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स्टार्ट अप इंडिया को पलीता लगा रहा था मास्टरमाइंड मोहित गोयल, कई लोगों की योजना को किया ध्वस्त
Tue, 12 Jan 2021 09:41 AM IST
प्राची प्रियम
सुशांत समदर्शी, नोएडा
सुशांत समदर्शी, नोएडा
Published by: प्राची प्रियम
Updated Tue, 12 Jan 2021 09:41 AM IST
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फर्जी ड्राई फ्रुट्स के नाम पर करोड़ों की ठगी
- फोटो : अमर उजाला
देश के आर्थिक विकास को बढ़ाने के लिए शुरू की गई स्टार्ट अप इंडिया को रिंगिंग बेल का मास्टरमाइंड मोहित गोयल पलीता लगा रहा था। एमबीए पास मोहित शामली का रहने वाला है और वर्ष 2015 में मोहित ने रिंगिंग बेल कंपनी खोली। खुद इसका एमडी बनकर लोगों को 251 रुपये में एंड्रायड फोन देने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की।
रिंगिंग बेल कंपनी की ठगी उस वक्त देश भर में सुर्खियों में था।
इसमें वह 2017 में जेल गया और जेल से बाहर आकर इसने मास्टर फ्रीडम कंपनी की शुरुआत की। इस कंपनी की तरफ से लोगों को 2399 रुपये में मोबाइल, 9900 रुपये में एलईडी 32 इंच टीवी देने का झांसा दिया था। इस मामले में भी कोतवाली सेक्टर-58, गाजियाबाद, जालंधर, पानीपत, गोरखपुर, हल्द्वानी आदि जगहों पर मुकदमा हुआ।
मोहित इस मामले में जेल से जमानत पर छूटा और 2017 में ही वह ड्राई फ्रूट्स
के फर्जी कारोबार में घुस गया। दुबई ड्राई फ्रूट्स कंपनी के शिकार हुए ट्रेडलैब ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड नामक फर्म संचालक रोहित मोहन का कहना है कि हमलोगों ने प्रधानमंत्री के दिखाए रास्ते पर ही स्टार्ट अप के तहत इस फर्म की शुरुआत की थी। लेकिन मोहित गोयल नामक शख्स ने हमलोगों के स्टार्टअप योजना को ध्वस्त कर दिया।
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फर्म संचालक राजेश गोयल का कहना है कि उन्होंने भी स्टार्ट अप योजना के तहत इस काम को आरंभ किया लेकिन मोहित गोयल ने उसके दो करोड़ रुपये डूबा दिया। ऐसे सैकड़ों लोग हैं जो लगातार स्टार्ट अप योजना शुरू करने की दुहाई दे रहे है और मोहित की जाल में फंस गए हैं। स्टार्ट अप इंडिया की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में लाल किले के प्रचीर से की थी। इसके तहत देश में रोजगार के अवसर को उत्पन्न कराना था।
हनी ट्रैप में भी गया है जेल
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि मोहित गोयल वर्ष 2019 में हनी ट्रैप में भी दिल्ली से जेल जा चुका है। वहीं जो भी व्यापारी जिनका पैसा फंसा हुआ है, अगर वह मोहित के खिलाफ आवाज उठाते थे तो उन्हें साजिश के तहत हनी ट्रैप में फंसा देता था। ऐसे ही मामले में राजस्थान के पांच व्यापारियों को हनी ट्रैप में इसने फंसाया है।
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रिंगिंग बेल कंपनी की ठगी उस वक्त देश भर में सुर्खियों में था।
इसमें वह 2017 में जेल गया और जेल से बाहर आकर इसने मास्टर फ्रीडम कंपनी की शुरुआत की। इस कंपनी की तरफ से लोगों को 2399 रुपये में मोबाइल, 9900 रुपये में एलईडी 32 इंच टीवी देने का झांसा दिया था। इस मामले में भी कोतवाली सेक्टर-58, गाजियाबाद, जालंधर, पानीपत, गोरखपुर, हल्द्वानी आदि जगहों पर मुकदमा हुआ।
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मोहित इस मामले में जेल से जमानत पर छूटा और 2017 में ही वह ड्राई फ्रूट्स
के फर्जी कारोबार में घुस गया। दुबई ड्राई फ्रूट्स कंपनी के शिकार हुए ट्रेडलैब ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड नामक फर्म संचालक रोहित मोहन का कहना है कि हमलोगों ने प्रधानमंत्री के दिखाए रास्ते पर ही स्टार्ट अप के तहत इस फर्म की शुरुआत की थी। लेकिन मोहित गोयल नामक शख्स ने हमलोगों के स्टार्टअप योजना को ध्वस्त कर दिया।
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फर्म संचालक राजेश गोयल का कहना है कि उन्होंने भी स्टार्ट अप योजना के तहत इस काम को आरंभ किया लेकिन मोहित गोयल ने उसके दो करोड़ रुपये डूबा दिया। ऐसे सैकड़ों लोग हैं जो लगातार स्टार्ट अप योजना शुरू करने की दुहाई दे रहे है और मोहित की जाल में फंस गए हैं। स्टार्ट अप इंडिया की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में लाल किले के प्रचीर से की थी। इसके तहत देश में रोजगार के अवसर को उत्पन्न कराना था।
हनी ट्रैप में भी गया है जेल
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि मोहित गोयल वर्ष 2019 में हनी ट्रैप में भी दिल्ली से जेल जा चुका है। वहीं जो भी व्यापारी जिनका पैसा फंसा हुआ है, अगर वह मोहित के खिलाफ आवाज उठाते थे तो उन्हें साजिश के तहत हनी ट्रैप में फंसा देता था। ऐसे ही मामले में राजस्थान के पांच व्यापारियों को हनी ट्रैप में इसने फंसाया है।
फर्जी ड्राई फ्रुट्स के नाम पर करोड़ों की ठगी
- फोटो : अमर उजाला
इसके साथ ही पूछताछ में पता चला है कि जो भी कंपनी मोहित गोयल खोलता था। उसका एमडी, प्रोपराइटर या प्रेसिडेंट ऐसे शख्स को बनाता था जो डमी की तरह काम करता था। उस शख्स को वह प्रति महीने 30 से 50 हजार रुपये देता था और उसके आईडी प्रूफ लेकर कंपनी संचालित करता था।
संपत्ति की होगी जांच
अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था लव कुमार ने बताया कि अब तक की जांच में यह पता चला है कि इन लोगों ने फर्जीवाड़ा कर सैकड़ों करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। इसकी जांच की जा रही है। इसके बाद इनके चल अचल संपत्तियों को कानून सम्मत तरीके से जब्त किया जाएगा।
10 करोड़ में बनाई एप बनाने की कंपनी
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि मोहित गोयल ने फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपये की कमाई की है। धोखाधड़ी की कमाई से करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से इसने नोएडा के सेक्टर-62 में गेम्स एप बनाने की कंपनी चला रहा है। यह कंपनी एप कंपनी वीआरके गेम्स के नाम से चल रही है। इस कंपनी का संचालन मोहित की पत्नी धारणा गर्ग करती है।
मोहित से परेशान होकर युवक ने की थी आत्महत्या
पीड़ितों ने बताया कि मोहित गोयल और इसकेलोगों ने ऐसा किया है कि कई फर्म संचालक ने आत्महत्या तक करने की बोत सोच ली। मोहित से परेशान होकर बरेली निवासी इम्त्याजउद्दीन नाम शख्स ने जून 2019 में आत्महत्या भी कर ली थी।
पीड़ितों ने बताया कि मोहित गोयल की कंपनी ने बरेली के एक फर्म से इम्त्याजउद्दीन के माध्यम से ड्राई फ्रूट्स लिए थे। इसके बाद मोहित ने उसके साथ दगाबाजी कर पैसे नहीं दिए। इस पर इम्त्याजउद्दीन फर्म और मोहित के बीच फंस गया और परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी।
संपत्ति की होगी जांच
अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था लव कुमार ने बताया कि अब तक की जांच में यह पता चला है कि इन लोगों ने फर्जीवाड़ा कर सैकड़ों करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। इसकी जांच की जा रही है। इसके बाद इनके चल अचल संपत्तियों को कानून सम्मत तरीके से जब्त किया जाएगा।
10 करोड़ में बनाई एप बनाने की कंपनी
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि मोहित गोयल ने फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपये की कमाई की है। धोखाधड़ी की कमाई से करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से इसने नोएडा के सेक्टर-62 में गेम्स एप बनाने की कंपनी चला रहा है। यह कंपनी एप कंपनी वीआरके गेम्स के नाम से चल रही है। इस कंपनी का संचालन मोहित की पत्नी धारणा गर्ग करती है।
मोहित से परेशान होकर युवक ने की थी आत्महत्या
पीड़ितों ने बताया कि मोहित गोयल और इसकेलोगों ने ऐसा किया है कि कई फर्म संचालक ने आत्महत्या तक करने की बोत सोच ली। मोहित से परेशान होकर बरेली निवासी इम्त्याजउद्दीन नाम शख्स ने जून 2019 में आत्महत्या भी कर ली थी।
पीड़ितों ने बताया कि मोहित गोयल की कंपनी ने बरेली के एक फर्म से इम्त्याजउद्दीन के माध्यम से ड्राई फ्रूट्स लिए थे। इसके बाद मोहित ने उसके साथ दगाबाजी कर पैसे नहीं दिए। इस पर इम्त्याजउद्दीन फर्म और मोहित के बीच फंस गया और परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी।
दो फीसदी कमीशन का ऑफर
फर्जी ड्राई फ्रुट्स के नाम पर करोड़ों की ठगी
- फोटो : अमर उजाला
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि मोहित गोयल पर्दे के पीछे से हर वह काम करता था जिससे कि उसे अधिक से अधिक मुनाफा हो। सेक्टर-62 के कोरेंथम बिल्डिंग में दुबई ड्राई फ्रूट्स कंपनी चलाने के दौरान एक ऑफर शुरू किया था।
इसके तहत जो भी कर्मचारी ड्राई फ्रूट्स बेचने वाले फर्म को लेकर आएगा। उसे दो फीसदी कमीशन मिलेगा। इससे कर्मचारियों में फर्म लाने की होड़ मच गई और इस ऑफर से भी कंपनी में काफी निवेश हुआ।
जांगिड़ की पत्नी लड़ी प्रधानी
दुबई ड्राई फ्रूट्स कंपनी का गिरफ्तार एमडी ओमप्रकाश जांगिड़ ने भी इस फर्जीवाड़े से ठीक ठाक कमाई की। दरअसल मोहित के दोस्त जयपुर निवासी प्रदीप निर्वाण ने ओमप्रकाश से उसकी मुलाकात कराई थी। प्रदीप के कहने पर ही उसे कंपनी में एमडी का पोस्ट दिया गया।
पुछताछ में पता चला है कि पिछले दिनों राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनाव में जांगिड़ की पत्नी अपने गांव से प्रधान का चुनाव लड़ी थी। इसमें जांगिड़ ने काफी पैसे खर्च किए थे। हालांकि उसकी पत्नी चुनाव हार गई थी।
डायरी में मिलेंगे काले चिट्ठे
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि सेक्टर-62 स्थित कंपनी के दफ्तर से पुलिस को कई डायरियां मिली हैं। बताया जाता है कि इन डायरियों में इनके और काले चिट्ठे खुलेंगे। ये आरोपी किसी भी फर्म से कई टन ड्राई फ्रूट्स खरीदते थे।
इसके बाद तुरंत ही इन्हें 10 से 20 फीसदी कम कीमत पर बाजारों में बेच देते थे और उनसे कैश लेते थे। अब तक की जांच में पता चला है कि ये लोग दिल्ली, गुड़गांव, गाजियाबाद में ड्राई फ्रूट्स, मसाले, दाल आदि बेचते थे। इनके पास से बरामद की गई डायरियों ने दुकानों के नाम होने की संभावना जताई जा रही है।
लीगल टीम मजबूत
पुलिस का कहना है कि मोहित गोयल व इसके साथी मजबूत लीगल टीम से लैस थे। फर्जीवाड़ा का एक बड़ा हिस्सा लीगल टीम पर खर्च किया जाता था। जब भी किसी तरह की बात होती तो आधे दर्जन से अधिक वकीलों की फौज इनके सहयोग के लिए खड़े होते थे।
सोमवार को भी जब पुलिस प्रेस कांफ्रेंस के बाद मोहित गोयल को सेक्टर-14ए पुलिस ऑफिस से सूरजपुर कोर्ट में पेश करने के लिए ले गई तो लीगल टीम भी आसपास बनी रही। जब पीड़ितों को इस बारे में पता चला तब ये लोग भी कई वकीलों के साथ कोर्ट पहुंच गए।
इसके तहत जो भी कर्मचारी ड्राई फ्रूट्स बेचने वाले फर्म को लेकर आएगा। उसे दो फीसदी कमीशन मिलेगा। इससे कर्मचारियों में फर्म लाने की होड़ मच गई और इस ऑफर से भी कंपनी में काफी निवेश हुआ।
जांगिड़ की पत्नी लड़ी प्रधानी
दुबई ड्राई फ्रूट्स कंपनी का गिरफ्तार एमडी ओमप्रकाश जांगिड़ ने भी इस फर्जीवाड़े से ठीक ठाक कमाई की। दरअसल मोहित के दोस्त जयपुर निवासी प्रदीप निर्वाण ने ओमप्रकाश से उसकी मुलाकात कराई थी। प्रदीप के कहने पर ही उसे कंपनी में एमडी का पोस्ट दिया गया।
पुछताछ में पता चला है कि पिछले दिनों राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनाव में जांगिड़ की पत्नी अपने गांव से प्रधान का चुनाव लड़ी थी। इसमें जांगिड़ ने काफी पैसे खर्च किए थे। हालांकि उसकी पत्नी चुनाव हार गई थी।
डायरी में मिलेंगे काले चिट्ठे
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि सेक्टर-62 स्थित कंपनी के दफ्तर से पुलिस को कई डायरियां मिली हैं। बताया जाता है कि इन डायरियों में इनके और काले चिट्ठे खुलेंगे। ये आरोपी किसी भी फर्म से कई टन ड्राई फ्रूट्स खरीदते थे।
इसके बाद तुरंत ही इन्हें 10 से 20 फीसदी कम कीमत पर बाजारों में बेच देते थे और उनसे कैश लेते थे। अब तक की जांच में पता चला है कि ये लोग दिल्ली, गुड़गांव, गाजियाबाद में ड्राई फ्रूट्स, मसाले, दाल आदि बेचते थे। इनके पास से बरामद की गई डायरियों ने दुकानों के नाम होने की संभावना जताई जा रही है।
लीगल टीम मजबूत
पुलिस का कहना है कि मोहित गोयल व इसके साथी मजबूत लीगल टीम से लैस थे। फर्जीवाड़ा का एक बड़ा हिस्सा लीगल टीम पर खर्च किया जाता था। जब भी किसी तरह की बात होती तो आधे दर्जन से अधिक वकीलों की फौज इनके सहयोग के लिए खड़े होते थे।
सोमवार को भी जब पुलिस प्रेस कांफ्रेंस के बाद मोहित गोयल को सेक्टर-14ए पुलिस ऑफिस से सूरजपुर कोर्ट में पेश करने के लिए ले गई तो लीगल टीम भी आसपास बनी रही। जब पीड़ितों को इस बारे में पता चला तब ये लोग भी कई वकीलों के साथ कोर्ट पहुंच गए।