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बुजुर्ग की दाढ़ी नोचने का मामला: 1000 कारों, 250 सीसीटीवी और 12000 मोबाइल की जांच के बाद मिली सफलता
Wed, 25 Jan 2023 09:59 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 25 Jan 2023 09:59 AM IST
सार
बुजुर्ग की दाढ़ी नोचने का सांप्रदायिक मामला: 1000 कारों, 250 सीसीटीवी और 12000 मोबाइल की जांच के बाद मिली सफलता
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट के नोटिस पर 18 महीने बाद सांप्रदायिक हमले का मुकदमा दर्ज होने के दसवें दिन पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चारों पेचकस गिराेह के बदमाश हैं। पुलिस की टीम ने एक हजार कार, 12 हजार मोबाइल और 250 सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद डेढ़ साल पुराने मामले का खुलासा किया। पुलिस ने चारों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
दिल्ली के जाकिर नगर निवासी कजीम अहमद चार जुलाई 2021 की सुबह सेक्टर-37 स्थित बॉटेनिकल गार्डन पहुंचे थे। उन्हें अलीगढ़ जाने के लिए एक कैब सवार बदमाशों ने लिफ्ट दिया था। इसके बाद चार बदमाशों ने कार लॉक उनकी पिटाई की और पेचकस से मारकर घायल कर दिया था।
कुछ देर में ही उनकी पहचान देखकर टिप्पणी करने लगे और कई बार उनकी दाढ़ी नोची। पीड़ित का आरोप है कि बदमाशों ने उनके पहनावे और पहचान को देखकर गाली गलौज की और दाढ़ी पर टिप्पणी की थी। करीब 15 मिनट के बाद सेक्टर-37 से तीन किमी दूर उन्हें धक्का देकर गाड़ी से फेंक दिया गया था।
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उस वक्त इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। जब सुप्रीम कोर्ट ने मामले में दखल दिया तो आननफानन 15 जनवरी को कोतवाली सेक्टर-39 में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अब करीब 18 महीने के बाद जांच की गई तो बदमाशों को पकड़ा गया। आरोपियों की पहचान बुलंदशहर निवासी शिवकुमार, दीपक और ग्रेनो निवासी बबलू और ट्विकंल के रूप में हुई है। पेचकस गिरोह के चाराें बदमाश कार में लिफ्ट देकर लूटपाट करते थे।
सुप्रीम कोर्ट के दखल पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट
मामले में सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद इसकी गूंज गौतमबुद्ध नगर से लखनऊ तक थी और पुलिस मुख्यालय की तरफ से भी अपडेट लिया जा रहा था। करीब डेढ़ साल बाद 15 जनवरी को दर्ज हुई रिपोर्ट के बाद इस मामले के लिए पुलिस कमिश्नर ने एक तेजतर्रार एसीपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था। करीब दस दिन की जांच के बाद एसआईटी की टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस टीम में करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी शामिल थे।
18 गिरोह पर काम, 100 लोगों से पूछताछ
इस बहुचर्चित मामले में पुलिस की टीम ने पेचकस समेत अन्य तरह से सक्रिय 18 गिरोह पर काम किया। इस दौरान 36 बदमाशों के डोजियर बनाए गए। वारदात के दिन घटनास्थल के आसपास दुकान, रेहड़ी लगाने वाले से लेकर चालक और परिचालक जैसे 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई। इस दौरान जेल से छूटे बदमाशों की भी पहचान की गई।
गिरोह का एक बदमाश जेल में
गिरोह के गिरफ्तार किए गए चार बदमाशों का एक साथी आनंद जेल में है। चार जुलाई 2021 को इस घटना के दिन आनंद भी इन बदमाशों के साथ था। आनंद गुरुग्राम जेल में है। नोएडा पुलिस उसे पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पुलिस जल्द ही कोर्ट में अर्जी देगी।
पीड़ित ने बदमाशों की पहचान की
गिरफ्तारी के बाद पीड़ित ने आरोपियों की शिनाख्त की। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में दो आरोपी कोतवाली बीटा टू पुलिस के साथ मुठभेड़ में गिरफ्तार हुए थे। उस दौरान कार भी बरामद की गई थी। इसी कार से कजीम के साथ भी घटना हुई थी। यह कार बीटा टू थाने में है।
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दिल्ली के जाकिर नगर निवासी कजीम अहमद चार जुलाई 2021 की सुबह सेक्टर-37 स्थित बॉटेनिकल गार्डन पहुंचे थे। उन्हें अलीगढ़ जाने के लिए एक कैब सवार बदमाशों ने लिफ्ट दिया था। इसके बाद चार बदमाशों ने कार लॉक उनकी पिटाई की और पेचकस से मारकर घायल कर दिया था।
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कुछ देर में ही उनकी पहचान देखकर टिप्पणी करने लगे और कई बार उनकी दाढ़ी नोची। पीड़ित का आरोप है कि बदमाशों ने उनके पहनावे और पहचान को देखकर गाली गलौज की और दाढ़ी पर टिप्पणी की थी। करीब 15 मिनट के बाद सेक्टर-37 से तीन किमी दूर उन्हें धक्का देकर गाड़ी से फेंक दिया गया था।
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उस वक्त इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। जब सुप्रीम कोर्ट ने मामले में दखल दिया तो आननफानन 15 जनवरी को कोतवाली सेक्टर-39 में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अब करीब 18 महीने के बाद जांच की गई तो बदमाशों को पकड़ा गया। आरोपियों की पहचान बुलंदशहर निवासी शिवकुमार, दीपक और ग्रेनो निवासी बबलू और ट्विकंल के रूप में हुई है। पेचकस गिरोह के चाराें बदमाश कार में लिफ्ट देकर लूटपाट करते थे।
सुप्रीम कोर्ट के दखल पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट
मामले में सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद इसकी गूंज गौतमबुद्ध नगर से लखनऊ तक थी और पुलिस मुख्यालय की तरफ से भी अपडेट लिया जा रहा था। करीब डेढ़ साल बाद 15 जनवरी को दर्ज हुई रिपोर्ट के बाद इस मामले के लिए पुलिस कमिश्नर ने एक तेजतर्रार एसीपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था। करीब दस दिन की जांच के बाद एसआईटी की टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस टीम में करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी शामिल थे।
18 गिरोह पर काम, 100 लोगों से पूछताछ
इस बहुचर्चित मामले में पुलिस की टीम ने पेचकस समेत अन्य तरह से सक्रिय 18 गिरोह पर काम किया। इस दौरान 36 बदमाशों के डोजियर बनाए गए। वारदात के दिन घटनास्थल के आसपास दुकान, रेहड़ी लगाने वाले से लेकर चालक और परिचालक जैसे 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई। इस दौरान जेल से छूटे बदमाशों की भी पहचान की गई।
गिरोह का एक बदमाश जेल में
गिरोह के गिरफ्तार किए गए चार बदमाशों का एक साथी आनंद जेल में है। चार जुलाई 2021 को इस घटना के दिन आनंद भी इन बदमाशों के साथ था। आनंद गुरुग्राम जेल में है। नोएडा पुलिस उसे पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पुलिस जल्द ही कोर्ट में अर्जी देगी।
पीड़ित ने बदमाशों की पहचान की
गिरफ्तारी के बाद पीड़ित ने आरोपियों की शिनाख्त की। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में दो आरोपी कोतवाली बीटा टू पुलिस के साथ मुठभेड़ में गिरफ्तार हुए थे। उस दौरान कार भी बरामद की गई थी। इसी कार से कजीम के साथ भी घटना हुई थी। यह कार बीटा टू थाने में है।