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Noida News: मिश्रित भूमि उपयोग में प्रदूषण व गंदगी फैलाने वाले कारोबार को अनुमति नहीं
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हरियाणा सरकार ने मिश्रित भूमि उपयोग में प्रतिबंधित 12 गतिविधियों की सूची जारी की
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने मिश्रित भूमि उपयोग (एमएलयू) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि एमएलयू में 12 प्रकार की गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। ये 12 गतिविधियां किसी कीमत पर नहीं चल सकेंगी। इस संबंध में हरियाणा सरकार ने निकाय विभाग, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और सभी विकास प्राधिकरण को सख्त निर्देश दिए हैं।
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से जारी दिशा-निर्देश के मुताबिक मिश्रित भूमि उपयोग में उन उद्योगों व व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक रहेगी जिससे प्रदूषण, गंदगी और दुर्गंध फैलने की संभावना रहती है। इसका मकसद है कि मिक्स लैंड यूज वाली प्रॉपर्टी में ऐसी गतिविधियों के कारण दूसरे लोगों को परेशानी न आए। साथ ही शहरों का विकास नियोजित रहे। दरअसल एमएलयू को लेकर विभागों को भी स्पष्टता नहीं थी कि कौन सी गतिविधियां चल सकती हैं और कौन सी नहीं। इसकी वजह से कई बार आवेदन भी देरी तक लटके रहते थे।
नहीं चलेंगी ये गतिविधियां
1. भारी औद्योगिक गतिविधियां, जिससे भारी मात्रा में प्रदूषण व खतरनाक उत्सर्जन की संभावना हो।
2. लैंडफिल, खतरनाक अपशिष्ट डंपिंग ग्राउंउ समेत अपशिष्ट निपटान स्थल।
3. रासायनिक संयंत्र, रिफाइनरी और बड़े पैमाने पर पेट्रोकेमिकल उद्योग
4. परमाणु ऊर्जा संयंत्र और संबंधित प्रतिष्ठान
5. बूचड़खाने या चमड़े के कारखाने जो अत्यधिक दुर्गंध व प्रदूषण पैदा करते हैं
6. डेयरी, मुर्गी पालन और सुअर पालन
7. गैस गोदाम, तेल डिपो, पेट्रोलियम और ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण।
8. खनन और उत्खनन कार्य जिसमें उत्खनन, विस्फोट या बड़े पैमाने पर निष्कर्षण शामिल है, जिससे पर्यावरणीय क्षरण हो सकता है।
9. कब्रिस्तान, श्मशान, विद्युत शवदाह गृह
10. फार्म हाउस
11. वे उद्योग जिन्हें हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हानिकारक माना हो
12. कोई अन्य उपयोग जिसे सरकार सार्वजनिक हित में मिश्रित भूमि उपयोग क्षेत्र के लिए रोका गया हो।
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क्या है मिश्रित भूमि उपयोग
हरियाणा सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए शहरी इलाकों में मिश्रित भूमि उपयोग की अनुमति दी है ताकि एक ही जोन में आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक गतिविधियां संचालित की जा सकें। इस फैसले से कारोबार व उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने मिश्रित भूमि उपयोग (एमएलयू) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि एमएलयू में 12 प्रकार की गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। ये 12 गतिविधियां किसी कीमत पर नहीं चल सकेंगी। इस संबंध में हरियाणा सरकार ने निकाय विभाग, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और सभी विकास प्राधिकरण को सख्त निर्देश दिए हैं।
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से जारी दिशा-निर्देश के मुताबिक मिश्रित भूमि उपयोग में उन उद्योगों व व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक रहेगी जिससे प्रदूषण, गंदगी और दुर्गंध फैलने की संभावना रहती है। इसका मकसद है कि मिक्स लैंड यूज वाली प्रॉपर्टी में ऐसी गतिविधियों के कारण दूसरे लोगों को परेशानी न आए। साथ ही शहरों का विकास नियोजित रहे। दरअसल एमएलयू को लेकर विभागों को भी स्पष्टता नहीं थी कि कौन सी गतिविधियां चल सकती हैं और कौन सी नहीं। इसकी वजह से कई बार आवेदन भी देरी तक लटके रहते थे।
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नहीं चलेंगी ये गतिविधियां
1. भारी औद्योगिक गतिविधियां, जिससे भारी मात्रा में प्रदूषण व खतरनाक उत्सर्जन की संभावना हो।
2. लैंडफिल, खतरनाक अपशिष्ट डंपिंग ग्राउंउ समेत अपशिष्ट निपटान स्थल।
3. रासायनिक संयंत्र, रिफाइनरी और बड़े पैमाने पर पेट्रोकेमिकल उद्योग
4. परमाणु ऊर्जा संयंत्र और संबंधित प्रतिष्ठान
5. बूचड़खाने या चमड़े के कारखाने जो अत्यधिक दुर्गंध व प्रदूषण पैदा करते हैं
6. डेयरी, मुर्गी पालन और सुअर पालन
7. गैस गोदाम, तेल डिपो, पेट्रोलियम और ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण।
8. खनन और उत्खनन कार्य जिसमें उत्खनन, विस्फोट या बड़े पैमाने पर निष्कर्षण शामिल है, जिससे पर्यावरणीय क्षरण हो सकता है।
9. कब्रिस्तान, श्मशान, विद्युत शवदाह गृह
10. फार्म हाउस
11. वे उद्योग जिन्हें हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हानिकारक माना हो
12. कोई अन्य उपयोग जिसे सरकार सार्वजनिक हित में मिश्रित भूमि उपयोग क्षेत्र के लिए रोका गया हो।
क्या है मिश्रित भूमि उपयोग
हरियाणा सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए शहरी इलाकों में मिश्रित भूमि उपयोग की अनुमति दी है ताकि एक ही जोन में आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक गतिविधियां संचालित की जा सकें। इस फैसले से कारोबार व उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
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