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Noida News: मंत्रियों को रास नहीं आ रहा दिल्ली जल बोर्ड का प्रभार
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दो मंत्री जेल गए, जबकि एक को पद से हाथ धोना पड़ा था
विनोद डबास
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्रियों को दिल्ली जल बोर्ड का प्रभार रास नहीं आ रहा है। मुख्यमंत्री व मंत्री लंबे समय तक जल बोर्ड का प्रभार नहीं संभाल पाए हैं। जल मंत्री रहते हुए पहले सत्येंद्र जैन जेल गए और अब जल बोर्ड का प्रभार रहते उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जेल गए है। हालांकि, ये दोनों नेता जल बोर्ड के नहीं, बल्कि अन्य मामले में जेल गए है, जबकि जल बोर्ड का प्रभार देखने के दौरान कपिल मिश्रा को मंत्री पद से बर्खास्तगी का सामना करना पड़ा था।
वर्ष 2015 के दौरान दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को जल बोर्ड का प्रभार दिया गया, मगर करीब एक साल बाद मंत्री बनाए गए कपिल मिश्रा को सिसोदिया की जगह जल बोर्ड का मंत्री बनाया गया। उनको करीब तीन वर्ष बाद मंत्री सेे हाथ धोेना पड़ा। जल बोर्ड के संबंध में बयानबाजी करने के कारण मुख्यमंत्री उनसे नाराज हो गए थे और उन्होंने मिश्रा को अपनी मंत्रिपद से बर्खास्त कर दिया था।
कपिल मिश्रा की बर्खास्तगी के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जल बोर्ड का प्रभार अपने हाथों में लिया। इस तरह उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए पहली बार किसी विभाग का प्रभार संभाला, मगर वर्ष 2020 में विधानसभा चुनाव के बाद दोबारा आप की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नेे जल बोर्ड का प्रभार स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को दे दिया। जैन के गत वर्ष हवाला मामले में जेल जाने के बाद मुख्यमंत्री नेे जल बोर्ड समेत उनके पास सभी विभाग उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को दे दिए।
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उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया अन्य विभागों की तरह जल बोर्ड का प्रभार भी बखूबी संभाल रहे थे, मगर सात-आठ माह से उन पर आबकारी नीति के संबंध में आरोप लगने शुरू हुए और एक बार सीबीआई ने उनको पूछताछ के लिए बुलाया था। इससे पहले सीबीआई ने उनके घर व अन्य ठिकानों पर छापे मारे। इसके बाद सेे उनकी गिरफ्तारी के कयास लगाए जा रहे थे। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नेे विधानसभा में घोषणा की थी कि मनीष सिसोदिया को सीबीआई गिरफ्तार करेगी। अब देखना है कि जल बोर्ड का प्रभार किस मंत्री को मिलेगा।
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विनोद डबास
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्रियों को दिल्ली जल बोर्ड का प्रभार रास नहीं आ रहा है। मुख्यमंत्री व मंत्री लंबे समय तक जल बोर्ड का प्रभार नहीं संभाल पाए हैं। जल मंत्री रहते हुए पहले सत्येंद्र जैन जेल गए और अब जल बोर्ड का प्रभार रहते उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जेल गए है। हालांकि, ये दोनों नेता जल बोर्ड के नहीं, बल्कि अन्य मामले में जेल गए है, जबकि जल बोर्ड का प्रभार देखने के दौरान कपिल मिश्रा को मंत्री पद से बर्खास्तगी का सामना करना पड़ा था।
वर्ष 2015 के दौरान दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को जल बोर्ड का प्रभार दिया गया, मगर करीब एक साल बाद मंत्री बनाए गए कपिल मिश्रा को सिसोदिया की जगह जल बोर्ड का मंत्री बनाया गया। उनको करीब तीन वर्ष बाद मंत्री सेे हाथ धोेना पड़ा। जल बोर्ड के संबंध में बयानबाजी करने के कारण मुख्यमंत्री उनसे नाराज हो गए थे और उन्होंने मिश्रा को अपनी मंत्रिपद से बर्खास्त कर दिया था।
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कपिल मिश्रा की बर्खास्तगी के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जल बोर्ड का प्रभार अपने हाथों में लिया। इस तरह उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए पहली बार किसी विभाग का प्रभार संभाला, मगर वर्ष 2020 में विधानसभा चुनाव के बाद दोबारा आप की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नेे जल बोर्ड का प्रभार स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को दे दिया। जैन के गत वर्ष हवाला मामले में जेल जाने के बाद मुख्यमंत्री नेे जल बोर्ड समेत उनके पास सभी विभाग उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को दे दिए।
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उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया अन्य विभागों की तरह जल बोर्ड का प्रभार भी बखूबी संभाल रहे थे, मगर सात-आठ माह से उन पर आबकारी नीति के संबंध में आरोप लगने शुरू हुए और एक बार सीबीआई ने उनको पूछताछ के लिए बुलाया था। इससे पहले सीबीआई ने उनके घर व अन्य ठिकानों पर छापे मारे। इसके बाद सेे उनकी गिरफ्तारी के कयास लगाए जा रहे थे। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नेे विधानसभा में घोषणा की थी कि मनीष सिसोदिया को सीबीआई गिरफ्तार करेगी। अब देखना है कि जल बोर्ड का प्रभार किस मंत्री को मिलेगा।