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लिफ्ट हादसा : मृतकों के परिजनों का अस्पताल पर हंगामा
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लिफ्ट हादसा : मृतकों के परिजनों का अस्पताल पर हंगामा
- समझाने में पुलिस के छूटे पसीने, मुआवजे की लिखित रिपोर्ट देखकर माने
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। लिफ्ट हादसे में शनिवार को चार और लोगों की मौत के बाद सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में उनके परिजनों ने हंगामा कर दिया। चार घंटे तक अस्पताल में शोर-शराबा रहा। परिजनों को समझाने में पुलिस बल के पसीने छूट गए।
परिजन 50-50 लाख रुपये के मुआवजे और गैरजिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग करते रहे। मौके पर आए पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को 25-25 लाख रुपये मुआवजे की लिखित रिपोर्ट दिखाई, तब जाकर परिजन शांत हुए। जिला अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस पर एसीपी समेत अन्य पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी। परिजनों का कहना था कि वह शव को तब तक नहीं लेंगे जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाएंगी। इस पर पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया गया कि जितना मुआवजा सरकार और निजी कंपनी द्वारा घोषित हुआ है वह सभी को दिलवाया जाएगा।
मामले को लेकर सुबह 9.30 बजे से ही जिला अस्पताल में भीड़ लगना शुरू हो गई। ओपीडी में कई मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। गहमा गहमी बढ़ती देख पुलिस चौकन्नी हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले एक मजदूर के परिजन फूल सिंह ने बताया कि घायलों को टेंपो में भरकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह शर्मनाक है। वहीं अस्पताल में डॉक्टरों ने मरीज से मिलने नहीं दिया। शनिवार सुबह डॉक्टरों उनके भतीजे को मृत घोषित कर दिया। अभी तक उसका मुंह नहीं देख पाए हैं। हमारे साथ बड़ा अन्याय हो रहा है। सभी मृतक मजदूरों के परिजनों ने चेतावनी दी कि मांगे पूरी नहीं हुई तो धरना प्रदर्शन करेंगे।
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- समझाने में पुलिस के छूटे पसीने, मुआवजे की लिखित रिपोर्ट देखकर माने
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। लिफ्ट हादसे में शनिवार को चार और लोगों की मौत के बाद सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में उनके परिजनों ने हंगामा कर दिया। चार घंटे तक अस्पताल में शोर-शराबा रहा। परिजनों को समझाने में पुलिस बल के पसीने छूट गए।
परिजन 50-50 लाख रुपये के मुआवजे और गैरजिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग करते रहे। मौके पर आए पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को 25-25 लाख रुपये मुआवजे की लिखित रिपोर्ट दिखाई, तब जाकर परिजन शांत हुए। जिला अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस पर एसीपी समेत अन्य पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी। परिजनों का कहना था कि वह शव को तब तक नहीं लेंगे जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाएंगी। इस पर पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया गया कि जितना मुआवजा सरकार और निजी कंपनी द्वारा घोषित हुआ है वह सभी को दिलवाया जाएगा।
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मामले को लेकर सुबह 9.30 बजे से ही जिला अस्पताल में भीड़ लगना शुरू हो गई। ओपीडी में कई मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। गहमा गहमी बढ़ती देख पुलिस चौकन्नी हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले एक मजदूर के परिजन फूल सिंह ने बताया कि घायलों को टेंपो में भरकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह शर्मनाक है। वहीं अस्पताल में डॉक्टरों ने मरीज से मिलने नहीं दिया। शनिवार सुबह डॉक्टरों उनके भतीजे को मृत घोषित कर दिया। अभी तक उसका मुंह नहीं देख पाए हैं। हमारे साथ बड़ा अन्याय हो रहा है। सभी मृतक मजदूरों के परिजनों ने चेतावनी दी कि मांगे पूरी नहीं हुई तो धरना प्रदर्शन करेंगे।
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