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नोएडा एयरपोर्ट : जून अंत तक विस्थापित होंगे 3000 प्रभावित किसान
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जेवर। नोएडा ग्रीन फील्ड अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की अधिगृहीत जमीन से सात गांवों के 3000 किसानों को प्रशासन जून के अंत तक विस्थापित करा लेगा। जिला प्रशासन की पहल पर लगभग 1000 परिवारों ने अपने मकान या तो खाली कर दिए हैं या कर रहे हैं। विस्थापन के लिए प्रशासनिक टीमों ने सभी गांवों का दौरा करते हुए किसानों की समस्याओं का संज्ञान लिया है।
एयरपोर्ट प्रभारी रजनीकांत मिश्र ने बताया कि सभी सात गांवों में बड़े स्तर पर विस्थापन का काम चल रहा है। कुछ किसान परिवारों को मुआवजा या विस्थापन राशि या फिर नौकरी के बदले मिलने वाली रकम बाकी रह गई है। किसानों की सभी तरह की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान कराते हुए विस्थापन के कार्य में तेजी लाई जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि इस माह के अंत तक सभी 3000 किसान को विस्थापित करा दिया जाए।
अब तक लगभग 800 से अधिक परिवार मकान खाली कर चुके हैं। वहीं, लगभग 200 परिवार मकान खाली करने की प्रक्रिया में जुटे हैं। बाकी परिवारों में निजी कार्य, शादी या अन्य कार्यक्रम की वजह से कुछ देरी हो रही है। जल्द सभी किसानों को विस्थापित करा दिया जाएगा। एयरपोर्ट प्रभारी रजनीकांत मिश्र ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में आठ एसडीएम और दो तहसीलदार की टीम को 7 गांवों के किसानों से वार्ता कर विस्थापन को आगे बढ़ाने के लिए लगाया गया है। सभी अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क कर रहे हैं। इसके बाद नगला फूल खां, नगला गनेशी, नगला शरीफ, दयानतपुर खेड़ा, किशोरपुर व रोही में विस्थापन की प्रक्रिया चल रही है।
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नगला गनेशी में 70 फीसदी ने मकान खाली किए
प्रशासनिक टीम सबसे पहले नगला गनेशी के किसानों के विस्थापन पर जोर दे रही है। सूत्रों की माने तो नगला गनेशी ही ऐसा गांव है, जो पहली हवाई पट्टी के बीचोबीच है। गांव के पास ही प्रधानमंत्री से एयरपोर्ट के शिलान्यास का कार्यक्रम कराया जाना लगभग तय है। प्रशासनिक टीम के प्रयास से गांव की लगभग 70 फीसदी आबादी मकान को खाली कर चुकी है। वहीं, मलबे को भी अपने साथ ले गई है।
मंडलायुक्त का दौरा भी प्रस्तावित
आज मेरठ मंडल के आयुक्त सुरेंद्र सिंह का दौरा भी प्रस्तावित है। वे जेवर में विस्थापन का जायजा लेंगे। इसके बाद शाम को यमुना प्राधिकरण के दफ्तर में अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
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एयरपोर्ट प्रभारी रजनीकांत मिश्र ने बताया कि सभी सात गांवों में बड़े स्तर पर विस्थापन का काम चल रहा है। कुछ किसान परिवारों को मुआवजा या विस्थापन राशि या फिर नौकरी के बदले मिलने वाली रकम बाकी रह गई है। किसानों की सभी तरह की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान कराते हुए विस्थापन के कार्य में तेजी लाई जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि इस माह के अंत तक सभी 3000 किसान को विस्थापित करा दिया जाए।
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अब तक लगभग 800 से अधिक परिवार मकान खाली कर चुके हैं। वहीं, लगभग 200 परिवार मकान खाली करने की प्रक्रिया में जुटे हैं। बाकी परिवारों में निजी कार्य, शादी या अन्य कार्यक्रम की वजह से कुछ देरी हो रही है। जल्द सभी किसानों को विस्थापित करा दिया जाएगा। एयरपोर्ट प्रभारी रजनीकांत मिश्र ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में आठ एसडीएम और दो तहसीलदार की टीम को 7 गांवों के किसानों से वार्ता कर विस्थापन को आगे बढ़ाने के लिए लगाया गया है। सभी अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क कर रहे हैं। इसके बाद नगला फूल खां, नगला गनेशी, नगला शरीफ, दयानतपुर खेड़ा, किशोरपुर व रोही में विस्थापन की प्रक्रिया चल रही है।
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नगला गनेशी में 70 फीसदी ने मकान खाली किए
प्रशासनिक टीम सबसे पहले नगला गनेशी के किसानों के विस्थापन पर जोर दे रही है। सूत्रों की माने तो नगला गनेशी ही ऐसा गांव है, जो पहली हवाई पट्टी के बीचोबीच है। गांव के पास ही प्रधानमंत्री से एयरपोर्ट के शिलान्यास का कार्यक्रम कराया जाना लगभग तय है। प्रशासनिक टीम के प्रयास से गांव की लगभग 70 फीसदी आबादी मकान को खाली कर चुकी है। वहीं, मलबे को भी अपने साथ ले गई है।
मंडलायुक्त का दौरा भी प्रस्तावित
आज मेरठ मंडल के आयुक्त सुरेंद्र सिंह का दौरा भी प्रस्तावित है। वे जेवर में विस्थापन का जायजा लेंगे। इसके बाद शाम को यमुना प्राधिकरण के दफ्तर में अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।