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Noida News: एडीजीपी पूरण कुमार के समर्थन में सड़क पर उतरे संगठन, की नारेबाजी
Mon, 13 Oct 2025 01:21 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Mon, 13 Oct 2025 01:21 AM IST
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एडीजीपी वाई पूरण कुमार के समर्थन में प्रदर्शन करते लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले और देश के मुख्य न्यायाधीश के ऊपर जूता फेंकने की कोशिश करने के विरोध में रविवार को अनुसूचित जाति समाज और हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ समेत कई सामाजिक संगठनों ने जिला सचिवालय के सामने अनाज मंडी जगाधरी गेट पर सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान सभी ने पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
डीजीपी शत्रुजीत कपूर समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करके सख्त सजा दिलाने की मांग के साथ सभी नारेबाजी करते हुए जिला सचिवालय में पहुंचे, जहां पर उन्होंने राष्ट्रपति के नाम डीसी के माध्यम से ज्ञापन भेजा। डीसी पार्थ गुप्ता की अनुपस्थिति में एसडीएम व्यासपुर जसपाल सिंह गिल लोगों से ज्ञापन लेने पहुंचे। समाज के लोगों ने वाई पूरण कुमार को शहीद का दर्जा देने की मांग की।
हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ के जिला प्रधान सतपाल महमूदपुर, श्री गुरु रविदास मंदिर, डेरा बाबा लाल दास कपालमोचन से अमरनाथ ज्ञासड़ा, जगमाल सिंह व लाल सिंह कैत ने कहा कि देश व प्रदेश में अनुसूचित जाति पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। आए दिन कहीं न कहीं अनुसूचित जाति के लोगों की हत्या की जा रही है या फिर उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया जा रहा है। समाज के एडीजीपी रैंक के पुलिस अधिकारी को जब आत्महत्या करने पड़ रही है तो आम आदमी की क्या हालत होगी।
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इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। अब समाज चुप होकर बैठने वाला नहीं है। पूरे देश का अनुसूचित जाति समाज वाई पूरण कुमार के परिवार के साथ है। सरकार व पुलिस के बड़े अधिकारी इस मामले को दबाना चाहते हैं।
समाज के लोग इस मामले को खत्म होने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि आज यहां पर सांकेतिक रूप से धरना दिया गया, जिसमें महज कुछ ही संख्या में लोग शामिल हुए हैं। अब समाज के लोग पहले खंड स्तर पर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद जिला स्तर पर विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें हजारों की संख्या में लोग उपस्थित होंगे।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में चल रही महापंचायत में जो भी फैसला लिया जाएगा, पूरा समाज उसे मानते हुए आगामी निर्णय लेगा। इस मौके पर हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ के कोषाध्यक्ष विजेंद्र कुमार, वरिष्ठ उप प्रधान सोहनलाल, विनोद मोहड़ी, डॉक्टर संजीव कुमार, राजेश कटारिया, सेवानिवृत्त रोडवेज जीएम बालक राम, बीईओ करनैल सिंह संधावा समेत अन्य उपस्थित रहे।
ज्ञापन में उठाईं गई मांगें
ज्ञापन में मांग की है एडीजीपी वाई पूरण कुमार प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच करवा कर दोषी अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। राज्य स्तर पर अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारियों व कर्मचारियों की शिकायतों की त्वरित सुनवाई के लिए एक स्वतंत्र एससी प्रोटेक्शन सेल का गठन किया जाए। अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों के विरुद्ध जातीय भेदभाव से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों की पुन: समीक्षा कर शीघ्र निस्तारण किया जाए। एससी-एसटी एक्टर, 1989 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर मॉनीटरिंग कमेटी को पुन: सक्रिय किया जाए। संविधान के अनुच्छेद 15(4), 16(4), 17, 46 एवं 335 के अनुरूप अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारों, सुरक्षा और गरिमा की पूर्ण रक्षा सुनिश्चित की जाए।
एडीजीपी के मामले की जांच वर्तमान जज से कराएं : वरुण
व्यासपुर। कांग्रेस के अंबाला सांसद वरुण चौधरी ने कहा कि प्रदेश की कानूनी व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ी हुई है। आईपीएस पूरण कुमार आत्महत्या मामले में सरकार की कार्रवाई से न तो विपक्ष संतुष्ट है और न ही परिवार। मांग करते हैं कि पूरे प्रकरण मामले की निष्पक्ष जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज से करवाई जाए। सांसद रविवार को अनाज मंडी व्यासपुर में धान खरीद का जायजा लेने आए थे। जायजा लेने के बाद वह पत्रकारों के साथ बात कर रहे थे। संवाद
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यमुनानगर। एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले और देश के मुख्य न्यायाधीश के ऊपर जूता फेंकने की कोशिश करने के विरोध में रविवार को अनुसूचित जाति समाज और हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ समेत कई सामाजिक संगठनों ने जिला सचिवालय के सामने अनाज मंडी जगाधरी गेट पर सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान सभी ने पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
डीजीपी शत्रुजीत कपूर समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करके सख्त सजा दिलाने की मांग के साथ सभी नारेबाजी करते हुए जिला सचिवालय में पहुंचे, जहां पर उन्होंने राष्ट्रपति के नाम डीसी के माध्यम से ज्ञापन भेजा। डीसी पार्थ गुप्ता की अनुपस्थिति में एसडीएम व्यासपुर जसपाल सिंह गिल लोगों से ज्ञापन लेने पहुंचे। समाज के लोगों ने वाई पूरण कुमार को शहीद का दर्जा देने की मांग की।
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हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ के जिला प्रधान सतपाल महमूदपुर, श्री गुरु रविदास मंदिर, डेरा बाबा लाल दास कपालमोचन से अमरनाथ ज्ञासड़ा, जगमाल सिंह व लाल सिंह कैत ने कहा कि देश व प्रदेश में अनुसूचित जाति पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। आए दिन कहीं न कहीं अनुसूचित जाति के लोगों की हत्या की जा रही है या फिर उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया जा रहा है। समाज के एडीजीपी रैंक के पुलिस अधिकारी को जब आत्महत्या करने पड़ रही है तो आम आदमी की क्या हालत होगी।
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इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। अब समाज चुप होकर बैठने वाला नहीं है। पूरे देश का अनुसूचित जाति समाज वाई पूरण कुमार के परिवार के साथ है। सरकार व पुलिस के बड़े अधिकारी इस मामले को दबाना चाहते हैं।
समाज के लोग इस मामले को खत्म होने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि आज यहां पर सांकेतिक रूप से धरना दिया गया, जिसमें महज कुछ ही संख्या में लोग शामिल हुए हैं। अब समाज के लोग पहले खंड स्तर पर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद जिला स्तर पर विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें हजारों की संख्या में लोग उपस्थित होंगे।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में चल रही महापंचायत में जो भी फैसला लिया जाएगा, पूरा समाज उसे मानते हुए आगामी निर्णय लेगा। इस मौके पर हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ के कोषाध्यक्ष विजेंद्र कुमार, वरिष्ठ उप प्रधान सोहनलाल, विनोद मोहड़ी, डॉक्टर संजीव कुमार, राजेश कटारिया, सेवानिवृत्त रोडवेज जीएम बालक राम, बीईओ करनैल सिंह संधावा समेत अन्य उपस्थित रहे।
ज्ञापन में उठाईं गई मांगें
ज्ञापन में मांग की है एडीजीपी वाई पूरण कुमार प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच करवा कर दोषी अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। राज्य स्तर पर अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारियों व कर्मचारियों की शिकायतों की त्वरित सुनवाई के लिए एक स्वतंत्र एससी प्रोटेक्शन सेल का गठन किया जाए। अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों के विरुद्ध जातीय भेदभाव से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों की पुन: समीक्षा कर शीघ्र निस्तारण किया जाए। एससी-एसटी एक्टर, 1989 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर मॉनीटरिंग कमेटी को पुन: सक्रिय किया जाए। संविधान के अनुच्छेद 15(4), 16(4), 17, 46 एवं 335 के अनुरूप अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारों, सुरक्षा और गरिमा की पूर्ण रक्षा सुनिश्चित की जाए।
एडीजीपी के मामले की जांच वर्तमान जज से कराएं : वरुण
व्यासपुर। कांग्रेस के अंबाला सांसद वरुण चौधरी ने कहा कि प्रदेश की कानूनी व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ी हुई है। आईपीएस पूरण कुमार आत्महत्या मामले में सरकार की कार्रवाई से न तो विपक्ष संतुष्ट है और न ही परिवार। मांग करते हैं कि पूरे प्रकरण मामले की निष्पक्ष जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज से करवाई जाए। सांसद रविवार को अनाज मंडी व्यासपुर में धान खरीद का जायजा लेने आए थे। जायजा लेने के बाद वह पत्रकारों के साथ बात कर रहे थे। संवाद

एडीजीपी वाई पूरण कुमार के समर्थन में प्रदर्शन करते लोग। संवाद