{"_id":"68c95a4851182fbf2c06fba5","slug":"msme-is-the-strength-of-the-country-noida-news-c-1-gnd1002-3411429-2025-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: एमएसएमई देश की ताकत और आर्थिक आजादी का आधार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: एमएसएमई देश की ताकत और आर्थिक आजादी का आधार
विज्ञापन
अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव में मंच से जिले के सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कहा
सांसद ने कहा - उद्यमियों की बात सुनी जाए, नियम-कानून का हवाला देकर न उलझाया जाए
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) देश की ताकत और आर्थिक आजादी का आधार हैं। इस क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी है कि उद्यमियों की बात सुनी जाए। नोएडा, ग्रेनो या यमुना प्राधिकरण क्षेत्र हो उद्यमियों को नियम-कानून का हवाला देकर न उलझाया जाए। उद्यमियों, प्रशासक और राजनेताओं की खुले मंच पर बात हो। यह बातें मंगलवार को अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव में मंच से गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कहीं।
सांसद ने कहा कि यह देखा जाना चाहिए कि जब नोएडा बसा तब किन परिस्थितियों में बसा। अगर किसी उद्यमी ने अपनी जरूरत के लिए एक टीन शेड डाल लिया था तो उसे नक्शे का उल्लंघन बताकर धारा-10 का नोटिस न दिया जाए। पहले जहां 50 गज की जगह फैक्ट्री के लिए दी गई है वह जगह अब दुकान के स्वरूप में आ गई है। नोएडा को उद्यमियों ने बसाया और इसे आगे भी बढ़ाया है। नोएडा को एक औद्योगिक शहर के रूप में बसाया गया था। फिर आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्र का विस्तार हुआ। मौजूदा समय में यह विचार किया जाना चाहिए कि नोएडा का देश में क्या स्थान हो सकता है। एमएसएमई से सिर्फ नोएडा का ही नहीं दूरदराज के गांवों का भी विकास हो रहा है। वैश्वीकरण के दौर में छोटे-छोटे कारीगर विश्व पटल पर चमके हैं।
पूरे देश में 6.50 करोड़ एमएसएमई उद्योग पंजीकृत हैं। इस क्षेत्र पर देश की 30 प्रतिशत जीडीपी, 45 प्रतिशत निर्यात और 11 करोड़ रोजगार निर्भर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ताकत को पहचाना और एमएसएमई मंत्रालय घोषित किया है। एमएसएमई देश की आर्थिक आजादी का आधार है। सरकार एमएसएमई के साथ खड़ी है। अच्छे में भी साथ है और बुरे में भी। एमएसएमई ही स्वदेशी के सपने को पूरा कर सकता है। इसके साथ ही गुणवत्ता भी दे सकता है। चीन ने कुछ साल पहले हमारे बाजार में कब्जा जमाने की कोशिश की लेकिन उनके सामान हमारे एमएसएमई उत्पादों की तुलना में न तो टिकाऊ निकले न ही गुणवत्ता वाले थे।
विज्ञापन
टैरिफ की लड़ाई ज्यादा लंबी चलने वाली नहीं
सांसद ने उद्यमियों के बीच टैरिफ वार को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि एक बिलबिलाए हुए शहंशाह ने भारत को टैरिफ की मार मारने की कोशिश की लेकिन वो भारत की दृढ़ इच्छा शक्ति को नहीं पहचान पाया। टैरिफ की दहशत आने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी की दवाई से इलाज कर दिया। टैरिफ की लड़ाई बहुत लंबी चलने वाली नहीं इसमें जीत हमारी ही होगी।
नवाचार जरूरी, ऑपरेशन सिंदूर तक नोएडा की धमक
एमएसएमई उद्यमियों से सांसद ने कहा कि नवाचार एमएसएमई विकास के लिए जरूरी है। नवाचार का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, देखा जा सकता है कि कैसे नोएडा में छोटी सी ड्रोन बनाने वाली कंपनी खोलकर दो भाइयों ने उसे देश स्तर का बना दिया। ऐसे ड्रोन बनाए जिनका परीक्षण ऑपरेशन सिंदूर में हुआ। ऐसी तकनीक विकसित की कि उनके बनाए ड्रोन को चीन या पाकिस्तान के रडार तक नहीं रोक पाएंगे।
विज्ञापन
सांसद ने कहा - उद्यमियों की बात सुनी जाए, नियम-कानून का हवाला देकर न उलझाया जाए
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) देश की ताकत और आर्थिक आजादी का आधार हैं। इस क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी है कि उद्यमियों की बात सुनी जाए। नोएडा, ग्रेनो या यमुना प्राधिकरण क्षेत्र हो उद्यमियों को नियम-कानून का हवाला देकर न उलझाया जाए। उद्यमियों, प्रशासक और राजनेताओं की खुले मंच पर बात हो। यह बातें मंगलवार को अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव में मंच से गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कहीं।
सांसद ने कहा कि यह देखा जाना चाहिए कि जब नोएडा बसा तब किन परिस्थितियों में बसा। अगर किसी उद्यमी ने अपनी जरूरत के लिए एक टीन शेड डाल लिया था तो उसे नक्शे का उल्लंघन बताकर धारा-10 का नोटिस न दिया जाए। पहले जहां 50 गज की जगह फैक्ट्री के लिए दी गई है वह जगह अब दुकान के स्वरूप में आ गई है। नोएडा को उद्यमियों ने बसाया और इसे आगे भी बढ़ाया है। नोएडा को एक औद्योगिक शहर के रूप में बसाया गया था। फिर आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्र का विस्तार हुआ। मौजूदा समय में यह विचार किया जाना चाहिए कि नोएडा का देश में क्या स्थान हो सकता है। एमएसएमई से सिर्फ नोएडा का ही नहीं दूरदराज के गांवों का भी विकास हो रहा है। वैश्वीकरण के दौर में छोटे-छोटे कारीगर विश्व पटल पर चमके हैं।
विज्ञापन
पूरे देश में 6.50 करोड़ एमएसएमई उद्योग पंजीकृत हैं। इस क्षेत्र पर देश की 30 प्रतिशत जीडीपी, 45 प्रतिशत निर्यात और 11 करोड़ रोजगार निर्भर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ताकत को पहचाना और एमएसएमई मंत्रालय घोषित किया है। एमएसएमई देश की आर्थिक आजादी का आधार है। सरकार एमएसएमई के साथ खड़ी है। अच्छे में भी साथ है और बुरे में भी। एमएसएमई ही स्वदेशी के सपने को पूरा कर सकता है। इसके साथ ही गुणवत्ता भी दे सकता है। चीन ने कुछ साल पहले हमारे बाजार में कब्जा जमाने की कोशिश की लेकिन उनके सामान हमारे एमएसएमई उत्पादों की तुलना में न तो टिकाऊ निकले न ही गुणवत्ता वाले थे।
विज्ञापन
टैरिफ की लड़ाई ज्यादा लंबी चलने वाली नहीं
सांसद ने उद्यमियों के बीच टैरिफ वार को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि एक बिलबिलाए हुए शहंशाह ने भारत को टैरिफ की मार मारने की कोशिश की लेकिन वो भारत की दृढ़ इच्छा शक्ति को नहीं पहचान पाया। टैरिफ की दहशत आने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी की दवाई से इलाज कर दिया। टैरिफ की लड़ाई बहुत लंबी चलने वाली नहीं इसमें जीत हमारी ही होगी।
नवाचार जरूरी, ऑपरेशन सिंदूर तक नोएडा की धमक
एमएसएमई उद्यमियों से सांसद ने कहा कि नवाचार एमएसएमई विकास के लिए जरूरी है। नवाचार का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, देखा जा सकता है कि कैसे नोएडा में छोटी सी ड्रोन बनाने वाली कंपनी खोलकर दो भाइयों ने उसे देश स्तर का बना दिया। ऐसे ड्रोन बनाए जिनका परीक्षण ऑपरेशन सिंदूर में हुआ। ऐसी तकनीक विकसित की कि उनके बनाए ड्रोन को चीन या पाकिस्तान के रडार तक नहीं रोक पाएंगे।