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नोएडा एयरपोर्ट : रनवे पर नवंबर में होगा विमानों का ट्रायल
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30 नवंबर और एक दिसंबर को होगा ट्रायल, विमान में क्रू मेंबर भी रहेंगे सवार
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा।
नोएडा एयरपोर्ट के रनवे पर 30 नवंबर व एक दिसंबर को व्यावसायिक विमानों का ट्रायल होगा। दो दिनों में ट्रायल पूरा होने की उम्मीद है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर और अधिक दिनों तक ट्रायल हो सकता है। रनवे को परखने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के छोटे विमान एयरबस ए-320 व 321 समेत अकासा और इंडिगो के व्यावसायिक विमानों को उतारा जाएगा।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और डीजीसीए समेत प्रमुख एजेंसियों ने निर्णय लिया है कि ट्रायल पूरे क्रू मेंबर समेत विमानों में यात्रियों को बैठाकर ही किया जाएगा। यात्रियों को टर्मिनल बिल्डिंग से दस्तावेज की चैकिंग के साथ बोर्डिंग पास देकर विमानों तक पहुंचाया जाएगा। दोनों एयरलाइंस कंपनियां तीन से चार बार विमानों को रनवे पर उतारेंगी। वहीं, एएआई के छोटे विमान भी रनवे पर उतरकर गुणवत्ता का अध्ययन करेंगे। एयरपोर्ट से पहले दिन से ही 65 फ्लाइट शुरू करने का प्रयास भी किया जा रहा हैं। इनमें घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय दोनों शामिल हैं। हालांकि, घरेलू स्तर पर पहले दिन से फ्लाइट कहां के लिए शुरू की जाएगी, इसके लिए अक्तूबर में बैठक में होगी। बैठक में ही फ्लाइट शेड्यूल का खाका तैयार किया जाएगा।
70 दिन पहले निर्माण कंपनी को पूरा करना होगा काम
17 अप्रैल को उड़ान शुरू करने के लिए जनवरी में एयरपोर्ट का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य होगा। उड़ान शुरू करने के 70 दिन पहले सभी प्रकार की प्रक्रिया को पूरा करने का नियम हैं, ताकि अन्य एयरपोर्ट को शुरू हो रहे नए एयरपोर्ट के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। इसके लिए एयरपोर्ट बनाने वाली कंपनी को 17 अप्रैल तक उड़ान संबंधी जरूरी कार्य पूरे करने होंगे। इसके बाद ही लाइसेंस जारी किया जाएगा।
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अगले महीने आईएलएस से लैस होगा रनवे
रनवे को अक्तूबर के दूसरे सप्ताह तक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) से लैस कर दिया जाएगा। आईएलएस का काम पूरा होने के बाद व्यावसायिक उड़ानों से पहले कैलिब्रेशन फ्लाइट से नेविगेशन ऐड, रनवे पर लाइटिंग व्यवस्था और एयरस्पेस की जांच हो पाएगी। घने कोहरे में भी विमानों की सफल लैंडिंग के लिए कैट-1 और कैट-3 स्थापित होगा। पहले कैट-1 अक्तूबर में लगा दिया जाएगा और एक महीने बाद कैट-3 का आवेदन किया जाएगा।
इन तारीखों पर लक्ष्य निर्धारण
बैठक में बिंदुवार कामों के लिए अलग-अलग तारीख पर लक्ष्य का निर्धारण किया गया है। चार से छह अक्तूबर तक डीजीसीए की टीम आईएलएस कैलिब्रेशन का काम करेगी। 10 अक्तूबर को एयरपोर्ट के रनवे की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। 15 अक्तूबर तक कैलिब्रेशन का सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। 15 नवंबर को उड़ान प्रक्रिया और डीजीसीए के समक्ष प्रस्तुतिकरण होगा। 25 नवंबर तक फ्लाइट ट्रायल की अनुमति की उम्मीद है। एयरोड्रोम लाइसेंस के लिए आवेदन दिसंबर में होगा, जो 90 दिन यानी मार्च तक मिलेगा। एयरपोर्ट के बारे में दूसरे देशों की एयरपोर्ट अथॉरिटी को बताने के लिए एआईपी पब्लिकेशन 6 फरवरी को होगा।
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एयरपोर्ट के रनवे पर नवंबर में ट्रायल होगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के छोटे विमान एयरबस ए-320 व 321 समेत अकासा और इंडिगो ट्रायल में भाग लेंगे। - डाॅ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, नायल
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा।
नोएडा एयरपोर्ट के रनवे पर 30 नवंबर व एक दिसंबर को व्यावसायिक विमानों का ट्रायल होगा। दो दिनों में ट्रायल पूरा होने की उम्मीद है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर और अधिक दिनों तक ट्रायल हो सकता है। रनवे को परखने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के छोटे विमान एयरबस ए-320 व 321 समेत अकासा और इंडिगो के व्यावसायिक विमानों को उतारा जाएगा।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और डीजीसीए समेत प्रमुख एजेंसियों ने निर्णय लिया है कि ट्रायल पूरे क्रू मेंबर समेत विमानों में यात्रियों को बैठाकर ही किया जाएगा। यात्रियों को टर्मिनल बिल्डिंग से दस्तावेज की चैकिंग के साथ बोर्डिंग पास देकर विमानों तक पहुंचाया जाएगा। दोनों एयरलाइंस कंपनियां तीन से चार बार विमानों को रनवे पर उतारेंगी। वहीं, एएआई के छोटे विमान भी रनवे पर उतरकर गुणवत्ता का अध्ययन करेंगे। एयरपोर्ट से पहले दिन से ही 65 फ्लाइट शुरू करने का प्रयास भी किया जा रहा हैं। इनमें घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय दोनों शामिल हैं। हालांकि, घरेलू स्तर पर पहले दिन से फ्लाइट कहां के लिए शुरू की जाएगी, इसके लिए अक्तूबर में बैठक में होगी। बैठक में ही फ्लाइट शेड्यूल का खाका तैयार किया जाएगा।
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70 दिन पहले निर्माण कंपनी को पूरा करना होगा काम
17 अप्रैल को उड़ान शुरू करने के लिए जनवरी में एयरपोर्ट का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य होगा। उड़ान शुरू करने के 70 दिन पहले सभी प्रकार की प्रक्रिया को पूरा करने का नियम हैं, ताकि अन्य एयरपोर्ट को शुरू हो रहे नए एयरपोर्ट के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। इसके लिए एयरपोर्ट बनाने वाली कंपनी को 17 अप्रैल तक उड़ान संबंधी जरूरी कार्य पूरे करने होंगे। इसके बाद ही लाइसेंस जारी किया जाएगा।
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अगले महीने आईएलएस से लैस होगा रनवे
रनवे को अक्तूबर के दूसरे सप्ताह तक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) से लैस कर दिया जाएगा। आईएलएस का काम पूरा होने के बाद व्यावसायिक उड़ानों से पहले कैलिब्रेशन फ्लाइट से नेविगेशन ऐड, रनवे पर लाइटिंग व्यवस्था और एयरस्पेस की जांच हो पाएगी। घने कोहरे में भी विमानों की सफल लैंडिंग के लिए कैट-1 और कैट-3 स्थापित होगा। पहले कैट-1 अक्तूबर में लगा दिया जाएगा और एक महीने बाद कैट-3 का आवेदन किया जाएगा।
इन तारीखों पर लक्ष्य निर्धारण
बैठक में बिंदुवार कामों के लिए अलग-अलग तारीख पर लक्ष्य का निर्धारण किया गया है। चार से छह अक्तूबर तक डीजीसीए की टीम आईएलएस कैलिब्रेशन का काम करेगी। 10 अक्तूबर को एयरपोर्ट के रनवे की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। 15 अक्तूबर तक कैलिब्रेशन का सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। 15 नवंबर को उड़ान प्रक्रिया और डीजीसीए के समक्ष प्रस्तुतिकरण होगा। 25 नवंबर तक फ्लाइट ट्रायल की अनुमति की उम्मीद है। एयरोड्रोम लाइसेंस के लिए आवेदन दिसंबर में होगा, जो 90 दिन यानी मार्च तक मिलेगा। एयरपोर्ट के बारे में दूसरे देशों की एयरपोर्ट अथॉरिटी को बताने के लिए एआईपी पब्लिकेशन 6 फरवरी को होगा।
एयरपोर्ट के रनवे पर नवंबर में ट्रायल होगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के छोटे विमान एयरबस ए-320 व 321 समेत अकासा और इंडिगो ट्रायल में भाग लेंगे। - डाॅ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, नायल