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Noida News: दो निजी विवि सहित 13 शैक्षिक संस्थाओं को बड़ी राहत, कैग की आपत्ति खारिज

Thu, 16 Oct 2025 08:09 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 16 Oct 2025 08:09 PM IST
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Major relief to 13 educational institutions including two private universities, CAG objection rejected
दो निजी विवि सहित 13 शैक्षिक संस्थाओं को बड़ी राहत, कैग की आपत्ति खारिज
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- विधानसभा की लोक लेखा समिति ने नहीं माने कैग के तर्क
- यीडा के अधिकारियों ने कहा, गलत तरीके से कैग ने निकाली दरें, ऐसे में आपत्ति उचित नहीं

माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी के सेक्टर-17 में मिनी स्पेशल डेवलपमेंट जोन (एसडीजेड) में बने दो निजी विवि सहित 13 शैक्षिक संस्थानों को बड़ी राहत मिली है। कैग की करीब छह हजार करोड़ रुपये के नुकसान की आपत्ति और इसकी भरपाई इन शैक्षिक संस्थाओं से किए जाने की सिफारिश के बाद इन संस्थाओं के प्रबंधक मुश्किल में आ गए थे। अब विधानसभा की लोक लेखा समिति ने कैग की आपत्ति को खारिज कर दिया है। ऐसे में पूर्व में वसूली के लिए जारी हुए नोटिस से भी राहत मिल सकती है।
यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि बुधवार को लखनऊ में रही लोक लेखा समिति की बैठक में कैग की आपत्ति पर सुनवाई हुई। इसमें कैग के अलावा प्राधिकरण के अधिकारी भी मौजूद रहे। समिति का कहना है कि जब पूर्व में एक निजी विवि के मामले में यमुना प्राधिकरण की दरों को उचित बताकर राहत दी जा चुकी है। ऐसे में शासन का यह फैसला तो सभी संस्थानों पर एक समान रूप से लागू होगा। समिति के इस निर्देश के बाद अब बाकी 12 संस्थाओं को भी राहत मिलने का रास्ता खुल गया है।
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इससे पहले कैग की आपत्ति के जबाव में प्राधिकरण ने कहा था कि जिस तरह से दरों को तय कर नुकसान का आकलन किया गया। वह उचित नहीं था। प्राधिकरण ने खुद के द्वारा तय की गई दरों की विस्तृत रिपोर्ट और तय लैंडयूज के मुताबिक कीमत लिए जाने की जानकारी दी गई थी। जून में भी बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव रख कर शासन से जरूरी निर्देश यमुना प्राधिकरण ने मांगे थे। बोर्ड में तय हुआ कि शासन से विधिक राय के बाद प्राधिकरण इस मामले में आगे की अपनी कार्रवाई करेगा।
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इनसेट--

2009 में आई थी मिनी एसडीजेड योजना
यमुना प्राधिकरण ने 2009 में मिनी एसडीजेड योजना में शैक्षिक संस्थाओं को भूखंड आवंटित किए थे। इसमें जरूरत के मुताबिक संस्थाओं ने 25 से 250 एकड़ के भूखंड प्राधिकरण से खरीदे। कैग रिपोर्ट में प्राधिकरण की दरों में इन आवंटन के समय करीब 1041 रुपये प्रति वर्गमीटर कम संस्थाओं से लिए जाने की बात कही गई। इससे करीब छह हजार करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया। पूर्व चेयरमैन प्रभात कुमार ने भी इसकी जांच पूर्व में कराई थी। इसके बाद नोटिस भी आवंटियों को जारी किए गए थे।
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