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एजुकेशन हब: शिक्षण संस्थानों में गांजा और चरस की ऑनलाइन डिलीवरी, नशे की दलदल में फंसकर छात्र बन रहे तस्कर

Wed, 22 Nov 2023 12:12 PM IST
शाहरुख खान जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 22 Nov 2023 12:12 PM IST
सार

ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थाना पुलिस ने ई-कॉमर्स कंपनी के सामान की डिलीवरी की आड़ में शिक्षण संस्थान और कंपनियों में गांजा-चरस तस्करी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नॉलेज पार्क के कॉलेज से बीबीए की पढ़ाई कर चुकी छात्रा, उसके फुफेरे भाई बुलंदशहर के डिबाई निवासी बिंटू ठाकुर और पिंटू उर्फ कालू एवं उनके साथी बलिया के जयप्रकाश को गिरफ्तार किया है। मास्टर माइंड रिंकू उर्फ सेठ और उसका साथी सदरपुर का विकास अभी फरार है। 

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Online delivery of ganja-charas to educational institutions in Greater Noida
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एजुकेशन हब के रूप में पहचान बना चुके जिले में कई छात्र नशे के दलदल में फंसकर तस्कर बन रहे हैं। गांजा-चरस तस्करी में पकड़ी गई बुलंदशहर के ऊंचागांव निवासी वर्षा की कहानी भी कुछ यही बयां कर रही है। वर्षा पहले नॉलेज पार्क के कॉलेज में ही बीबीए की पढ़ाई करती थी और इसी तरह नशे की दलदल में फंसकर तस्कर बन गई। 
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इससे पहले भी जिले में कई छात्र नशा तस्करी के आरोप में पकड़े जा चुके हैं। वहीं, कई तस्करों की शिक्षण संस्थानों के आसपास से गिरफ्तारी भी हुई है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में छात्र नोएडा-ग्रेनो में शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। अभिभावक अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें यहां भेजते हैं लेकिन कई छात्र अपने घर से दूर आकर नशे के चंगुल में फंस जाते हैं। 
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नशे की शुरुआत दोस्तों के साथ सिगरेट की कश और बीयर से होती है। लेकिन धीरे-धीरे कई छात्र-छात्राएं नशे के आदी होने लगते हैं। उनका नशा चरस व गांजे और शराब तक पहुंच जाता है। 
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अभिभावक से निर्धारित जेब खर्च मिलने के कारण कई छात्र नशे के शौक की पूर्ति के लिए तस्करी तक करने लगते हैं। लेकिन जब इन्हें इसमें मुनाफा व इच्छा की पूर्ति होती दिखाई देती है तो वह इसे अपने धंधे में शामिल कर लेते हैं। जहां से निकलना उनके लिए काफी मुश्किल होता है और एक न एक दिन वह कानून के चंगुल में फंस जाते हैं। 

अक्सर माफिया तक नहीं पहुंचते पुलिस के हाथ

गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने मादक पदार्थ के तस्करों के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है। लगभग हर रोज तस्करों की गिरफ्तारी भी हो रही है। लेकिन अधिकांश मामलों में फुटकर विक्रेता की गिरफ्तारी होती है। बड़े नशे के सौदागर व माफिया तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच पाते। इसके चलते बड़े अपराधी छोटे फुटकर विक्रेताओं को तलाशकर अवैध धंधा जारी रखते हैं। मई माह में ग्रेनो में पकड़ी गई दो ड्रग्स फैक्टरी के मास्टर माइंड को भी पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। 
 

शिक्षण संस्थानों के पास से हाल में गिरफ्तार तस्कर
16 नवंबर 2023 - दनकौर पुलिस ने गलगोटिया विवि के पास से तस्कर जग्गी को किया गिरफ्तार। 
17 नवंबर 2023 - दादरी पुलिस ने शिव नादर विवि के पास से गांजा तस्कर अफसर अली को किया गिरफ्तार।
17 नवंबर 2023 - दादरी पुलिस ने बैनेट विवि के पास से गांजा तस्कर वसीम को किया गिरफ्तार। 
18 नवंबर 2023 - नॉलेज पार्क के कालेज के पास से तस्कर अमित गांजे संग गिरफ्तार। 
18 सितंबर 2022 - नॉलेज पार्क क्षेत्र के कॉलेज के पास से 29 लाख की विदेशी ड्रग्स संग तीन छात्र गिरफ्तार।

राज नहीं उगलवा पाई थी पुलिस
सेक्टर-113 थाना पुलिस ने वर्षा को इसी वर्ष 14 मई को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने वर्षा के कब्जे से बरामद बैग से छह सौ ग्राम गांजा बरामद किया था। वर्षा ने बताया था कि वह गांजा ग्रेनो से लेकर आई है लेकिन उसका नाम नहीं जानती। पुलिस वर्षा से राज नहीं उगलवा पाई और वह जेल से छूटकर फिर से गांजा तस्करी करने लगी। आरोपियों के खिलाफ बुलंदशहर में पहले भी केस दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि ऑनलाइन गांजा-चरस तस्करी का पैसा बिंटू के दो बैंक अकाउंट में आता है। इन खातों में कितना पैसा है, इसकी अभी जानकारी नहीं है। लेकिन आरोपी के दोनों खातों को फ्रीज करा दिया गया है।

चकमा देने के लिए फि्लपकार्ट के नाम का इस्तेमाल 
वर्षा ओमिक्रान-2 सेक्टर की मिग्सन अल्टिमो सोसाइटी में रहती है और मूलरूप से बुलंदशहर के ऊंचागांव की रहने वाली है। वह पूर्व में नॉलेज पार्क में पढ़ाई करती थी। इसके चलते उस पर कोई शक नहीं करता था। किसी न किसी काम के बहाने वह कॉलेज, विवि और नौकरी के बहाने कंपनियों में प्रवेश कर जाती थी। फि्लपकार्ट की पैकिंग देखकर कोई उनके सामान की चेकिंग भी नहीं करता था। इससे आरोपियों का अवैध धंधा फल फूल रहा था। 
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