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वन मैप ने ढूंढे 400 करोड़ के 138 लापता भूखंड

Fri, 22 Oct 2021 01:36 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 22 Oct 2021 01:36 AM IST
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One Map found 138 missing plots worth 400 crores
ग्रेटर नोएडा। कोरोना काल में तैयार किए गए वन मैप ने ग्रेनो प्राधिकरण के 138 औद्योगिक भूखंडों को ढूंढ निकाला। इनकी कीमत लगभग 400 करोड़ रुपये बताई गई है। अब इनका आवंटन किया जाएगा। इनमें लगने वाले उद्योगों से 1500 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 4000 युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रदेश में ऐसा पहला प्राधिकरण है, जिसने वन मैप तैयार कराया है। खास बात यह है कि वन मैप के बीटा वर्जन के ट्रायल के दौरान ही इन भूखंडों ढूंढ निकाला गया। अभी वन मैप का उद्घाटन मुख्यमंत्री के हाथों होना है। प्राधिकरण ने सिंगापुर की तर्ज वन मैप तैयार कराया है। इसमें ग्रेटर नोएडा से जुड़ी हर एक जानकारी है। प्राधिकरण ने ट्रायल के रूप में इसका बीटा वर्जन शुरू कर दिया है, ताकि आम जन का फीडबैक मिल सके। बीटा वर्जन के ट्रायल में पहले 54 और अब 84 औद्योगिक भूखंडों को ढूंढा गया है। इस उपलब्धि से अधिकारी गदगद हैं। प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने उद्योगों के साथ ही संस्थागत, आईटी, रिहायश और वाणिज्यिक विभागों को वन मैप के जरिये भूखंडों की छानबीन करने के निर्देश दिए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द अन्य लापता भूखंडों की भी जानकारी मिलेेगी।
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आवंटन में छूटकर लापता हुए थे ये प्लाट
वन मैप से जिन लापता भूखंडों का पता चला है। ये वे प्लॉट हैं, जो किसी योजना में शामिल किए गए होंगे, लेकिन आवंटित नहीं हुए। इन्हें किसी दूसरी योजना में शामिल किया जाना चाहिए था, लेकिन संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के चले जाने से ये छूट गए।
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जीआईएस से है कनेक्ट
सीईओ नरेंद्र भूषण ने शहर से जुड़ी हर जानकारी को आम जनता तक पहुंचाने के लिए वन मैप तैयार कराने का निर्णय लगभग डेढ़ साल पहले लिया था। इसे प्राधिकरण की टीम और नेशनल इंर्फोमेशन सिस्टम ने तैयार किया है। वन मैप जियोग्राफिक इंर्फोमेशन सिस्टम (जीआईएस) से जुड़ा है। इसे प्राधिकरण की वेबसाइट www.greaternoidaauthority.in से लिंक किया गया है। इस पर क्लिक करते ही सारी जानकारी आपके सामने आ जाएगी। मसलन, सिटीजन कॉलम पर क्लिक करने से ग्रेटर नोएडा में स्थित बस स्टॉप और पुलिस स्टेशन, पोस्ट ऑफिस, सार्वजनिक शौचालय कहां हैं, यह सब पता चल जाएगा। ग्रेटर नोएडा के बुक मार्क जैसे कि परी चौक, जेपी ग्रींस, इंडिया एक्सपो मार्ट, सिटी पार्क आदि कहां हैं। सेक्टर में स्थित एक-एक प्लॉट और उसके आवंटी का ब्योरा भी आप वन मैप से देख सकते हैं। आवासीय, इंडस्ट्री, संस्थागत, वाणिज्यिक, आईटी आदि के कितने भूखंड खाली हैं, इसे भी देख जा सकता है। अपनी जरूरत के हिसाब से योजना के आवेदन कर प्लॉट भी पा सकते हैं।
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ऐसे पता चलता है खाली भूखंडों का
वन मैप सिंगल प्वाइंट डाटा कलेक्शन पर काम करता है। इनमें सभी विभागों का डाटा एक जगह कर दिया है। प्राधिकरण के प्लानिंग सेल से ले आउट लेकर ड्रोन से मिले डाटा पर प्रोजेक्ट कर दिया जाता है। वन मैप ले आउट और मैनेजमेंट इंफोर्मेशन सिस्टम (एमआईएस) के डाटा से मिलान करता है, जिन भूखंडों का मिलान नहीं हो पाता उन्हें खाली भूखंडों की सूची में डाल देता है, जिससे प्राधिकरण को आसानी से इसके बारे में पता चल जाता है। सीईओ या अन्य सीनियर अफसर जब चाहें इसे देख सकते हैं। प्राधिकरण सैटेलाइट के साथ ही ड्रोन से शहर की इमेज व डाटा स्टोर कर चुका है।
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