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परिवहन विभाग की लापरवाही: एक गलती ने कार बना दी 11 साल पुरानी, जानिए क्या है पूरा मामला
Fri, 03 Dec 2021 10:55 AM IST
पूजा त्रिपाठी
ओम सेठी, अमर उजाला, नोएडा
ओम सेठी, अमर उजाला, नोएडा
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Fri, 03 Dec 2021 10:55 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
नोएडा सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय (एआरटीओ) के कर्मचारियों की लापरवाही ने एक शख्स की मुसीबतें बढ़ा दीं। बरौला गांव में रहने वाले संजय का चौपहिया वाहन खरीदने और बेचने का काम है। कुछ दिनों पहले उन्होंने 2012 मॉडल की कार संजीव नाम के व्यक्ति को बेची थी।
आरसी ट्रांसफर का जिम्मा एआरटीओ कार्यालय का था। आरोप है कि कार्यालय ने गाड़ी तो ट्रांसफर कर दी, लेकिन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) में गाड़ी की मैन्यूफैक्चरिंग तारीख 19 मई 2012 थी, उसे एक जनवरी 2001 कर दिया। इससे गाड़ी साल पुरानी हो गई। इसे ठीक करवाने के लिए विक्रेता और खरीदार कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
संजीव का कहना है कि कर्मचारियों की लापरवाही से उनकी मुसीबतें बढ़ गई हैं। नए कागजों के मुताबिक उनकी गाड़ी की वैद्यता खत्म हो गई है। जबकि, 18 मई 2027 तक उनकी गाड़ी वैध है। इस मामले में एआरटीओ प्रशासन एके पांडेय का कहना है कि फीडिंग के समय कर्मचारियों से गलती हो गई होगी। इसे जल्द ठीक कर दिया जाएगा।
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आरसी ट्रांसफर का जिम्मा एआरटीओ कार्यालय का था। आरोप है कि कार्यालय ने गाड़ी तो ट्रांसफर कर दी, लेकिन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) में गाड़ी की मैन्यूफैक्चरिंग तारीख 19 मई 2012 थी, उसे एक जनवरी 2001 कर दिया। इससे गाड़ी साल पुरानी हो गई। इसे ठीक करवाने के लिए विक्रेता और खरीदार कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
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संजीव का कहना है कि कर्मचारियों की लापरवाही से उनकी मुसीबतें बढ़ गई हैं। नए कागजों के मुताबिक उनकी गाड़ी की वैद्यता खत्म हो गई है। जबकि, 18 मई 2027 तक उनकी गाड़ी वैध है। इस मामले में एआरटीओ प्रशासन एके पांडेय का कहना है कि फीडिंग के समय कर्मचारियों से गलती हो गई होगी। इसे जल्द ठीक कर दिया जाएगा।
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