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Noida News: एसटीपी पर लगा ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम
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फोटो-
-कासना स्थित एसटीपी पर एक माह में लगाने की तैयारी
- यूपीपीसीबी व गंगा मिशन करेगा एसटीपी की निगरानी--
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में बने सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की ऑनलाइन मॉनिटरिंग हो सकेगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बादलपुर के बाद अब ईकोटेक-2 व 3 के एसटीपी पर भी ऑनलाइन कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम (ओसीएमएस) लगाया है। अब कासना स्थित 137 एमएलडी एसटीपी ही बचा है। जिस पर ओसीएमएस नहीं लगा है। एक माह में यहां भी ओसीएमएस लग जाएगा। इन एसटीपी की निगरानी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) भी अपने ऑफिस में बैठकर कंप्यूटर पर कर सकेंगे।
नमामि गंगा परियोजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी एसटीपी को ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है। जिससे एसटीपी से सीवरेज के ट्रीटमेंट की ऑनलाइन मॉनिटरिंग हो सके। इसके मद्देनजर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने सीवर विभाग को ग्रेटर नोएडा के सभी एसटीपी में ऑनलाइन कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम तत्काल लगाने के निर्देश दिए। जिस पर अमल करते हुए सीवर विभाग ने बादलपुर स्थित दो एमएलडी क्षमता के एसटीपी पर सबसे पहले इसे लागू किया और फिर एक माह में दो और एसटीपी सेक्टर इकोटेक-दो व इकोटेक-3 पर ओसीएमएस लगाया है। एक एसटीपी पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने में लगभग 30 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। जिसे प्राधिकरण वहन कर रहा है। वरिष्ठ प्रबंधक विनोद शर्मा ने बताया कि ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस होने के बाद प्राधिकरण के सीवर विभाग के अधिकारी ऑफिस में बैठकर नजर रख सकेंगे।
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सिंचाई व निर्माण कार्य में लिया जा रहा ट्रीटेड वाटर:
एसटीपी से सीवरेज को शोधित करने से प्राप्त पानी का इस्तेमाल सिंचाई और निर्माण कार्यों में किया जा रहा है। एनटीपीसी भी बिजली उत्पादन के लिए इसी पानी का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा है। इस योजना पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और एनटीपीसी के बीच बातचीत चल रही है।
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एसटीपी क्षमता
बादलपुर-- 2 एमएलडी
कासना-- 137 एमएलडी
ईकोटेक-2-- 15 एमएलडी
ईकोटेक-3-- 20 एमएलडी
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-कासना स्थित एसटीपी पर एक माह में लगाने की तैयारी
- यूपीपीसीबी व गंगा मिशन करेगा एसटीपी की निगरानी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में बने सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की ऑनलाइन मॉनिटरिंग हो सकेगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बादलपुर के बाद अब ईकोटेक-2 व 3 के एसटीपी पर भी ऑनलाइन कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम (ओसीएमएस) लगाया है। अब कासना स्थित 137 एमएलडी एसटीपी ही बचा है। जिस पर ओसीएमएस नहीं लगा है। एक माह में यहां भी ओसीएमएस लग जाएगा। इन एसटीपी की निगरानी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) भी अपने ऑफिस में बैठकर कंप्यूटर पर कर सकेंगे।
नमामि गंगा परियोजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी एसटीपी को ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है। जिससे एसटीपी से सीवरेज के ट्रीटमेंट की ऑनलाइन मॉनिटरिंग हो सके। इसके मद्देनजर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने सीवर विभाग को ग्रेटर नोएडा के सभी एसटीपी में ऑनलाइन कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम तत्काल लगाने के निर्देश दिए। जिस पर अमल करते हुए सीवर विभाग ने बादलपुर स्थित दो एमएलडी क्षमता के एसटीपी पर सबसे पहले इसे लागू किया और फिर एक माह में दो और एसटीपी सेक्टर इकोटेक-दो व इकोटेक-3 पर ओसीएमएस लगाया है। एक एसटीपी पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने में लगभग 30 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। जिसे प्राधिकरण वहन कर रहा है। वरिष्ठ प्रबंधक विनोद शर्मा ने बताया कि ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस होने के बाद प्राधिकरण के सीवर विभाग के अधिकारी ऑफिस में बैठकर नजर रख सकेंगे।
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सिंचाई व निर्माण कार्य में लिया जा रहा ट्रीटेड वाटर:
एसटीपी से सीवरेज को शोधित करने से प्राप्त पानी का इस्तेमाल सिंचाई और निर्माण कार्यों में किया जा रहा है। एनटीपीसी भी बिजली उत्पादन के लिए इसी पानी का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा है। इस योजना पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और एनटीपीसी के बीच बातचीत चल रही है।
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एसटीपी क्षमता
बादलपुर
कासना
ईकोटेक-2
ईकोटेक-3