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Noida News: लिफ्ट

Sun, 06 Aug 2023 12:39 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 06 Aug 2023 12:39 AM IST
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Lift Act is remembered on accident, issue stuck in files
हादसे पर याद आता है लिफ्ट एक्ट, फाइलों में अटका मुद्दा
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हादसे पर याद आता है लिफ्ट एक्ट, फाइलों में अटका मुद्दा



नोएडा प्राधिकरण ने आठ साल पहले शासन को भेजी थी फाइल, अब तक मंजूरी का इंतजार



माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। लिफ्ट और एस्केलेटर से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शहर की कई संस्थाओं और अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) के पदाधिकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार से लिफ्ट एक्ट को लागू करने की मांग की है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।

नोएडा प्राधिकरण ने लिफ्ट एक्ट लागू करने के लिए करीब आठ साल पहले एक प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जो अब तक मंजूरी के इंतजार में है। ऐसे में लिफ्ट से संबंधित कोई हादसा होने पर प्राधिकरण अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है। अभी प्राधिकरण सोसाइटी का अधिभोग प्रमाणपत्र जारी करते सम यह देखता है कि लिफ्ट लगी है या नहीं। लिफ्ट के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी बिल्डर या एओए की होती है, प्राधिकरण कुछ जानकारी भी नहीं लेता।
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नोफा के अध्यक्ष राजीव सिंह का कहना है कि प्रदेश को तत्काल लिफ्ट अधिनियम की आवश्यकता है। आरडब्ल्यूए और एओए को दोष देना समाधान नहीं है। वहीं, नेफोमा के अध्यक्ष अन्नू खान का कहना है कि सरकार और प्राधिकरण के अधिकारियों को 10 वर्षों से लिफ्ट कानून को लागू करने के लिए पत्र लिख रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। शहर की 80 से ज्यादा एओए और आरडब्ल्यूए कई सालों से लिफ्ट एक्ट की मांग प्राधिकरण से कर रहे हैं। कुछ खरीदारों के संगठनों ने मुख्यमंत्री से भी मांग कर है। सोसाइटियों के लिए स्ट्रक्चरल ऑडिट पॉलिसी लागू की गई है लेकिन इसमें लिफ्ट का कोई प्रावधान नहीं है।
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इन राज्यों में लागू एक्ट

देश के 11 राज्यों में लिफ्ट एक्ट लागू किया गया है। इनमें महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, केरल, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और असम शामिल है।

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डिवाइस नहीं होने से भी हो रहे हादसे

हादसों को रोकने के लिए इलेक्ट्रिकल और मेंटेनेंस विभाग ने वर्ष 2015 में सभी लिफ्टों में ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (एआरडी) लगाना अनिवार्य किया था।इसके लगाए बिना बिल्डर कंपलीशन सर्टिफिकेट हासिल नहीं कर सकता है, लेकिन प्राधिकरण से यह चोरी-छिपे हो जाता है। डिवाइस लिफ्ट को गिरने से रोकती है। यदि सॉफ्टवेयर फेल हो जाए तो लिफ्ट खुद ही पास के फ्लोर पर जाकर खुल जाएगी।



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किसी भी तरह की दुर्घटना की जिम्मेदारी लिफ्ट बनाने वाली कंपनी और वार्षिक रखरखाव अनुबंध करने वाली कंपनी की होनी चाहिए। अगर सही तरह से एएमसी नहीं दी गई है तो संबंधित एसोसिएशन या बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। - दिनेश सिंह, एओए अध्यक्ष, होम्स-121 सोसाइटी

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लिफ्ट में बहुत सतर्कता रखने की जरूरत है। जो कंपनी लिफ्ट बनाती है उनकी भी जवाबदेही होनी चाहिए। - दीपेेंद्र चौधरी, एओए अध्यक्ष, द गोल्डन पाम सोसाइटी, सेक्टर-168

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लिफ्ट की सही तरीके से रखरखाव होनी चाहिए। लिफ्ट की देखभाल बनाने कंपनी और अधिकृत वेंडर से ही करवाना चाहिए। - नितेश रंजन, एओए अध्यक्ष, प्रतीक विस्टीरिया, सेक्टर-77




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सोसाइटी में लिफ्टों का 24 घंटे उपयोग होता है। कुछ लोग पैसे बचाने के लिए इसकी मरम्मत पर ध्यान नहीं देते, यह उचित नहीं है। - आशीष सिंह, एओए अध्यक्ष, मैक्सब्लिस व्हाइटहाउस, सेक्टर-75
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