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ढाई घंटे दर्द से कराहती रही प्रसूता, डॉक्टर बोले-अगले दिन दिखाना
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नोएडा। सुल्तानपुर गांव से मंगलवार को इलाज के लिए सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल पहुंची एक प्रसूता स्ट्रेचर पर ढाई घंटे तक दर्द से कराहती रही। ओपीडी की लंबी कतार में जब उसका नंबर आया तो डॉक्टर ने एक साथ उसे कई जांच कराने के लिए कह दिया। प्रसूता सविता के साथ आए तीमारदार उसे स्ट्रेचर पर ही अस्पताल की एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग में लेकर भटकते रहे, मगर जांच कहां होंगी, यह पता नहीं चल पाया। जब तक जांच की जगह पता चली, तब तक वहां से स्टाफ नदारद हो चुका था। तीमारदार डॉक्टर के पास प्रसूता को वापस लेकर पहुंचे तो डॉक्टर ने अगले दिन आकर दिखाने की बात कही। लाचार तीमारदार प्रसूता को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस तलाशने लगे, मगर वह भी नहीं मिल पाई। इसके बाद परिजन उसे ऑटो में ले गए। परिजनों का कहना था कि हमारी इतनी आमदनी भी नहीं है, जितना यहां आने-जाने में ऑटो से किराया लग जाता है।
तीमारदार गीता ने बताया कि सविता का 15 दिन पहले ही प्रसव हुआ था। इसके बाद उसे बहुत ज्यादा कमजोरी हो गई थी। उसे उठने-बैठने और चलने में भी परेशानी हो रही थी। इसी कारण वह सविता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। घंटों लाइन में लगने के बाद भी सविता का किसी डॉक्टर ने इलाज तो दूर उसकी जांच करना तक उचित नहीं समझा। सिर्फ ओपीडी में उसका बीपी ही चेक करके टरका दिया गया।
बिना वैक्सीन लगवाए लौटे
मंगलवार को जिला अस्पताल में कई लोगों को बिना वैक्सीन लगवाए ही वापस जाना पड़ा। दरअसल, वैक्सीन लगवाने आए बहुत से ऐसे लोग भी थे, जिन्होंने स्लॉट बुक नहीं किया था। इनमें से बहुत से लोग दूसरी डोज वाले थे। ऐसे लोगों का कहना है कि पूरे देश में एक बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चल रहा है, बावजूद इसके हमें टीका नहीं लग पा रहा है। अस्पताल पहुंचे सोहनलाल ने कहा कि पिछले 4 दिनों से लगातार आ रहा हूं। रोजाना निराश होकर घर जाना पड़ रहा है। वैक्सीन नहीं लग पा रही है। गौरव शर्मा ने कहा कि स्लॉट नहीं मिल पा रहा है। यहां वैक्सीन नहीं लगा रहे हैं। सभी को वैक्सीन लग रही है, मगर मुझे अब तक नहीं लगी है।
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आपातकालीन वार्ड में गंदगी की भरमार
जिला अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में गंदगी से मरीज परेशान हैं। गंदगी की वजह से मरीज वार्ड के अंदर रहना पसंद नहीं कर रहे हैं। वार्ड में गंदगी इतनी ज्यादा है कि बेड के नीचे जगह-जगह कूड़ा पड़ा हुआ है। वार्ड के अंदर ही कुछ मरीजों ने शौच भी कर रखा है। इसकी वजह से अन्य मरीजों को बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है। वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि उन्होंने अस्पताल प्रशासन से शिकायत भी की, मगर कोई सुनवाई नहीं की गई।
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तीमारदार गीता ने बताया कि सविता का 15 दिन पहले ही प्रसव हुआ था। इसके बाद उसे बहुत ज्यादा कमजोरी हो गई थी। उसे उठने-बैठने और चलने में भी परेशानी हो रही थी। इसी कारण वह सविता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। घंटों लाइन में लगने के बाद भी सविता का किसी डॉक्टर ने इलाज तो दूर उसकी जांच करना तक उचित नहीं समझा। सिर्फ ओपीडी में उसका बीपी ही चेक करके टरका दिया गया।
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बिना वैक्सीन लगवाए लौटे
मंगलवार को जिला अस्पताल में कई लोगों को बिना वैक्सीन लगवाए ही वापस जाना पड़ा। दरअसल, वैक्सीन लगवाने आए बहुत से ऐसे लोग भी थे, जिन्होंने स्लॉट बुक नहीं किया था। इनमें से बहुत से लोग दूसरी डोज वाले थे। ऐसे लोगों का कहना है कि पूरे देश में एक बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चल रहा है, बावजूद इसके हमें टीका नहीं लग पा रहा है। अस्पताल पहुंचे सोहनलाल ने कहा कि पिछले 4 दिनों से लगातार आ रहा हूं। रोजाना निराश होकर घर जाना पड़ रहा है। वैक्सीन नहीं लग पा रही है। गौरव शर्मा ने कहा कि स्लॉट नहीं मिल पा रहा है। यहां वैक्सीन नहीं लगा रहे हैं। सभी को वैक्सीन लग रही है, मगर मुझे अब तक नहीं लगी है।
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आपातकालीन वार्ड में गंदगी की भरमार
जिला अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में गंदगी से मरीज परेशान हैं। गंदगी की वजह से मरीज वार्ड के अंदर रहना पसंद नहीं कर रहे हैं। वार्ड में गंदगी इतनी ज्यादा है कि बेड के नीचे जगह-जगह कूड़ा पड़ा हुआ है। वार्ड के अंदर ही कुछ मरीजों ने शौच भी कर रखा है। इसकी वजह से अन्य मरीजों को बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है। वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि उन्होंने अस्पताल प्रशासन से शिकायत भी की, मगर कोई सुनवाई नहीं की गई।