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Noida News: एनडीबीए ने जिला अदालतों की वित्तीय अधिकारिता बढ़ाने की मांग की
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नई दिल्ली। नई दिल्ली बार एसोसिएशन (एनडीबीए) ने दिल्ली की सभी जिला अदालतों की वित्तीय अधिकारिता बढ़ाने की मांग की है। एनडीबीए के सचिव तरुण राणा ने कहा कि दिल्ली की जिला अदालतों की वित्तीय अधिकारिता वर्ष 2015 में आखिरी बार दो करोड़ रुपये तय की गई थी। अब समय, मूल्य और आर्थिक स्थितियां काफी बदल चुकी हैं लेकिन अदालतों की अधिकार सीमा वही बनी हुई है। नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम की जिला अदालतों को असीमित अधिकारिता प्राप्त है।
राणा ने कहा कि सीमित अधिकारिता के कारण दिल्ली हाईकोर्ट में अधिक मामलों की लंबितता बढ़ रही है जिससे न्याय में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में दो करोड़ रुपये से अधिक मूल्य वाले दीवानी मामले सिर्फ छह अदालतों में सुने जाते हैं। यदि अधिकारिता बढ़ाई जाए तो ऐसे मामलों का वितरण 50 से अधिक जिला अदालतों में हो सकेगा जिससे सुनवाई तेजी से पूरी होगी। एनडीबीए अध्यक्ष नागेंद्र कुमार ने कहा कि जिला अदालतों के अधिवक्ता इस अधिकार सीमा को 20 करोड़ रुपये तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं क्योंकि वर्तमान सीमा अब व्यावहारिक नहीं है। इस विषय पर विचार के लिए शनिवार को पटियाला हाउस स्थित जिला अदालत में एक जनसभा और खुली चर्चा आयोजित की जाएगी।
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राणा ने कहा कि सीमित अधिकारिता के कारण दिल्ली हाईकोर्ट में अधिक मामलों की लंबितता बढ़ रही है जिससे न्याय में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में दो करोड़ रुपये से अधिक मूल्य वाले दीवानी मामले सिर्फ छह अदालतों में सुने जाते हैं। यदि अधिकारिता बढ़ाई जाए तो ऐसे मामलों का वितरण 50 से अधिक जिला अदालतों में हो सकेगा जिससे सुनवाई तेजी से पूरी होगी। एनडीबीए अध्यक्ष नागेंद्र कुमार ने कहा कि जिला अदालतों के अधिवक्ता इस अधिकार सीमा को 20 करोड़ रुपये तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं क्योंकि वर्तमान सीमा अब व्यावहारिक नहीं है। इस विषय पर विचार के लिए शनिवार को पटियाला हाउस स्थित जिला अदालत में एक जनसभा और खुली चर्चा आयोजित की जाएगी।
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