए हैं। इसके लिए उन्होंने डीयू फाउंडेशन की सशक्त बेटी और ई-दृष्टि नामक दो परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने 300 लैपटॉप और 300 टैबलेट छात्र-छात्राओं को वितरित किए।
सशक्त बेटी परियोजना न केवल दूरस्थ शिक्षा की सुविधा प्रदान करती है बल्कि डिजिटल साक्षरता को भी बढ़ाती है। प्रोजेक्ट ई-दृष्टि दृष्टिबाधित छात्रों की सीखने और अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ाने के लिए टैबलेट प्रदान करता है। इसे दृष्टिबाधित उपयोगकर्ताओं की पढ़ने, नोट लेने और डिजिटल सामग्री को नेविगेट करने जैसी जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। डीयू विश्वविद्यालय फाउंडेशन (डीयू द्वारा स्थापित कंपनी) की ओर से शनिवार को पहला समर्पण समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में मुख्य अतिथि एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि डीयू के इतिहास में दानियों के समर्पण समारोह का आयोजन पहली बार हुआ।
अगले एक दो वर्षों में डीयू फाउंडेशन के कॉर्पस में 100 करोड़ रुपए आने चाहिए, वह स्वयं भी इसके लिए प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि भारत सरकार शिक्षा पर खर्च बढ़ा रही है और आने वाले दिनों में इसे और बढ़ाया जाएगा। नजफगढ़ स्थित रोशनपुरा में बनने वाले कॉलेज का नाम वीर सावरकर रखने पर उन्होंने कहा कि सावरकर का देश भक्त के रूप में अपना एक रास्ता था। हम इतिहास को बदलना नहीं चाहते, बल्कि इतिहास को बड़ा करना चाहते हैं।
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कमेमोरेटिव वॉल्यूम ऑफ डोनर्स क्रॉनिकल, 2024 का हुआ विमोचन
इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय को पूर्णत: समर्पित एक एम्बुलेंस का अनावरण एवं कमेमोरेटिव वॉल्यूम ऑफ डोनर्स क्रॉनिकल, 2024 का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रो योगेश सिंह ने डीयू फाउंडेशन में दान देने वाले सभी दानियों को धन्यवाद करते हुए कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूर्ण करने का साधन शिक्षा है। इस अवसर पर सांसद मनोज तिवारी, डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो बलराम पाणी, दक्षिणी परिसर के निदेशक प्रो श्री प्रकाश सिंह, रजिस्ट्रार डॉ विकास गुप्ता, डीयू फाउंडेशन के सीईओ प्रो अनिल कुमार सहित विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र, विभिन्न संस्थानों के प्रमुख, विभिन्न संकायों के डीन व शिक्षक उपस्थित रहे।
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बेटियों को सशक्त बनाना है उद्देश्य
सशक्त बेटी परियोजना का लक्ष्य डीयू में पढ़ रही उन छात्राओं को लैपटॉप प्रदान करके सशक्त बनाना है जो या तो अनाथ हैं या चार लाख रुपये से कम पारिवारिक आय वाली एकल बेटी संतान है। डीयू के लिए पूरी तरह से सुसज्जित एम्बुलेंस एलआईसी गोल्डन जुबली फाउंडेशन द्वारा दान की गई है। यह एम्बुलेंस सेवा डीयू के संकाय, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य देखभाल पहुंच और आपातकालीन सेवा सुनिश्चित करेगी।
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-स्कीम में डीयू फाउंडेशन के समर्पण समारोह में छात्र-छात्राओं को किए वितरित
-300 लैपटॉप और 300 टैबलेट विद्यार्थियों को वितरित किए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में अनाथ, एकल बालिकाओं और दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को नए साल का तोहफा मिला है। शनिवार को ऐसे छात्रों को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लैपटॉप व टैबलेट दिए हैं। इसके लिए उन्होंने डीयू फाउंडेशन की सशक्त बेटी और ई-दृष्टि नामक दो परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने 300 लैपटॉप और 300 टैबलेट छात्र-छात्राओं को वितरित किए।
सशक्त बेटी परियोजना न केवल दूरस्थ शिक्षा की सुविधा प्रदान करती है बल्कि डिजिटल साक्षरता को भी बढ़ाती है। प्रोजेक्ट ई-दृष्टि दृष्टिबाधित छात्रों की सीखने और अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ाने के लिए टैबलेट प्रदान करता है। इसे दृष्टिबाधित उपयोगकर्ताओं की पढ़ने, नोट लेने और डिजिटल सामग्री को नेविगेट करने जैसी जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। डीयू विश्वविद्यालय फाउंडेशन (डीयू द्वारा स्थापित कंपनी) की ओर से शनिवार को पहला समर्पण समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में मुख्य अतिथि एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि डीयू के इतिहास में दानियों के समर्पण समारोह का आयोजन पहली बार हुआ।
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अगले एक दो वर्षों में डीयू फाउंडेशन के कॉर्पस में 100 करोड़ रुपए आने चाहिए, वह स्वयं भी इसके लिए प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि भारत सरकार शिक्षा पर खर्च बढ़ा रही है और आने वाले दिनों में इसे और बढ़ाया जाएगा। नजफगढ़ स्थित रोशनपुरा में बनने वाले कॉलेज का नाम वीर सावरकर रखने पर उन्होंने कहा कि सावरकर का देश भक्त के रूप में अपना एक रास्ता था। हम इतिहास को बदलना नहीं चाहते, बल्कि इतिहास को बड़ा करना चाहते हैं।
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कमेमोरेटिव वॉल्यूम ऑफ डोनर्स क्रॉनिकल, 2024 का हुआ विमोचन
इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय को पूर्णत: समर्पित एक एम्बुलेंस का अनावरण एवं कमेमोरेटिव वॉल्यूम ऑफ डोनर्स क्रॉनिकल, 2024 का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रो योगेश सिंह ने डीयू फाउंडेशन में दान देने वाले सभी दानियों को धन्यवाद करते हुए कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूर्ण करने का साधन शिक्षा है। इस अवसर पर सांसद मनोज तिवारी, डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो बलराम पाणी, दक्षिणी परिसर के निदेशक प्रो श्री प्रकाश सिंह, रजिस्ट्रार डॉ विकास गुप्ता, डीयू फाउंडेशन के सीईओ प्रो अनिल कुमार सहित विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र, विभिन्न संस्थानों के प्रमुख, विभिन्न संकायों के डीन व शिक्षक उपस्थित रहे।
बेटियों को सशक्त बनाना है उद्देश्य
सशक्त बेटी परियोजना का लक्ष्य डीयू में पढ़ रही उन छात्राओं को लैपटॉप प्रदान करके सशक्त बनाना है जो या तो अनाथ हैं या चार लाख रुपये से कम पारिवारिक आय वाली एकल बेटी संतान है। डीयू के लिए पूरी तरह से सुसज्जित एम्बुलेंस एलआईसी गोल्डन जुबली फाउंडेशन द्वारा दान की गई है। यह एम्बुलेंस सेवा डीयू के संकाय, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य देखभाल पहुंच और आपातकालीन सेवा सुनिश्चित करेगी।