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Noida News: मेवात की सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर हंसीरा को जमानत
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-एससी-एसटी एक्ट मामले में थीं आरोपी, पुलिस को अवमानना नोटिस
स्ंवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। उपमंडल के गांव सिंगार की रहने वाली मेवाती सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर हंसीरा उर्फ हंसी खान को नूंह कोर्ट से जमानत मिल गई है। नूंह की एडिशनल सेशन जज शशि चौहान की अदालत ने हंसीरा को जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी किए। बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट ताहिर हुसैन देवला ने जमानत की पुष्टि की।
इस मामले में अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुन्हाना सिटी थाना प्रभारी और डीएसपी पुन्हाना को अवमानना नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को 19 जनवरी को पेश होकर जवाब देने के लिए तलब किया है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ताहिर हुसैन देवला ने अदालत को बताया कि जांच अधिकारी द्वारा सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की अनदेखी की गई। विशेष रूप से अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य (2014) और सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई मामलों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। अधिवक्ता की दलीलों को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए ही अदालत ने पुलिस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
हंसीरा उर्फ हंसी खान की गिरफ्तारी के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा। कुछ यूजर्स ने पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया, जबकि कई लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया। हंसीरा यूट्यूब और फेसबुक पर काफी सक्रिय हैं और उनकी गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में समर्थन और विरोध दोनों देखने को मिले। जमानत मिलने के बाद उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली है। इस प्रकरण में खास बात यह रही कि पुन्हाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर पहले ही आमजन सवाल उठा रहे थे और अब अदालत ने भी पुलिस की कार्यशैली पर संज्ञान लिया है।
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क्या है मामला
अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, 8 जनवरी 2026 को पुन्हाना सिटी थाना में दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि आरोपी महिला हंसीरा ने फेसबुक पर एक वीडियो/कंटेंट अपलोड किया, जिसे एक विशेष समाज के खिलाफ आपत्तिजनक बताया गया। इसी आधार पर पुलिस ने एससी-एसटी अधिनियम की धारा 3(1)(यू) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था।
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स्ंवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। उपमंडल के गांव सिंगार की रहने वाली मेवाती सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर हंसीरा उर्फ हंसी खान को नूंह कोर्ट से जमानत मिल गई है। नूंह की एडिशनल सेशन जज शशि चौहान की अदालत ने हंसीरा को जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी किए। बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट ताहिर हुसैन देवला ने जमानत की पुष्टि की।
इस मामले में अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुन्हाना सिटी थाना प्रभारी और डीएसपी पुन्हाना को अवमानना नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को 19 जनवरी को पेश होकर जवाब देने के लिए तलब किया है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ताहिर हुसैन देवला ने अदालत को बताया कि जांच अधिकारी द्वारा सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की अनदेखी की गई। विशेष रूप से अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य (2014) और सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई मामलों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। अधिवक्ता की दलीलों को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए ही अदालत ने पुलिस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
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हंसीरा उर्फ हंसी खान की गिरफ्तारी के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा। कुछ यूजर्स ने पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया, जबकि कई लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया। हंसीरा यूट्यूब और फेसबुक पर काफी सक्रिय हैं और उनकी गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में समर्थन और विरोध दोनों देखने को मिले। जमानत मिलने के बाद उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली है। इस प्रकरण में खास बात यह रही कि पुन्हाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर पहले ही आमजन सवाल उठा रहे थे और अब अदालत ने भी पुलिस की कार्यशैली पर संज्ञान लिया है।
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क्या है मामला
अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, 8 जनवरी 2026 को पुन्हाना सिटी थाना में दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि आरोपी महिला हंसीरा ने फेसबुक पर एक वीडियो/कंटेंट अपलोड किया, जिसे एक विशेष समाज के खिलाफ आपत्तिजनक बताया गया। इसी आधार पर पुलिस ने एससी-एसटी अधिनियम की धारा 3(1)(यू) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था।