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केवल डिग्री पर्याप्त नहीं : कुलपति
Thu, 20 Nov 2025 01:55 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Thu, 20 Nov 2025 01:55 AM IST
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श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि के पं. ललित मोहन शर्मा परिसर ऋषिकेश में आयोजित तीन दिवसीय फैकल्टी ओरिएंटेशन कार्यक्रम का बुधवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी और पौड़ी जनपदों के 49 नोडल अधिकारियों एवं शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।
कुलपति प्रो. एनके जोशी ने कहा कि केवल डिग्री अब पर्याप्त नहीं रही। विद्यार्थियों को संवाद कौशल, टीम वर्क, नेतृत्व क्षमता, आलोचनात्मक सोच, समय प्रबंधन, समस्या समाधान तथा प्रोफेशनल एटीकेट जैसी क्षमताओं का विकास करना चाहिए। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, अनुशासन और वास्तविक जीवन स्थितियों को प्रभावी ढंग से संभालने की मानसिक तैयारी प्रदान करता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का मूल दर्शन भी इसी दिशा में है। जिसमें ज्ञान, कौशल और मूल्य आधारित समग्र शिक्षा हो।
कार्यक्रम संयोजक प्रो. डीसी गोस्वामी ने जीवन कौशल की वर्तमान उच्च शिक्षा व्यवस्था में प्रासंगिकता पर विस्तार से बताया। परिसर निदेशक प्रो. एमएस रावत ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत चलाए जा रहे कौशल आधारित पाठ्यक्रमों, रोजगारपरक पहल तथा विद्यार्थियों को उद्योग उन्मुख बनाने की दिशा में किए जा रहे नवाचारों का उल्लेख किया। इस दौरान वाधवानी फाउंडेशन की आर्या शिखा, मुकेश अग्रवाल, कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. गौरव वार्ष्णेय, डा. सीमा बेनीवाल आदि मौजूद रहे।
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कुलपति प्रो. एनके जोशी ने कहा कि केवल डिग्री अब पर्याप्त नहीं रही। विद्यार्थियों को संवाद कौशल, टीम वर्क, नेतृत्व क्षमता, आलोचनात्मक सोच, समय प्रबंधन, समस्या समाधान तथा प्रोफेशनल एटीकेट जैसी क्षमताओं का विकास करना चाहिए। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, अनुशासन और वास्तविक जीवन स्थितियों को प्रभावी ढंग से संभालने की मानसिक तैयारी प्रदान करता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का मूल दर्शन भी इसी दिशा में है। जिसमें ज्ञान, कौशल और मूल्य आधारित समग्र शिक्षा हो।
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कार्यक्रम संयोजक प्रो. डीसी गोस्वामी ने जीवन कौशल की वर्तमान उच्च शिक्षा व्यवस्था में प्रासंगिकता पर विस्तार से बताया। परिसर निदेशक प्रो. एमएस रावत ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत चलाए जा रहे कौशल आधारित पाठ्यक्रमों, रोजगारपरक पहल तथा विद्यार्थियों को उद्योग उन्मुख बनाने की दिशा में किए जा रहे नवाचारों का उल्लेख किया। इस दौरान वाधवानी फाउंडेशन की आर्या शिखा, मुकेश अग्रवाल, कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. गौरव वार्ष्णेय, डा. सीमा बेनीवाल आदि मौजूद रहे।
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