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Noida News: अब नोएडा में किराए पर मिल सकेंगे छोटे साइज के ऑफिस
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अब नोएडा में किराये पर मिल सकेंगे छोटे साइज के ऑफिस
- 500 वर्गमीटर से कम के कार्यालय किराये पर नहीं देने की बाध्यता हुई दूर
- प्राधिकरण के प्रस्ताव पर शासन ने दी सहमति, आवंटी एफएआर के मुताबिक तय कर सकेंगे किरायेदारों की संख्या
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। छोटे ऑफिस किराये पर लेकर काम शुरू करने वाले उद्यमियों के लिए खुशखबरी। अब नोएडा में 500 वर्गमीटर से छोटे ऑफिस स्पेस किराये पर मिल सकेंगे। संस्थागत विभाग के अंतर्गत शहर के आईटी और आईटी इनेबल सर्विसेज के आवंटियों की इमारत में यह सुविधा मिलेगी। नोएडा प्राधिकरण के प्रस्ताव पर शासन ने मुहर लगा दी है। हालांकि शासन की ओर से कुछ शर्तें भी लगाई गई हैं।
ऑफिस स्पेस के साइज को लेकर भी छोटे उद्यमियों ने शासन से मांग की थी। उनकी मांगों को पूरा करने की अनुमति मिल गई है। अब आवंटी 100, 200 और 300 वर्गमीटर के ऑफिस स्पेस भी किराये पर दे सकेंगे। इससे आवंटियों के अलावा किरायेदारों को भी लाभ होगा। छोटे और कम पूंजी में काम शुरू करने वालों को इससे राहत मिलेगी।
ऑफिस स्पेस किराये पर देने के लिए किरायानाम की शर्तों में राहत दी गई है। अहम है कि पहले ऑफिस स्पेस के किरायानामे के लिए आवंटियों को प्राधिकरण के चक्कर लगाने पड़ते थे। इसकी शिकायत शासन से की गई थी। यही वजह है कि इस बार के बोर्ड बैठक में नोएडा और ग्रेनो प्राधिकरण को चेयरमैन मनोज कुमार सिंह की ओर से निर्देश जारी करते हुए प्रस्ताव रखने को कहा गया।
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ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का रखा गया ध्यान
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत किराया अनुमति के लिए आवंटी तथा किरायेदार से लिए जाने वाले दस्तावेज में आवंटी कंपनी के लेटर हेड पर आवेदन पत्र, प्रोसेसिंग फीस, ऑफिस के क्षेत्रफल के अलावा शपथ पत्र भी देना होगा। जिसमें यह बताया जाएगा कि किरायेदार की ओर से आवंटी को मिली भू-उपयोग की अनुमति के तहत ही काम किया जाएगा। खास बात यह कि किरायेदार की ओर से दाखिल किए जाने वाले अन्य समस्त दस्तावेज को समाप्त करते हुए मात्र इकाई का नाम और पैन कार्ड लिया जाएगा।
किरायेदारों की संख्या भी पहले से होगी तय
शासन के आदेश के तहत आवंटियों को किरायेदारों की संख्या पहले से तय करनी होगी। इसके लिए शासन ने फॉर्मूला तय किया है। इसके तहत कुल एफएआर में 500 से भाग देने पर किरायेदारों की संख्या का पता चल जाएगा। अगर किसी आवंटी के एफएआर की गणना के बाद 5000 वर्गमीटर का ऑफिस स्पेस है तो इसे 500 से भाग देने पर कुल किरायेदारों की संख्या 10 प्राप्त होगी। इसी तरह से 2000 वर्गमीटर के मामले में किरायेदारों की संख्या 4 से ज्यादा नहीं होगी।
आदेश के अनुपालन की होगी कवायद
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि शासन की ओर से आए आदेशों का जल्द से जल्द पालन किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही कार्यालय आदेश निकाला जाएगा। इसमें शासन की ओर से नियमों में किए गए बदलावों के बाबत बताया जाएगा।
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- 500 वर्गमीटर से कम के कार्यालय किराये पर नहीं देने की बाध्यता हुई दूर
- प्राधिकरण के प्रस्ताव पर शासन ने दी सहमति, आवंटी एफएआर के मुताबिक तय कर सकेंगे किरायेदारों की संख्या
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। छोटे ऑफिस किराये पर लेकर काम शुरू करने वाले उद्यमियों के लिए खुशखबरी। अब नोएडा में 500 वर्गमीटर से छोटे ऑफिस स्पेस किराये पर मिल सकेंगे। संस्थागत विभाग के अंतर्गत शहर के आईटी और आईटी इनेबल सर्विसेज के आवंटियों की इमारत में यह सुविधा मिलेगी। नोएडा प्राधिकरण के प्रस्ताव पर शासन ने मुहर लगा दी है। हालांकि शासन की ओर से कुछ शर्तें भी लगाई गई हैं।
ऑफिस स्पेस के साइज को लेकर भी छोटे उद्यमियों ने शासन से मांग की थी। उनकी मांगों को पूरा करने की अनुमति मिल गई है। अब आवंटी 100, 200 और 300 वर्गमीटर के ऑफिस स्पेस भी किराये पर दे सकेंगे। इससे आवंटियों के अलावा किरायेदारों को भी लाभ होगा। छोटे और कम पूंजी में काम शुरू करने वालों को इससे राहत मिलेगी।
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ऑफिस स्पेस किराये पर देने के लिए किरायानाम की शर्तों में राहत दी गई है। अहम है कि पहले ऑफिस स्पेस के किरायानामे के लिए आवंटियों को प्राधिकरण के चक्कर लगाने पड़ते थे। इसकी शिकायत शासन से की गई थी। यही वजह है कि इस बार के बोर्ड बैठक में नोएडा और ग्रेनो प्राधिकरण को चेयरमैन मनोज कुमार सिंह की ओर से निर्देश जारी करते हुए प्रस्ताव रखने को कहा गया।
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ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का रखा गया ध्यान
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत किराया अनुमति के लिए आवंटी तथा किरायेदार से लिए जाने वाले दस्तावेज में आवंटी कंपनी के लेटर हेड पर आवेदन पत्र, प्रोसेसिंग फीस, ऑफिस के क्षेत्रफल के अलावा शपथ पत्र भी देना होगा। जिसमें यह बताया जाएगा कि किरायेदार की ओर से आवंटी को मिली भू-उपयोग की अनुमति के तहत ही काम किया जाएगा। खास बात यह कि किरायेदार की ओर से दाखिल किए जाने वाले अन्य समस्त दस्तावेज को समाप्त करते हुए मात्र इकाई का नाम और पैन कार्ड लिया जाएगा।
किरायेदारों की संख्या भी पहले से होगी तय
शासन के आदेश के तहत आवंटियों को किरायेदारों की संख्या पहले से तय करनी होगी। इसके लिए शासन ने फॉर्मूला तय किया है। इसके तहत कुल एफएआर में 500 से भाग देने पर किरायेदारों की संख्या का पता चल जाएगा। अगर किसी आवंटी के एफएआर की गणना के बाद 5000 वर्गमीटर का ऑफिस स्पेस है तो इसे 500 से भाग देने पर कुल किरायेदारों की संख्या 10 प्राप्त होगी। इसी तरह से 2000 वर्गमीटर के मामले में किरायेदारों की संख्या 4 से ज्यादा नहीं होगी।
आदेश के अनुपालन की होगी कवायद
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि शासन की ओर से आए आदेशों का जल्द से जल्द पालन किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही कार्यालय आदेश निकाला जाएगा। इसमें शासन की ओर से नियमों में किए गए बदलावों के बाबत बताया जाएगा।