{"_id":"62867b1f396c0241496410ee","slug":"negligence-in-health-services-cannot-be-tolerated-mewat-news-noi6495415155","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
विज्ञापन
नूंह। जिले में स्वास्थ्य चिकित्सा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग कृत संकल्प है। यह बात उपायुक्त अजय कुमार ने कही। वह बृहस्पतिवार को जिला सचिवालय कॉन्फ्रेंसिंग हॉल में जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति के जिला स्तरीय नेटवर्क के बारे में विभिन्न सहयोगी विभागों एवं कार्यक्रम अधिकारियों के साथ समीक्षा कर रहे थे। उपायुक्त ने कड़े निर्देश दिए कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत आम जनमानस को बेहतरीन चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं। स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
साथ ही लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं को लेेकर शिकायत नहीं होनी चाहिए। इसके लिए ईमानदारी, कर्मठता व पूर्ण समर्पण के साथ प्रयास करें। बैठक में विशेष रूप से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना तथा जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट लेते हुए जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत 3-डी (डिलीवरी, दवाई, डाइट) सेवाएं व ट्रांसपोर्ट की सेवा बेहतरीन रूप में प्रदान की जाए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत सरकारी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का पूर्ण लाभ बच्चों को दिया जाए। उन्होंने संस्थागत डिलीवरी पर भी विशेष रूप से बल दिया। उन्होंने कहा कि डिलीवरी अस्पतालों में ही होनी चाहिए। इसके लिए जागरूकता की अलख जगाई जाए। उन्होंने नेशनल मेंटल हैल्थ प्रोग्राम तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत हैल्थ एंड वैलनेस सेंटरों की भी समीक्षा की। साथ ही उन्होंने ई-संजीवनी ऐप के तहत टेली मेडिसीन की भी समीक्षा की। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ सुरेंद्र यादव, कार्यकारी अभियंता लोक निर्माण विभाग शमशेर सिंह, उप सिविल सर्जन डॉ आशीष सिंगला, डॉक्टर बसंत दुबे, डॉक्टर विक्रम, आयुष विभाग से डॉ शशांक, डा. रविकांत, डॉक्टर विक्रम, डॉक्टर नरेंद्र, डा. राकेश चावला आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
साथ ही लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं को लेेकर शिकायत नहीं होनी चाहिए। इसके लिए ईमानदारी, कर्मठता व पूर्ण समर्पण के साथ प्रयास करें। बैठक में विशेष रूप से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना तथा जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट लेते हुए जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत 3-डी (डिलीवरी, दवाई, डाइट) सेवाएं व ट्रांसपोर्ट की सेवा बेहतरीन रूप में प्रदान की जाए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत सरकारी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का पूर्ण लाभ बच्चों को दिया जाए। उन्होंने संस्थागत डिलीवरी पर भी विशेष रूप से बल दिया। उन्होंने कहा कि डिलीवरी अस्पतालों में ही होनी चाहिए। इसके लिए जागरूकता की अलख जगाई जाए। उन्होंने नेशनल मेंटल हैल्थ प्रोग्राम तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत हैल्थ एंड वैलनेस सेंटरों की भी समीक्षा की। साथ ही उन्होंने ई-संजीवनी ऐप के तहत टेली मेडिसीन की भी समीक्षा की। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ सुरेंद्र यादव, कार्यकारी अभियंता लोक निर्माण विभाग शमशेर सिंह, उप सिविल सर्जन डॉ आशीष सिंगला, डॉक्टर बसंत दुबे, डॉक्टर विक्रम, आयुष विभाग से डॉ शशांक, डा. रविकांत, डॉक्टर विक्रम, डॉक्टर नरेंद्र, डा. राकेश चावला आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन