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Noida News: पुश्तैनी जमीन का पड़ोसी बन गया मालिक

Fri, 05 Jul 2024 05:16 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jul 2024 05:16 AM IST
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Neighbor became the owner of ancestral land
बागपत। चाचा की जमीन भतीजे के पास चली गई और किसी की पुश्तैनी जमीन का पड़ोसी खेत वाला मालिक बन गया। यह चौंकाना वाला जरूर है, मगर यहां खतौनी अपडेट व विरासत के तहत नाम दर्ज करने में लेखपालों ने अंश निर्धारण में इस तरह ही खेल कर दिया। उन्होंने कार्यालय में बैठकर अंश निर्धारण किया और अब उसे ठीक कराने को किसान भटक रहे हैं।
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जिले में पिछले साल खतौनी को अपडेट किया गया था तो एक महीने पहले ही खतौनी में विरासत के तहत नाम दर्ज किए गए थे। इससे किसानों को काफी राहत मिलने की उम्मीद थी कि उनको विरासत में नाम दर्ज कराने के लिए तहसील में चक्कर नहीं काटने पड़ें। मगर इसके बाद हजारों किसानों के लिए समस्या खड़ी हो गई है। क्योंकि तहसील कर्मियों ने कार्यालय में बैठकर ही अंश निर्धारण कर दिया। किसी की जमीन में एक हिस्से में चाचा का नाम दर्ज होना था और एक हिस्से में भतीजों का नाम दर्ज होना था तो चाचा की जमीन कम करके भतीजों के नाम बराबर हिस्सा दर्ज कर दिया गया। इसके अलावा पड़ोसी खेत के मालिक का नाम भी दूसरे की खतौनी में दर्ज करके जमीन चढ़ा दी गई। इस तरह से जमीन के अंश निर्धारण में बड़ी गड़बड़ी की गई है और इसको ठीक कराने के लिए किसान परेशान हो रहे हैं।
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बांड नहीं बन रहा तो क्रेडिट कार्ड की फाइल भी अटकी
अंश निर्धारण गलत होने के कारण शुगर मिल में किसानों के बांड नहीं बन रहे हैं तो उनको क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए भी जूझना पड़ रहा है। उनकी क्रेडिट कार्ड की फाइल लटका दी गई है। इसलिए ही वह तहसील के चक्कर लगा रहे है और उनकी कोई बात सुनने को तैयार नहीं है।
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हम परेशान हो रहे, कोई सुनवाई नहीं कर रहा
किरठल गांव के वीरेंद्र ने बताया कि उनके पड़ोसी खेत मालिक धर्मपाल की दो बीघा जमीन कम करके उनकी खतौनी में चार भाईयों के नाम दर्ज कर दी गई है। जिससे धर्मपाल परेशान हो रहा है तो उनके भी मिल में बांड नहीं बन रहे हैं और क्रेडिट कार्ड की फाइल भी अटकी हुई है।
भतीजों के नाम चढ़ा दी गई चार बीघा जमीन
तुगाना गांव के उदयवीर का कहना है कि उनकी चार बीघा जमीन को दो भतीजों के नाम खतौनी में दर्ज कर दिया गया है। इसको ठीक कराने के लिए वह काफी दिन से तहसील में चक्कर काट रहे हैं, मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस कारण उनका शुगर मिल में बांड सही नहीं बन रहा है।
दस जुलाई से तहसीलों में धरना देंगे: अनु मलिक
किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनु मलिक का कहना है कि अंश निर्धारण में खूब गड़बड़ी की गई है। इससे किसानों को परेशानी हो रही है और उनके सामने सबसे बड़ी समस्या शुगर मिल में बांड बनवाने की आ रही है। इसपर कोई सुनवाई नहीं हो रही है और इस समस्या को लेकर संगठन की तरफ से दस जुलाई से तहसीलों में धरना दिया जाएगा।

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वर्जन
खतौनी में त्रुटियां होने की शिकायत आती हैं तो उसकी जांच कराकर ठीक कराई जाती है। अंश निर्धारण की समस्या है तो किसान प्रार्थना पत्र देते हैं तो उसको लेखपाल से दिखवाकर ठीक कराया जाएगा।
पंकज वर्मा, एडीएम
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