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STF का बड़ा एक्शन: अवैध वसूली का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, गाजियाबाद-नोएडा के बिल्डर से मांगे थे 15 करोड़
Fri, 03 Oct 2025 10:40 PM IST
अनुज कुमार
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
Published by: अनुज कुमार
Updated Fri, 03 Oct 2025 10:40 PM IST
सार
नोएडा की एसटीएफ ने पत्रकार बनकर बिल्डरों से रंगदारी वसूलने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी राजीव शर्मा को दिल्ली से गिरफ्तार किया। बीते दिन पहले ही तीन सदस्यों को पकड़ा जा चुका है।
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आरोपी राजीव शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) नोएडा यूनिट ने एनसीआर में उद्यमियों और बिल्डरों के खिलाफ झूठी शिकायतें कर रंगदारी वसूलने के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सेक्टर 12 नोएडा के राजीव शर्मा के रूप में हुई है। आरोपी पत्रकारिता के नाम पर अवैध वसूली करता था। खुद को पत्रकार बताकर बिल्डरों को धमकाता था।
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एसटीएफ ने इस मामले में गिरोह के तीन सदस्यों को बीते मंगलवार को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकुर गुप्ता गुप्ता (52) निवासी दरियागंज दिल्ली, नरेंद्र धवन और उसका बेटे हरनाम धवन निवासी शास्त्रीनगर सराय रोहिला दिल्ली के रूप में हुई थी। आरोपियों के पास से एसटीएफ ने चार मोबाइल फोन, 62,720 रुपये नकद, एक अमेरिकी डॉलर, एक फर्जी आधार कार्ड और 17 डाक रसीदें बरामद की गई थी।
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आरोपी पिछले तीन साल में दिल्ली-एनसीआर के करीब 25 से अधिक बिल्डरों से पांच करोड़ों की ठगी कर चुके हैं। गिरोह ने साया बिल्डर से पहले 15 करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की थी। जब बिल्डर ने असमर्थता जताई तो रंगदारी की रकम घटाकर पांच करोड़ कर दी गई थी। आरोपियों ने पांच लाख रुपये से अधिक की रकम पहले ही वसूल कर ली थी और शेष के लिए दबाव बना रहे थे।
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नोएडा के अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्र ने बताया कि आरोपी बिल्डरों व उद्यमियों के खिलाफ निराधार शिकायतें ईडी, सीबीआई, आयकर विभाग, जीडीए, रेरा और ईओडब्ल्यू जैसे विभागों में दर्ज कराते थे। बाद में उन्हीं शिकायतों को आधार बनाकर समाचार प्रकाशित और प्रसारित किए जाते थे। जिससे कारोबारी की छवि खराब होती थी। इस बदनामी से बचने और कामकाज सुचारु रखने के लिए उद्यमी रंगदारी देने को मजबूर हो जाते थे।