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Noida News: जिम्स में नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल से ओपीडी बंद, 2000 मरीज लौटे

Tue, 17 Oct 2023 02:14 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 17 Oct 2023 02:14 AM IST
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OPD closed due to nursing staff strike in GIMS, 2000 patients returned
जिम्स में नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल से ओपीडी बंद, 2000 मरीज लौटे
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- स्थायी करने की मांग पर अड़े नर्सिंग स्टाफ ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
- विरोध के बाद जिम्स प्रशासन ने निरस्त कर दीं रिक्तियां
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में सोमवार को स्थायी नौकरी की मांग को लेकर नर्सिंग स्टॉफ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के कारण सोमवार को ओपीडी बंद रही। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे करीब 2000 मरीजों को लौटना पड़ा। हड़ताल का असर इमरजेंसी सेवा पर पड़ा। आईसीयू और एनआईसीयू में भर्ती मरीजों को भी खासी परेशानी का सामन करना पड़ा। व्यवस्था ठप पड़ जाने पर जिम्स अस्पताल प्रशासन ने निकाली गईं रिक्तियां निरस्त कर दी हैं।
जिम्स अस्पताल प्रशासन ने 7 अक्तूबर को 250 नर्सिंग स्टाफ की रिक्तियां निकाली थीं। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले परीक्षा के माध्यम से रिक्तियों भरी जानी थीं। अस्पताल में फिलहाल करीब 200 नर्सिंग स्टाफ अस्थायी तौर पर कार्यरत हैं। रिक्तियों के निकलने पर अस्थायी नर्सिंग स्टाफ ने स्थायी करने की मांग करते हुए विरोध शुरू कर दिया था। सोमवार सुबह नर्सिंग स्टाफ ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिसके कुछ देर बार समस्त नर्सिंग स्टाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इससे ओपीडी समेत इमरजेंसी सेवा बुरी तरह प्रभावित हो गई। कर्मियाें का कहना है कि कोरोना काल में अस्पताल प्रबंधन ने पहले से काम कर रहे और कोरोना काल में नौकरी पर रखे गए स्टाफ से आगे चलकर स्थायी नौकरी दिलाने का वादा किया था। अब टेस्ट की प्रक्रिया रखकर उन सभी को बाहर निकलने का रास्ता निकाला गया है।
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आईसीयू और एनआईसीयू में मरीजों की जान सांसत में



नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल से आईसीयू और एनआईसीयू में भी मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मरीजों की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। ऐसे में कई मरीजों की जान का जोखिम उत्पन्न हो गया है।
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कोट
मरीज
रविवार रात से तेज बुखार है। सोमवार सुबह जिम्स में दिखाने के लिए आए। यहां हड़ताल चल रही है। गेट पर मंगलवार को आने के लिए कहा जा रहा है। पता नहीं कल भी हड़ताल जारी रहे। - जैनब, मरीज, कासना
नर्सिंग स्टाफ
बड़ी संख्या में स्टाफ अस्पताल की स्थापना के समय से कार्यरत है। स्थायी कर्मियों के आने पर हमें नौकरी से निकाल दिया जाएगा। हमलोग कहां जाएंगे। अस्पताल प्रशासन ने स्थायी करने का वादा किया था। अब प्रबंधन अपनी बातों से मुकर रहा है। - विनोद त्यागी, नर्सिंग स्टाफ

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अस्पताल प्रशासन
नर्सिंग स्टाफ के हड़ताल पर जाने से ओपीडी ठप रही। करीब 2000 मरीज लौटे गए। इमरजेंसी में भी नर्सिंग स्टाफ नहीं है। नर्सिंग के लिए निकाली गईं रिक्तियां निरस्त कर दी गईं हैं। अस्पताल में कार्यरत अस्थायी नर्सिंग स्टाफ के लिए लोकसेवा आयोग से इजाजत मांगकर टेस्ट में प्राथमिकता देने के लिए लिखा जाएगा। नियम के अनुसार एक वर्ष में तीन नंबर और अधिकतम 15 नंबर का टेस्ट में लाभ मिल सकता है। - डॉ. ब्रिगेडियर राकेश कुमार गुप्ता, निदेशक जिम्स
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