Greater Noida: गौर सिटी सेंटर की 16वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, रहस्यमयी था आर्यन के रहने का तौर तरीका
बरेली का आर्यन पिछले डेढ़ माह से गौर सिटी सेंटर के स्टूडियो अपॉर्टमेंट में किराये का फ्लैट लेकर अकेला रह रहा था। वह कोई काम भी नहीं करता और न पढ़ाई करता था। घरवालों से भी कम ही संपर्क रखता था।
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ग्रेटर नोएडा के बिसरख कोतवाली क्षेत्र के गौर सिटी सेंटर स्टूडियो अपॉर्टमेंट में गुरुवार को एक युवक ने 16वीं मंजिल की छत (टैरिस एरिया) से छलांग लगा दी। वह सीधे तीसरी मंजिल की बालकनी पर गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में मौके पर पहुंची पुलिस और अपॉर्टमेंट के लोगों ने उसे पास के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान आर्यन शर्मा (20) निवासी अनिरुद्धपुर बहेरी जिला बरेली के रूप में हुई है।
न नौकरी करता था न पढ़ाई
कोतवाली पुलिस का कहना है कि बरेली का आर्यन पिछले डेढ़ माह से गौर सिटी सेंटर के स्टूडियो अपॉर्टमेंट में किराये का फ्लैट लेकर अकेला रह रहा था। वह कोई काम भी नहीं करता और न पढ़ाई करता था। घरवालों से भी कम ही संपर्क रखता था। गुरुवार शाम करीब साढ़े पांच बजे वह स्टूडियो अपॉर्टमेंट की 16वीं मंजिल की टेरिस एरिया में गया था। वहां उसने अचानक से छलांग लगा दी। जिस कारण वह तीसरी मंजिल पर टीन शेड एरिया में आकर गिर गया। अपॉर्टमेंट में रहने वाले लोगों के साथ गार्डों ने तुरंत उसे वहां उठाकर एंबुलेंस की मदद से पास के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। जहां से उसे बाद में सेक्टर-39 जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मानसिक तनाव से ग्रस्त था युवक
कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार का कहना है कि शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। घटना की वजह क्या रही। यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। आशंका है कि मानसिक तनाव के कारण युवक ने आत्महत्या की है। घटना स्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मामले में कोई शिकायत भी नहीं मिली है। युवक के पास से मिले दस्तावेज के आधार पर उसके परिवार को सूचित किया गया है। युवक के मोबाइल फोन और अन्य निजी दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। परिवार से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।
प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप
निवासियों का आरोप है कि गौर सिटी सेंटर की ऊपरी मंजिलों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। 16वीं मंजिल की टैरिस एरिया तक किसी भी व्यक्ति की आसानी से पहुंच हो सकती है। वहां किसी प्रकार की सुरक्षा ग्रिल या बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई है। जिससे कोई भी व्यक्ति आसानी से किनारे तक पहुंचता है। टेरिस तक पहुंचने की कोई विशेष निगरानी व्यवस्था नहीं है। न ही वहां सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह से सक्रिय हैं। अगर समय रहते टेरिस पर सुरक्षा ग्रिल या बैरिकेडिंग होती, तो शायद इस युवक की जान बचाई जा सकती थी। इसलिए प्रबंधन की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।