नोएडा में इंजीनियर की मौत: ताबड़तोड़ एक्शन जारी, दो और बिल्डर गिरफ्तार; दफ्तर और कॉर्पोरेट ऑफिस सीज
पुलिस ने गुरुवार को लोटस ग्रीन बिल्डर कंपनी दो निदेशकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान रवि बंसल निवासी मंगलम रेजिडेंसी अपॉर्टमेंट फरीदाबाद (हरियाणा) और सचिन करनवाल निवासी शालीमार गार्डन गाजियाबाद के रूप में हुई है।
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विस्तार
ग्रेटर नोएडा सेक्टर-62 स्थित टॉवर ए की सातवीं मंजिल पर संचालित बेस्टटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अभय कुमार और सह आरोपी बिल्डर निर्मल सिंह से जुड़े सेक्टर-126 स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय को पुलिस टीम ने सीज कर दिया है।
रजिस्टर्ड ऑफिस चल रहा अन्य पते पर
कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सेक्टर-62 स्थित टॉवर में सातवीं मंजिल पर संचालित बेस्टटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय पर गुरुवार को कार्रवाई की गई। इसी तरह बिल्डर निर्मल सिंह के कंपनी का कॉर्पोरेट ऑफिस सेक्टर-126 नोएडा के प्लॉट नंबर-18 की छठी मंजिल पर भी संचालित था। जबकि रजिस्टर्ड ऑफिस का संचालन अन्य पते से किया जा रहा था।
किया जा रहा था नियमों का उल्लंघन
जांच में सामने आया कि संबंधित कार्यालयों में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था और प्रकरण से जुड़े आरोपियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए परिसर को सीज करने के आदेश दिए थे। कार्रवाई के दौरान बिल्डिंग के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। सीज की प्रक्रिया विधिवत नोटिस के बाद की गई है और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
रिकॉर्ड किए गए जब्त
दस्तावेजों की पड़ताल के लिए टीम द्वारा कंपनी से जुड़े रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों और बिल्डिंग में कार्यरत अन्य कंपनियों के कर्मचारियों में अचानक हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया। लोग देर तक यह जानने का प्रयास करते रहे कि आखिर किस कारण से कार्यालय को सील किया गया है।
लोटस ग्रीन के दो बिल्डर गिरफ्तार
पुलिस ने गुरुवार को लोटस ग्रीन बिल्डर कंपनी दो निदेशकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान रवि बंसल निवासी मंगलम रेजिडेंसी अपॉर्टमेंट फरीदाबाद (हरियाणा) और सचिन करनवाल निवासी शालीमार गार्डन गाजियाबाद के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद दोनों आरोपियों को सूरजपुर स्थित कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को होगी। इस मामले में एमजेड विश टाउन बिल्डर कंपनी के डायरेक्टर अभय कुमार को 20 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। मामले में अबतक तीन बिल्डरों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
नोएडा प्राधिकरण से लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने खरीदा था भूखंड
पुलिस जांच में पता चला है कि भूखंड वर्ष 2014 में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा खरीदा गया था। इसके बाद वर्ष 2020 में यह जमीन एमजेड विशटाउन द्वारा खरीदी गई। लेकिन अब भी इसमें लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन की हिस्सेदारी बनी हुई है। कंपनी की शेयर होल्डिंग में अभय कुमार की 32.20 प्रतिशत, संजय कुमार की 27.30 प्रतिशत, मनीष कुमार की 7 प्रतिशत, अचल बोहरा की 3.05 प्रतिशत और निर्मल कुमार सहित लोटस ग्रीन की लगभग 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इससे पहले गिरफ्तार हुए बिल्डर अभय कुमार की ओर से पूछताछ में बताया कि घटना स्थल पर स्थित नाले की मरम्मत के लिए 13.50 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। एसीपी ग्रेटर नोएडा हेमंत उपाध्याय ने बताया कि आरोपी बिल्डरों को गिरफ्तार किया है। अन्य की तलाश जारी है।
क्या है मामला
एटीएस ले ग्रैंडियोस सोसाइटी के समीप टी प्वाइंट के पास शुक्रवार देर रात एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होने के बाद गहरे नाले की दीवार तोड़ते हुए पानी से भरे बेसमेंट में करीब 70 फीट दूर जा गिरी थी। नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस, दमकल टीम, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीम ने कई घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 30 फीट गहरे पानी से युवक को निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। पुलिस ने मामले में युवराज के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर लोटस ग्रीन और एमजेड विशटाउन के खिलाफ बीएनएस की धारा-105, 106 (1), 125 की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। इसके अलावा पुलिस ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड व विश टाउन के मालिकों के खिलाफ मुकदमा कराया था। मामले में बिल्डर अभय कुमार, मनोज कुमार, संजय कुमार, अचल वोहरा व निर्मल के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण, जल प्रदूषण निवारण अधिनियम के साथ बीएनएस की धारा-290, 270, 125 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।