नोएडा: रिश्वत लेकर बदमाश छोड़ने के आरोपी इंस्पेक्टर शावेज खान और सिपाही अंबरीश बर्खास्त, स्वाट टीम बर्खास्त
इंदिरापुरम पुलिस ने एटीएम काटकर कैश चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को हिरासत में लिया है। पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि तीन महीने पहले नोएडा पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया था, लेकिन छोड़ने के नाम पर सौदेबाजी करते हुए उनसे क्रेटा कार और 20 लाख रुपये लिए गए।
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रिश्वत लेकर बदमाशों को छोड़ने के आरोपी इंस्पेक्टर शावेज खान और सिपाही अंबरीश यादव को बर्खास्त कर दिया गया है। इसके अलावा नोएडा कमिश्नरेट की पूरी स्वाट टीम को भंग कर दिया गया है। एटीएम काटकर रुपये चोरी करने वाले गिरोह के बदमाशों को क्रेटा कार और 20 लाख रुपये देने के एवज में छोड़ने के आरोप में नोएडा पुलिस के इन कर्मियों पर यह कार्रवाई की गई है।
सभी आरोपियों की संपत्ति की होगी जांच
पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर आलोक सिंह ने कठोर कार्रवाई करते हुए कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में नियुक्त निरीक्षक शावेज़ खान व मुख्य आरक्षी अमरीश कांत यादव को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की पूरी स्वाट टीम को भंग करके लाइन हाजिर कर दिया गया है। इनकी सम्पत्तियों की जांच के आदेश दिए गए हैं साथ ही मेरिट के आधार पर नई स्वाट टीम के गठन हेतु अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था को निर्देशित कर दिया गया है।
इंदिरापुरम पुलिस ने एटीएम काटकर कैश चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को हिरासत में लिया था। पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि वह काफी समय से दिल्ली-एनसीआर समेत तमाम प्रदेशों के एटीएम को निशाना बना रहे हैं। तीन महीने पहले नोएडा पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया था, लेकिन छोड़ने के नाम पर सौदेबाजी करते हुए उनसे क्रेटा कार और 20 लाख रुपये लिए गए। आरोपियों का यह बयान सामने आते ही जिले के पुलिस अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से संपर्क किया और पूरे मामले से अवगत कराया। लखनऊ से फोन घनघनाने के बाद नोएडा पुलिस में हलचल मच गई।
सीसीटीवी फुटेज ने खोला नोएडा पुलिस का कारनामा
दरअसल, एक एटीएम में वारदात की सीसीटीवी फुटेज इंदिरापुरम पुलिस के पास थी। इसमें गिरोह के सदस्य एक कार में बैठे दिखाई दिए थे। रविवार को पुलिस ने फुटेज के आधार पर चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया। उनसे कार के बारे में पूछा तो पता चला कि यह कार नोएडा पुलिस के पास है। नोएडा पुलिस के पास यह कार कैसे पहुंची, यह पूछने पर आरोपियों ने बताया कि सिर्फ कार ही नहीं, उन्हें छोड़ने के नाम पर 20 लाख रुपये भी लिए गए। नोएडा पुलिस का कारनामा सामने आने के बाद अधिकारियों को इससे अवगत कराया गया।
50 लाख मांगे थे, 20 लाख में हुई सौदेबाजी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने बताया कि नोएडा क्राइम ब्रांच ने करीब तीन महीने पहले उन्हें पकड़ा था। इस दौरान आरोपियों से 10 लाख रुपये बरामद हुए थे। आरोपियों ने छोड़ने की गुहार लगाई तो नोएडा पुलिस ने 50 लाख रुपये की मांग की, लेकिन सौदेबाजी करते-करते हुए 20 लाख रुपये में डील हो गई। साथ ही, आरोपियों के ठिकाने पर दबिश देने के दौरान नोएडा पुलिस को वहां एक क्रेटा कार मिली, जिसे भी वह अपने साथ ले गई। इसी कार को ले जाते हुए पुलिस सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। बताया जा रहा है कि गाजियाबाद पुलिस ने यह फुटेज बरामद कर ली है।
नोएडा-गाजियाबाद पुलिस की तकरार पुरानी
गाजियाबाद और नोएडा पुलिस की तकरार बीते कई महीनों से चली आ रही है। नोएडा पुलिस के एक दरोगा ने साहिबाबाद के एक कारोबारी को बंधक बनाकर रकम वसूली थी। इस संबंध में साहिबाबाद पुलिस ने दरोगा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। वहीं, दूसरा मामला नोएडा में सामने आया। वहां के रहने वाले एक व्यक्ति ने इंदिरापुरम पुलिस पर खुद को अगवा करने और 12 घंटे अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगाया था। तीसरा मामला एटीएम कटर गिरोह का सामने आया है। इससे साफ जाहिर है कि गाजियाबाद और नोएडा पुलिस में तकरार बरकरार है।