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15 मिनट तक चिल्लाता रहा मैनेजर: पेड़ से टकराकर मर्सिडीज में लगी आग, लॉक हुई कार में मदद को चीखते रहे, लेकिन...
Thu, 02 Feb 2023 08:48 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 02 Feb 2023 08:48 AM IST
सार
नोएडा के सेक्टर-93 स्थित एल्डिको चौराहे के पास दर्दनाक हादसा हुआ है। एक मर्सिडीज में पेड़ से टकराकर आग लग गई। घटना में मैनेजर की जलकर मौत हो गई। मृतक फरीदाबाद की कंपनी में मैनेजर था, हादसे के वक्त वह दिल्ली से नोएडा आ रहा था।
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road accident
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नोएडा के सेक्टर-93 स्थित एल्डिको चौराहे के पास तेज रफ्तार मर्सिडीज कार डिवाइडर पर चढ़कर पेड़ से टकरा गई। टक्कर के बाद कार में आग लग गई। हादसे में कार चला रहे निजी कंपनी के सीनियर मैनेजर की जलकर मौत हो गई। आग लगने के बाद कार ऑटोमैटिक लॉक हो गई थी। जिससे वह बाहर नहीं निकल पाए।
दर्दनाक हादसे के बाद मंगलवार देर रात को मौके पर पहुंची पुलिस ने कार काटकर शव को बाहर निकाला। कोतवाली फेज टू पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सेंट्रल नोएडा के एडीसीपी विशाल पांडेय ने बताया कि रोहिणी, नई दिल्ली निवासी अनुज सहरावत जेसीबी और ट्रैक्टर बनाने वाली फरीदाबाद की एक्शन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट लिमिटेड (एसीई) कंपनी में सीनियर मैनेजर थे।
नोएडा के सेक्टर-168 में भी उनका घर है। मंगलवार देर रात को वह अपनी मर्सिडीज कार से दिल्ली से नोएडा स्थित घर आ रहे थे। सेक्टर-93 में एल्डिको कट के पास तेज रफ्तार मर्सिडीज अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़कर पेड़ से टकरा गई। टकराते ही मर्सिडीज में आग लग गई और कार अंदर से ऑटोमैटिक लॉक हो गई।
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कार के अंदर ही अनुज की जलकर मौत हो गई। राहगीरों की सूचना पर पुलिस व दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार के नंबर के आधार पर मृतक के परिजनों को हादसे की सूचना दी।
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दर्दनाक हादसे के बाद मंगलवार देर रात को मौके पर पहुंची पुलिस ने कार काटकर शव को बाहर निकाला। कोतवाली फेज टू पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सेंट्रल नोएडा के एडीसीपी विशाल पांडेय ने बताया कि रोहिणी, नई दिल्ली निवासी अनुज सहरावत जेसीबी और ट्रैक्टर बनाने वाली फरीदाबाद की एक्शन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट लिमिटेड (एसीई) कंपनी में सीनियर मैनेजर थे।
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नोएडा के सेक्टर-168 में भी उनका घर है। मंगलवार देर रात को वह अपनी मर्सिडीज कार से दिल्ली से नोएडा स्थित घर आ रहे थे। सेक्टर-93 में एल्डिको कट के पास तेज रफ्तार मर्सिडीज अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़कर पेड़ से टकरा गई। टकराते ही मर्सिडीज में आग लग गई और कार अंदर से ऑटोमैटिक लॉक हो गई।
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कार के अंदर ही अनुज की जलकर मौत हो गई। राहगीरों की सूचना पर पुलिस व दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार के नंबर के आधार पर मृतक के परिजनों को हादसे की सूचना दी।
लॉक हुई कार से निकलने का किया प्रयास, 15 मिनट तक चिल्लाते रहे
मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को बताया कि अनुज करीब 15 मिनट तक कार से निकलने का प्रयास करते रहे। तेज आग की लपटों के बीच लॉक कार से वह निकल नहीं सके। आसपास मौजूद लोग भी उनकी मदद नहीं कर पाए। मदद मांगते, मांगते कार के अंदर ही उनकी मौत हो गई।
एक घंटे के बाद शव को निकाला गया बाहर
पुलिस के मुताबिक हादसा होते ही मर्सिडीज कार आग का गोला बन गई थी। आग बुझाने के बाद कटर से काटकर शव को बाहर निकाला गया। इसमें करीब एक घंटे से अधिक का वक्त लग गया। इसके बाद मृतक के परिजनों के बारे में पता लगाया गया और उन्हें इसकी सूचना दी गई। देर रात को परिजन दिल्ली से नोएडा पहुंच गए थे।
सेफ्टी फीचर के बाद भी बरतें एहतियात
मर्सिडीज जैसी प्रीमियम कारों में आग लगने की घटनाएं हैरान करने वाली है। जानकार बताते हैं कि यह कार कई शानदार सेफ्टी फीचर्स के साथ आती हैं। हालांकि इस तरह की कारों को बनाने में प्लास्टिक, फोम, बिजली के तारों या फैब्रिक का इस्तेमाल होता है। तेज टक्कर के बाद ईंधन लीक होने की संभावना हमेशा बनी रहती है और अत्यधिक गर्मी के कारण इंजन या बैटरी में आग लगने का खतरा होता है। दुर्घटनाएं किसी भी समय, किसी भी परिस्थिति में हो सकती हैं।
ऐसी स्थिति कुछ ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं जो किसी की मौत या चोट की संभावना को कम कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में फंसे किसी भी व्यक्ति के लिए जलती हुई गाड़ी से बाहर निकलना पहली और सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता होनी चाहिए। जलती हुई कार के अंदर फंसे होने की स्थिति में, खुद को बाहर निकालने के लिए खुली हुई खिड़कियों को तोड़ने के लिए किसी नुकीली चीज का इस्तेमाल करें। आग से लड़ने के प्राथमिक हथियार के रूप में फायर इस्टींग्यूशर को रखने से भी जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
ऐसी स्थिति कुछ ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं जो किसी की मौत या चोट की संभावना को कम कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में फंसे किसी भी व्यक्ति के लिए जलती हुई गाड़ी से बाहर निकलना पहली और सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता होनी चाहिए। जलती हुई कार के अंदर फंसे होने की स्थिति में, खुद को बाहर निकालने के लिए खुली हुई खिड़कियों को तोड़ने के लिए किसी नुकीली चीज का इस्तेमाल करें। आग से लड़ने के प्राथमिक हथियार के रूप में फायर इस्टींग्यूशर को रखने से भी जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
कार में आग लगने की बड़ी वजहें
- अप्रशिक्षित मकैनिक से सर्विसिंग- कई बार देखा गया है कि कंपनी की ओर से दी जाने वाली फ्री सर्विसिंग खत्म होने के बाद लोग अप्रशिक्षित मकैनिक से सर्विसिंग कराते हैं। कई मामलों में मकैनिक सर्विसिंग के दौरान ऐसी गलतियां कर जाते हैं, जिसकी वजह से गाड़ी में आग लगने की आशंका बढ़ जाती है।
- फ्यूल पाइप में लीकेज- कार के रबड़ फ्यूल पाइप तापमान बढ़ने पर गर्म हो जाते हैं। ऐसे में इनमें लीकेज की समस्या रहती है। पाइप लीक होने पर पेट्रोल रिसता है तो आग पकड़ने की आशंका रहती है।
- गर्म होकर चिपक जाते हैं तार- तापमान बढ़ने पर कार में लगे छोटे-छोटे तार गर्म होकर आपस में चिपकने लगते हैं। तार के ऊपर लगी रबड़ गर्म होने के बाद स्पार्किंग से शॉर्ट सर्किट होने का खतरा रहता है। इसलिए सर्विस के समय पर वायरिंग व पाइप चेक कराते रहना चाहिए।
- कार में अधिक एसेसिरीज लगवाने से बचें- लोग अपनी कार में एक्स्ट्रा लाइट्स, प्रेशन हॉर्न, घंटियां, मंदिर, मूर्तियां वगैरह लगवा लेते हैं। इस तरह के मॉडिफिकेशन के लिए अलग से वायरिंग करनी होती है। इससे भी आग का खतरा रहता है। तार पिघलने का खतरा भी रहता है। इसके अलावा डियोड्रेंट, एयर प्यूरिफायर और
अन्य ज्वलनशील पदार्थ गाड़ी में न रखें।
सीएनजी किट अधिकृत सेंटर से न लगवाना- कार में सीएनजी किट अधिकृत सेंटर से ही लगवाएं। ऐसा न करने से किट फिट करते समय लीकेज की शिकायत हो सकती है। लीकेज होने पर कार में कभी भी आग लग सकती है।
- फ्यूल पाइप में लीकेज- कार के रबड़ फ्यूल पाइप तापमान बढ़ने पर गर्म हो जाते हैं। ऐसे में इनमें लीकेज की समस्या रहती है। पाइप लीक होने पर पेट्रोल रिसता है तो आग पकड़ने की आशंका रहती है।
- गर्म होकर चिपक जाते हैं तार- तापमान बढ़ने पर कार में लगे छोटे-छोटे तार गर्म होकर आपस में चिपकने लगते हैं। तार के ऊपर लगी रबड़ गर्म होने के बाद स्पार्किंग से शॉर्ट सर्किट होने का खतरा रहता है। इसलिए सर्विस के समय पर वायरिंग व पाइप चेक कराते रहना चाहिए।
- कार में अधिक एसेसिरीज लगवाने से बचें- लोग अपनी कार में एक्स्ट्रा लाइट्स, प्रेशन हॉर्न, घंटियां, मंदिर, मूर्तियां वगैरह लगवा लेते हैं। इस तरह के मॉडिफिकेशन के लिए अलग से वायरिंग करनी होती है। इससे भी आग का खतरा रहता है। तार पिघलने का खतरा भी रहता है। इसके अलावा डियोड्रेंट, एयर प्यूरिफायर और
अन्य ज्वलनशील पदार्थ गाड़ी में न रखें।
सीएनजी किट अधिकृत सेंटर से न लगवाना- कार में सीएनजी किट अधिकृत सेंटर से ही लगवाएं। ऐसा न करने से किट फिट करते समय लीकेज की शिकायत हो सकती है। लीकेज होने पर कार में कभी भी आग लग सकती है।
वाहनों में जरूर रखें से ये सामान
- कैंची- अगर कार में आग लगने की स्थिति में आपके सीट बेल्ट जाम हो जाए तो उसे कैंची से काट सकते हैं और समय रहते निकल सकते हैं।
- अग्निशमन यंत्र- कार में आग बुझाने का छोटा उपकरण जरूर रखें, ताकि जरूरत पड़ने आग बुझाने में आप इसकी मदद ले सकें।
- हथौड़ी:- अगर आपकी कार में आग लग गई तो हथौड़ी की मदद से आप कार के शीशे को तोड़कर बाहर निकल सकते हैं।
- अग्निशमन यंत्र- कार में आग बुझाने का छोटा उपकरण जरूर रखें, ताकि जरूरत पड़ने आग बुझाने में आप इसकी मदद ले सकें।
- हथौड़ी:- अगर आपकी कार में आग लग गई तो हथौड़ी की मदद से आप कार के शीशे को तोड़कर बाहर निकल सकते हैं।