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Noida News: गर्भवती की मौत पर अस्पताल में की तोड़फोड़
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12ए - गर्भवती की मौत के बाद बंद पडा नर्सिग होम। (मवाना)
मवाना। मिल रोड पर स्थित नर्सिंग होम में इलाज के दौरान गांव कौल निवासी गर्भवती की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने नर्सिंग होम में तोड़फोड़ और हंगामा किया। अस्पताल संचालक व स्टाफ मौके से फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फिलहाल परिजनों ने तहरीर नहीं दी है।
आशा कार्यकर्ता सोमवार को गांव कौल निवासी गर्भवती सीमा (36) पत्नी किशनपाल सीएचसी ले गई थी। उसकी डिलीवरी होनी थी। सीएचसी में चिकित्सक नहीं होने पर परिजन प्राइवेट में दिखाने की बात कहने लगे। आशा के जाने पर परिजन सीमा को मिल रोड स्थित नर्सिंग होम ले गए। बताया गया कि नर्सिग होम संचालक ने डिलीवरी कराने के 15 हजार रुपये मांगे। सोमवार रात करीब 2:30 बजे हालत बिगड़ने पर नर्सिंग होम के स्टाफ ने कहा कि इलाज कराने के लिए मेरठ से चिकित्सक बुलाना पड़ेगा और एक लाख रुपये खर्च होंगे। इसी बीच सीमा की मौत हो गई।
सूचना पर गांव से ट्रैक्टर-ट्राली में भरकर और लोग पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल में हंगामा किया। बाद में बस स्टैंड पुलिस चौकी मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। महिला के एक पुत्र चार वर्ष तथा एक बेटी ढाई वर्ष की हैं। किशनपाल मजदूरी करता है।
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नर्सिंग होम संचालक अर्जुन का कहना है कि महिला को खून की जरूरत थी। परिजन इंतजाम नहीं कर सके। महिला के गर्भ में आहार नाल फंसी थी। इस पर महिला का ऑपरेशन बंद कर उसे रेफर कर दिया था। परिजन उसे मेरठ ले गए थे। देररात मेरठ में उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर आए और तोड़फोड़ की। डर के कारण नर्सिंग होम मंगलवार को बंद रखा था।
जान से खिलवाड़ रहे झोलाछाप
नगर में नर्सिंग होम की बाढ़ सी आई हुई है। कुछ तो ऐसे हैं, जिसमें चिकित्सक तक नहीं हैं। झोलाछाप भोले भाले लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। कई बार इस प्रकार की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बाद भी अस्पताल संचालकों पर कार्रवाई नहीं होती है। इस संंबंध में सीएमओ अखिलेश मोहन का कहना है कि बुधवार को टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
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आशा कार्यकर्ता सोमवार को गांव कौल निवासी गर्भवती सीमा (36) पत्नी किशनपाल सीएचसी ले गई थी। उसकी डिलीवरी होनी थी। सीएचसी में चिकित्सक नहीं होने पर परिजन प्राइवेट में दिखाने की बात कहने लगे। आशा के जाने पर परिजन सीमा को मिल रोड स्थित नर्सिंग होम ले गए। बताया गया कि नर्सिग होम संचालक ने डिलीवरी कराने के 15 हजार रुपये मांगे। सोमवार रात करीब 2:30 बजे हालत बिगड़ने पर नर्सिंग होम के स्टाफ ने कहा कि इलाज कराने के लिए मेरठ से चिकित्सक बुलाना पड़ेगा और एक लाख रुपये खर्च होंगे। इसी बीच सीमा की मौत हो गई।
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सूचना पर गांव से ट्रैक्टर-ट्राली में भरकर और लोग पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल में हंगामा किया। बाद में बस स्टैंड पुलिस चौकी मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। महिला के एक पुत्र चार वर्ष तथा एक बेटी ढाई वर्ष की हैं। किशनपाल मजदूरी करता है।
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नर्सिंग होम संचालक अर्जुन का कहना है कि महिला को खून की जरूरत थी। परिजन इंतजाम नहीं कर सके। महिला के गर्भ में आहार नाल फंसी थी। इस पर महिला का ऑपरेशन बंद कर उसे रेफर कर दिया था। परिजन उसे मेरठ ले गए थे। देररात मेरठ में उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर आए और तोड़फोड़ की। डर के कारण नर्सिंग होम मंगलवार को बंद रखा था।
जान से खिलवाड़ रहे झोलाछाप
नगर में नर्सिंग होम की बाढ़ सी आई हुई है। कुछ तो ऐसे हैं, जिसमें चिकित्सक तक नहीं हैं। झोलाछाप भोले भाले लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। कई बार इस प्रकार की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बाद भी अस्पताल संचालकों पर कार्रवाई नहीं होती है। इस संंबंध में सीएमओ अखिलेश मोहन का कहना है कि बुधवार को टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।