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Noida News: ग्रेनो में सिंथेटिक ट्रैक नहीं, घास के मैदान पर दौड़ने को मजबूर एथलीट्स

Wed, 06 May 2026 07:30 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2026 07:30 PM IST
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No synthetic track in Greater Noida, athletes forced to run on grass
विश्व एथलेटिक्स दिवस आज...
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फोटो--


- सुविधाओं के अभाव में भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर चमके खिलाड़ी



संवाद न्यूज एजेंसी



ग्रेटर नोएडा। शहर के कई एथलीट्स ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर नाम रोशन किया लेकिन एक खिलाड़ी को अभ्यास करने के लिए जिस तरह की सुविधाएं मिलनी चाहिए, वे अब भी उनके पास मौजूद नहीं। इस कारण उनका संघर्ष दोगुना बढ़ जाता है।
ग्रेटर नोएडा में अब भी सिंथेटिक ट्रैक की व्यवस्था न होने से खिलाड़ियों को घास के मैदान पर ही तैयारी करनी पड़ती है, या दिल्ली या आसपास के जिलों व राज्यों में जाना पड़ता है। दरअसल, शहर में खेल सुविधाओं की कमी खिलाड़ियों के सामने बड़ी चुनौती है। ग्रेटर नोएडा में चार से पांच बड़े मैदान होने के बावजूद एथलीटों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। कई स्थानों पर तो घास के मैदान भी ठीक स्थिति में नहीं हैं, जिससे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण नहीं मिल पाता।
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ऐसे में एथलीट को मजबूरी में घास और मिट्टी के असमान मैदानों पर अभ्यास करना पड़ता है, जिससे उनके प्रदर्शन पर भी असर पड़ता है। इसके अलावा कई खिलाड़ी बेहतर सुविधाओं के लिए दिल्ली और आसपास के जिलों या राज्यों का रुख करते हैं, या निजी अकादमी का सहारा लेना होता है। इससे उन्हें अतिरिक्त समय और आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ता है।
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कोच और खिलाड़ियों का कहना है कि यदि ग्रेटर नोएडा में खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाए, तो यहां से और भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकल सकते हैं। उनका कहना है कि एक बेहतर सिंथेटिक ट्रैक और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होने पर जिले के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। इसके लिए सरकार और प्रशासन को शहर में खेल बुनियादी ढांचे को ओर मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।
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हमें सीमित सुविधाओं में ही अभ्यास करना पड़ता है। सिंथेटिक ट्रैक न होने से हमें घास या कच्चे मैदान पर अभ्यास करना पड़ता है, जिससे प्रदर्शन पर असर पड़ता है। -गजेंद्र पाल, पैरा एथलीट
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सिंथेटिक ट्रैक की व्यवस्था न होने से चुनौतियां थोड़ी ज्यादा हैं, लेकिन हमने कभी हार नहीं मानी। ग्रेटर नोएडा में ही अच्छी व्यवस्था हो जाए। -आर्यन भाटी, एथलीट

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कई प्रतियोगिताओं में जिले का नाम रोशन किया, लेकिन यहां सुविधाओं की कमी हमेशा महसूस होती है। सरकार और प्रशासन अगर ध्यान दे, तो यहां से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं। -दिव्यांशी, एथलीट।

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