फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Mastermind and network of transactions become a puzzle for the police

Noida News: मास्टरमाइंड और लेनदेन का नेटवर्क बना पुलिस के लिए पहेली

Fri, 22 Dec 2023 12:27 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 22 Dec 2023 12:27 AM IST
विज्ञापन
Mastermind and network of transactions become a puzzle for the police
मास्टरमाइंड और लेनदेन का नेटवर्क बना पुलिस के लिए पहेली
विज्ञापन


दो ड्रग्स फैक्टरी के खुलासे का मामला
13 नाइजीरियाई किए थे गिरफ्तार, ईडी की जांच से खुल सकती हैं नशे के धंधे की परतें



16 और 30 मई को दो ड्रग्स फैक्टरी से बरामद हुआ था 450 करोड़ का मादक पदार्थ


माई सिटी रिपोर्टर



ग्रेटर नोएडा। पुलिस ने 16 और 30 मई को ग्रेनो में दो विदेशी ड्रग्स मैथाफीटामाइन (एमडीएमए) फैक्टरी का भंडाफोड़ कर 13 नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया था, लेकिन इसके बाद न तो एक भी आरोपी को पकड़ा गया और न ही ड्रग्स के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराने वाले और ड्रग्स खरीदने वालों तक पुलिस पहुंच गई। लेनदेन के नेटवर्क का भी पर्दाफाश नहीं हो पाया। मास्टरमाइंड नाइजीरियाई माइकल बेंसन का भी कोई सुराग नहीं लगा है। उम्मीद जताई जा रही है कि ईडी की जांच से कई और आरोपियों के नाम उजागर हो सकते हैं।

पुलिस ने 16 मई को थीटा-दो सेक्टर के मकान में फैक्टरी का भंडाफोड़ किया था। फैक्टरी से पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। यहां से 200 करोड़ की ड्रग्स बरामद करने का दावा किया था। पुलिस ने चार आरोपियों को पांच दिन तक रिमांड पर लिया, लेकिन आरोपियों ने राज नहीं उगले।
विज्ञापन

इसके बाद एक आरोपी चिडी को रिमांड पर लेकर 30 मई को मित्रा साेसाइटी के मकान में चल रही दूसरी ड्रग्स फैक्टरी का खुलासा किया। यहां से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस फैक्टरी से 150 करोड़ की सिंथेटिक ड्रग्स बरामद करने का दावा किया था। चिडी से पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला कि दिल्ली के वसंत कुंज में रहने वाला माइकल ग्रेनो की फैक्टरी से ड्रग्स लेकर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और गोवा में आपूर्ति करता है। आरोपी डार्क वेब के जरिये खरीद-फरोख्त करते और क्रिप्टो करेंसी के जरिये करोड़ों का लेनदेन करते थे। एक बार की कार्रवाई में 450 करोड़ की ड्रग्स बरामद की गई।इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि चार साल में कितना बड़े स्तर पर नशे का अवैध कारोबार किया गया। इसी के चलते टेरर फंडिंग के भी आरोप लगे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन





---

एनआईए की कार्रवाई के दौरान खुलासा



ड्रग्स फैक्टरी का खुलासा उस दौरान हुआ जब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) देशभर में तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी। खास बात यह है कि माइकल बेंसन की पत्नी ने हाईकोर्ट में याचिका देकर दावा किया था कि उसके पति को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया था। महिला ने माइकल की बरामदगी की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी शुरू की।





---

पुलिस के संरक्षण में फैक्टरी चलने का खुलासा



चार साल तक शहर में दो ड्रग्स फैक्टरी संचालन होने के खुलासे के बाद वर्ष 2019 से 2023 तक तैनात पुलिसकर्मियों और खुफिया विभाग के जिम्मेदार अफसर और कर्मियों की जांच की गई। खास बात यह रही है कि इस क्षेत्र में तैनात रहे कुछ पुलिस अधिकारी व कर्मी खुलासा करने वाली टीम में भी थे। इससे पुलिस के संरक्षण के आरोपों को बल मिला। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर एडीसीपी नोएडा शक्तिमोहन अवस्थी ने तत्कालीन थानेदार से लेकर बीट के सिपाही तक की जांच की। इसमें कई पुलिसकर्मी दोषी पाए गए, लेकिन इनके नाम अब तक उजागर नहीं किए गए हैं। ईडी की जांच में नशे के सौदागरों को संरक्षण देने वाले पुलिसकर्मी भी फंस सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed