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फर्जी हस्ताक्षर कर मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह को बनाया कंपनी में शेयर होल्डर
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नोएडा। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के फर्जी हस्ताक्षर कर दिल्ली की परमहंस कंपनी में शेयर होल्डर बनाने का मामला सामने आया है। इस मामले में मंत्री की शिकायत पर कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस ने कंपनी मालिक पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-41 स्थित सी वन निवासी सिद्धार्थ नाथ सिंह ने शिकायत की है कि कुछ दिन पहले एक मीडिया हाउस की तरफ से उन्हें ई-मेल प्राप्त हुआ था। इससे उन्हें जानकारी मिली कि परमहंस टेक्नोलॉजी कंपनी जिसका रजिस्टर्ड पता जोरबाग, दिल्ली का है। इस कंपनी में वे शेयर होल्डर हैं। कंपनी के संचालक हरिमोहन हैं जो भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं। इसके बाद उन्होंने कंपनी के बारे में सीए के माध्यम से पता कराया तो खुलासा हुआ कि फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें शेयर होल्डर बनाया गया है। कंपनी के रजिस्ट्रेशन व शेयर होल्डिंग के संबंध में दस्तावेज व बैंक लेनदेन से इस फर्जीवाड़े का पता चला।
मंत्री ने आशंका जताई है कि फर्जी दस्तावेज से कंपनी का शेयर होल्डर दिखाकर धोखाधड़ी की गई है। इस मामले में कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस ने परमहंस कंपनी व हरिमोहन के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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पुलिस के अनुसार, सेक्टर-41 स्थित सी वन निवासी सिद्धार्थ नाथ सिंह ने शिकायत की है कि कुछ दिन पहले एक मीडिया हाउस की तरफ से उन्हें ई-मेल प्राप्त हुआ था। इससे उन्हें जानकारी मिली कि परमहंस टेक्नोलॉजी कंपनी जिसका रजिस्टर्ड पता जोरबाग, दिल्ली का है। इस कंपनी में वे शेयर होल्डर हैं। कंपनी के संचालक हरिमोहन हैं जो भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं। इसके बाद उन्होंने कंपनी के बारे में सीए के माध्यम से पता कराया तो खुलासा हुआ कि फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें शेयर होल्डर बनाया गया है। कंपनी के रजिस्ट्रेशन व शेयर होल्डिंग के संबंध में दस्तावेज व बैंक लेनदेन से इस फर्जीवाड़े का पता चला।
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मंत्री ने आशंका जताई है कि फर्जी दस्तावेज से कंपनी का शेयर होल्डर दिखाकर धोखाधड़ी की गई है। इस मामले में कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस ने परमहंस कंपनी व हरिमोहन के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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