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खेल में किया खेल तो डीयू दाखिले में नो एंट्री-Business
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नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में खेल कोटे के दाखिले में फर्जी प्रमाणपत्र सर्टिफिकेट का इस्तेमाल मंहगा पड़ सकता है। छात्र को ना केवल तीन साल के लिए दाखिले से वंचित कर दिया जाएगा, बल्कि प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी। खेल कोटे के दाखिले केे लिए पहली केंद्रीयकृत मेरिट लिस्ट 12 नवंबर को जारी की जाएगी। इसके आधार पर 16 नवंबर तक दाखिला लिया जा सकता है।
डीयू ने स्नातक कोर्सेज में खेल कोटे के दाखिले के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में स्पष्ट किया है कि खेल के आधार पर सभी दाखिले प्रोविजनल होंगे। छात्र ने अपने जो खेल प्रमाणपत्र अपलोड किए होंगे। उनकेे मूल प्रमाणपत्रों का फोरेंसिक सत्यापन किया जाएगा। इस सत्यापन में यदि छात्र का कोई प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया तो उसे खेल के आधार पर किसी भी कॉलेज में दाखिला लेने से तीन साल के लिए वंचित कर दिया जाएगा। ऐसे दाखिले को रद् भी कर दिया जाएगा और प्राथमिकी दर्ज करवाई जाएगी।
कोरोना महामारी के कारण खेल कोटे के दाखिले के लिए बीते साल की तरह इस बार भी ट्रायल नहीं हो रहे हैं। छात्र के सर्वश्रेष्ठ प्रमाणपत्रों का ही मूल्यांकन कर उसके अनुसार मेरिट लिस्ट जारी होनी है। कोविड-19 महामारी के कारण एक मई 2017 से 30 अप्रैल 2021 तक के चार वर्षों केे प्रमाणपत्रों को ही शामिल किया गया है।
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डीयू प्रशासन ने कॉलेजों को स्पष्ट किया है कि उन्हें खेल के आधार पर प्रवेश दिए गए छात्र के दस्तावेज का उचित रिकॉर्ड रखना होगा। जिन छात्रों को पहली सूची में दाखिले की पेशकश की गई होगी उन्हें दूसरी खेल सूची में दाखिले पर विचार नहीं किया जाएगा।
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डीयू ने स्नातक कोर्सेज में खेल कोटे के दाखिले के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में स्पष्ट किया है कि खेल के आधार पर सभी दाखिले प्रोविजनल होंगे। छात्र ने अपने जो खेल प्रमाणपत्र अपलोड किए होंगे। उनकेे मूल प्रमाणपत्रों का फोरेंसिक सत्यापन किया जाएगा। इस सत्यापन में यदि छात्र का कोई प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया तो उसे खेल के आधार पर किसी भी कॉलेज में दाखिला लेने से तीन साल के लिए वंचित कर दिया जाएगा। ऐसे दाखिले को रद् भी कर दिया जाएगा और प्राथमिकी दर्ज करवाई जाएगी।
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कोरोना महामारी के कारण खेल कोटे के दाखिले के लिए बीते साल की तरह इस बार भी ट्रायल नहीं हो रहे हैं। छात्र के सर्वश्रेष्ठ प्रमाणपत्रों का ही मूल्यांकन कर उसके अनुसार मेरिट लिस्ट जारी होनी है। कोविड-19 महामारी के कारण एक मई 2017 से 30 अप्रैल 2021 तक के चार वर्षों केे प्रमाणपत्रों को ही शामिल किया गया है।
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डीयू प्रशासन ने कॉलेजों को स्पष्ट किया है कि उन्हें खेल के आधार पर प्रवेश दिए गए छात्र के दस्तावेज का उचित रिकॉर्ड रखना होगा। जिन छात्रों को पहली सूची में दाखिले की पेशकश की गई होगी उन्हें दूसरी खेल सूची में दाखिले पर विचार नहीं किया जाएगा।